छत्तीसगढ़
धमतरी : ज़िला जल और स्वच्छता समिति की बैठक में रेट्रोफिटिंग की 11 योजनाओं में आमंत्रित निविदा में मिले न्यूनतम दर का किया गया अनुमोदन

धमतरी| आज जल जीवन मिशन के ज़िला जल और स्वच्छता समिति की बैठक सुबह 9.30 बजे कलेक्टर और समिति के अध्यक्ष पी.एस. एल्मा द्वारा ली गई। बैठक में सर्वसम्मति से रेट्रोफिटिंग के प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त 11 योजनाओं के आमंत्रित निविदा में मिले न्यूनतम दर का स्वीकृति के लिए अनुमोदन किया गया। इस मौके पर कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सोनकुसरे ने जल जीवन मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों की अब तक की प्रगति की जानकारी दी। बताया गया कि रेट्रोफिटिंग के तहत सभी 262 लक्षित योजना को तैयार कर इन्हें तकनीकी स्वीकृति दी जा चुकी है और 246 योजना को प्रशासकीय स्वीकृति जारी हो चुकी है। स्वीकृत योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी देते हुए बताया गया कि 102 में निविदा आमंत्रित कर प्रक्रियाधीन, निविदा आमंत्रण के लिए 55 योजनाएं शेष हैं तथा 89 योजनाओं के लिए कार्यादेश जारी किया गया है और 72 योजनाएं प्रगतिरत हैं। इसके अलावा 16 योजनाओं में प्रशासकीय स्वीकृति जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।
सिंगल विलेज जलप्रदाय योजना की अद्यतन प्रगति की जानकारी देते हुए बताया गया कि 361 में से 162 योजनाएं तैयार कर 132 की तकनीकी स्वीकृति और प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई है। स्वीकृत योजनाओं में 46 में निविदा आमंत्रित और प्रक्रियाधीन है तथा 82 के लिए निविदा आमंत्रण शेष है। अब तक चार का कार्यादेश जारी कर दिया गया है और दो प्रगतिरत है। सोलर आधारित पेयजल योजनाओं में 80 योजनाएं तैयार कर तकनीकी और प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। इसमें 82 सोलर पंप स्थापना कार्य के लिए क्रेडा को कार्यादेश जारी किया गया, जिसमें 30 सोलर पंप स्थापित, 24 काम प्रगतिरत तथा 28 प्रारंभ कार्य शेष है। इसके अलावा 80 पाइप लाइन और घरेलू कनेक्शन कार्य का कार्यादेश जारी किया गया है। इसी तरह समूह जल प्रदाय योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि नौ कार्य प्रस्तावित है
आज की बैठक में कलेक्टर ने सभी आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन, पंचायत भवन, आश्रम शाला भवन, स्कूल भवन की जल जीवन मिशन के पोर्टल में एंट्री करने के निर्देश दिए हैं। इस आधार पर उक्त भवनों में रनिंग वाटर सप्लाई का सत्यापन कराया जाएगा । इसके बाद उनमें रनिंग वाटर की व्यवस्था करने की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने बैठक के अन्त में सभी स्वीकृत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं और इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतने के सख्त निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज़िला पंचायत श्रीमती प्रियंका महोबिया सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है


















