Connect with us

छत्तीसगढ़

धमतरी : ग्राम पंचायतों में 29 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा जागरूकता सप्ताह

Published

on

धमतरी| भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर ‘आजादी का अमृत महोत्सव‘ के रूप में पूरे साल भर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर पी.एस. एल्मा के निर्देशानुसार जिले की सभी 370 ग्राम पंचायतों में शासन की गाडलाइन के अनुसार कोविड-19 का पालन करते हुए 23 से 29 अगस्त के बीच जागरूकता सप्ताह आयोजित कर मनरेगा के नियमों एवं प्रावधानों की जानकारी ग्रामीणों को दी जाएगी।

जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रियंका महोबिया ने बताया कि इसके तहत जिले की सभी 370 ग्राम पंचायतों एवं क्रियान्वयन एजेंसी द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन कर जनसमूहों में जागरूकता लाने व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। वहीं इन कार्यक्रमों में सांसदों, विधायकों, एवं त्रिस्तरीय निर्वाचित पंचायत राज जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि आजादी का अमृत महोत्सव के कार्यक्रम में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनांतर्गत श्रमिकों को पंचायत भवन में जॉब कार्ड का अधिकार की जानकारी दी जाएगी जिसके अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार कार्य करने के लिए आवेदन करने और इसे पाने के लिए जॉब कार्ड का हकदार होता है। जॉब कार्ड में सभी वयस्क सदस्यों के फोटोग्राफ और नाम होते हैं। कार्य की मांग करने और इसे 15 दिनों के भीतर पाने का अधिकार के तहत इसमें प्रत्येक वित्तीय वर्ष में प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 100 दिनों के कार्यों के लिए आवेदन करने का अधिकार है। पंजीकृत श्रमिक को कार्य की मांग किये जाने की तारीख से 15 दिनों के भीतर कार्य पाने का अधिकार है। बेरोजगारी भत्ते का अधिकार- मनरेगा के अंतर्गत यदि किसी श्रमिक को कार्य करने के लिए आवेदन देने के 15 दिनों के अंदर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो वह श्रमिक दैनिक बेरोजगारी भत्ता पाने का हकदार बन जाता है। योजना बनाने तथा परियोजनाओं की सूची तैयार करने का अधिकार- सभी श्रमिकों को ग्राम सभा/वार्ड सभा में भाग लेने तथा उनकी पंचायत में महात्मा गांधी नरेगा के तहत शुरू किये जाने वाले कार्यों को उनके प्राथमिकता पर निर्णय लेने का अधिकार है।

यह भी पढ़ें   देशभर में रामनवमी महोत्सव की धूम, सरयू नदी में लोगों ने लगाए आस्था की डुबकी

यह भी बताया गया कि महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत कार्य अंतर्गत श्रमिकों को प्राथमिकता के आधार पर उनके निवास के 05 किलोमीटर के दायरे के भीतर कार्यस्थल उपलब्ध कराया जाएगा। कार्य की व्यवस्था निश्चित रूप से उसी विकासखंड में की जाएगी। कार्यस्थलों पर सुविधाओं का अधिकार- महात्मा गांधी नरेगा संबंधित कार्यस्थलों पर श्रमिकों को चिकित्सा सहायता, पेयजल, छाया/शेड, शिशुगृह की सुविधा उपलब्ध करायी जाती है। अधिसूचित मजदूरी दर पाने का अधिकार और 15 दिनों के भीतर मजदूरी पाने का अधिकार है। इसी तरह महात्मा गांधी नरेगा के सम्पूर्ण व्यय के सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) का अधिकार- महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत नागरिकों को सभी कार्यों और हुए व्ययों की सामाजिक अंकेक्षण कराने का अधिकार देते हैं। मजदूरी के भुगतान में हुए विलंब के लिए मुआवजे का अधिकार-महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत श्रमिकों को मजदूरी भुगतान विलंब होने पर मुआवजे का भी अधिकार है।

यह भी पढ़ें   बिलासपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्कर का पर्दाफाश किया

आगे उन्होंने यह भी बताया कि-कोविड-19 के तहत सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करने एवं कुछ अंतर्वैयक्तिक संचार गतिविधियों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा जिसमें अधिकार जागरुकता बैठक के माध्यम से ग्राम पंचायत कार्यालय अथवा स्कूल परिसर में निर्वाचित जन प्रतिनिधि, स्वसहायता समूह की महिलाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वच्छ भारत मिशन के स्वेच्छाग्राही, हितग्राहीमूलक कार्यों से लाभान्वित मनरेगा श्रमिक एवं विगत वर्ष 100-दिवस रोजगार पूर्ण किए परिवार के सदस्यों की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में पावर पाइंट प्रजेन्टेशन के माध्यम से उन्हें महात्मा गांधी नरेगा में श्रमिकों को दिए गए अधिकारों के बारे में बताया जाएगा। अधिकार जागरुकता रैली आयोजित कर एक्ट में दी गई हकदारियों के संबंध में तख्तियों, बैनर व पोस्टर तैयार कर निर्वाचित जन प्रतिनिधि, स्वसहायता समूह की महिलाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वच्छ भारत मिशन के स्वेच्छाग्राही, हितग्राहीमूलक कार्यों से लाभान्वित मनरेगा श्रमिक एवं विगत वर्ष 100 दिवस रोजगार पूर्ण किए परिवार के सदस्यगण गांव में एक रैली निकालकर जनसमूहों को संदेश देंगे। मिडिल या हाई स्कूल में बच्चों के बीच अधिकारों को लेकर पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित कर श्रेष्ठ पेंटिंग्स को पुरस्कृत करते हुए इनकी प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। ये सभी कार्यक्रम कोरोना वायरस कोविड-19 के गाइडलाइन का पालन करते हुए किया जाएगा।    

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

Published

on

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

यह भी पढ़ें   पुलिस महानिरीक्षक रतन लाल डांगी बे लंबित प्रकरणों की समीक्षा उप पुलिस अधीक्षकों की ली बैठक

इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

यह भी पढ़ें   CG News: बस स्टैंड के पास मिली सिरकटी लाश, इलाके में दहशत का मौहाल...

परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

Continue Reading

छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

Published

on

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़: 35 हाथियों के दल ने मचाया उत्पात, फसलों को रौंदकर किया बर्बाद

महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

Continue Reading

कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Published

on

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

यह भी पढ़ें   पुलिस महानिरीक्षक रतन लाल डांगी बे लंबित प्रकरणों की समीक्षा उप पुलिस अधीक्षकों की ली बैठक

बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें   प्राकृतिक आपदा पीड़ितों को 44 लाख रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत

बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending