छत्तीसगढ़
जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन

प्रकृति को सहेजने और संवारने में जनजाति समाज का अहम योगदान-श्री तोखन साहू
कार्यक्रम में शामिल हुए केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्यमंत्री
जल, जंगल जमीन के सच्चे रक्षक हैं जनजाति समाज के लोग-विधायक श्री धर्मजीत सिंह
विभिन्न योजनाओं से हितग्राही हुए लाभान्वित, स्टॉल लगाकर दी गई योजनाओं की जानकारी
बिलासपुर, 15 नवंबर 2024/स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आदिवासी जननायक भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती के अवसर पर आज जिले में जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन कोटा ब्लॉक के बेलगहना शासकीय स्कूल में किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार राज्य के जमुई से वर्चुअली जुड़कर लोगों को संबोधित किया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्यमंत्री श्री तोखन साहू मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, कोटा विधायक श्री अटल श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण सिंह चौहान, श्री रामदेव कुमावत, भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री गया प्रसाद, कलेक्टर श्री अवनीश शरण, एसपी श्री रजनेश सिंह, जनजातीय समाज प्रमुख श्री बुधराम बैगा, जेठू राम बैगा, श्री सुभाष परते सहित अन्य समाज प्रमुख भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में जनजातीय समाज के लोग उत्साह से शामिल हुए।
दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत हुई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा के स्वतंत्रता संग्राम में निभाई गई ऐतिहासिक भूमिका और उनकी प्रेरणादायक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान बिरसा आज भी हमारे समाज में एक आस्था के प्रतीक बने हुए हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया। साथ ही इस अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा 6,640 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि की आसंदी से केंद्रीय शहरी विकास राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने उपस्थित सभी लोगों को आदिवासी जननायक भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती के पावन अवसर की शुभकामनाएं और बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज हम यहाँ जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन में एकत्रित हुए हैं, जो हमारे आदिवासी समाज की महान परंपराओं, संस्कृति, और स्वाभिमान का प्रतीक है। भगवान बिरसा मुंडा, हमारे गौरवशाली इतिहास के उस नायक का नाम है, जिन्होंने न केवल अपने समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष किया, बल्कि पूरे देश को स्वतंत्रता के संघर्ष में एक नई दिशा दी। उनके संघर्ष, उनकी वीरता, और उनकी अटूट संकल्पशक्ति ने हमें यह सिखाया कि यदि हमारा संकल्प मजबूत हो, तो कोई भी कठिनाई हमें रोक नहीं सकती। उन्होंने जल, जंगल, और जमीन की रक्षा के लिए अपने जीवन को समर्पित किया और आदिवासी समाज के लिए एक नई जागरूकता का संदेश दिया। देश की आजादी में भी जनजातीय समाज का विशेष योगदान रहा है। जनजाति समाज के नायकों मांझी राम गोंड, शहीद वीर नारायण सिंह जैसे अन्य जननायकों पर हमें गर्व है। जनजाति समाज के लोगों ने भारत की भूमि और प्राकृतिक संपदा को सहेजने का काम किया है। उन्होंने कहा कि हम एकजुट होकर, उनके आदर्शों पर चलें और हमारे देश को और भी सशक्त, स्वाभिमानी और गौरवशाली बनाएं। आजादी के बाद भारतीय संस्कृति को पुनर्जीवित करने और उसे नई पहचान देने का जो कार्य हुआ, वह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संभव हुआ है।
विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जी का संघर्ष सिर्फ सामाजिक और आर्थिक शोषण के खिलाफ नहीं था, बल्कि यह अपनी संस्कृति, अधिकारों और अस्तित्व की रक्षा के लिए एक महाक्रांति थी। आज हम इस जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर उनकी प्रेरणादायक शिक्षाओं को याद करते हुए यह संकल्प लें कि हम सभी मिलकर उनके सपनों को साकार करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे देश के राष्ट्रपति और प्रदेश के मुख्यमंत्री जनजाति समुदाय से है जिससे हमें गर्व का एहसास होता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनजाति समाज की उन्नति और समृद्धि के लिए निरंतर कार्य किया जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा बहुत बड़ा हथियार है। उन्होंने कहा कि आप अपने बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा दें। कार्यक्रम को विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज के लोगों की अहम भूमिका रही है। उनकी विरासत हमें सिखाती है कि अपनी जड़ों से जुड़कर, आत्म-सम्मान के साथ आगे बढ़ना ही सच्ची प्रगति है।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने बताया कि जनमन योजना के तहत पीवीटीजी के सामाजिक और आर्थिक उन्नति का काम किया गया है। अधिकांश योजनाओं सैचुरेशन लेबल हासिल कर लिया गया है। जनजातीय लोगों के लिए धरती आबा जनजाति उत्कर्ष अभियान शुरू किया जा रहा है। इसमें 17 विभाग शामिल होंगे। कार्यक्रम में हितग्राहियों को सामग्री और चेक का वितरण कर लाभान्वित किया गया। एनआरएलएम के तहत समूह की दीदियों को चेक, वनअधिकर पट्टा, किसानों को सब्जियों का मिनी किट, आयुष्मान कार्ड, जाती प्रमाण पत्र, जनमन आवास योजना के तहत आवास की चाबी, सिंचाई पंप का वितरण किया गया। बच्चों को अन्नप्राशन कराया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने समाज प्रमुखों का सम्मान किया। इससे पूर्व अतिथियों ने जिला स्तरीय कार्यक्रम में विभागवार विभागीय गतिविधियों के लिए लगाए गए स्टॉल्स का अवलोकन किया। इस दौरान स्व सहायता समूह के स्टॉल का अवलोकन करते हुए स्व सहायता समूह की दीदियों से चर्चा की और उनके द्वारा तैयार किए गए सामग्रियों की सराहना की। मुख्य अतिथि ने स्कूल शिक्षा, महिला बाल विकास, कृषि विभाग, वन विभाग और पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आदिम जाति विकास विभाग के स्टॉल का बारी-बारी से अवलोकन किया तथा विभागीय योजनाओं से अवगत होते हुए उन्होंने पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करने अधिकारियों को निर्देश दिए। कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्री मनोहर राज, श्री लखन पैंकरा, डीएफओ श्री सत्यदेव शर्मा, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल, अनुविभागीय अधिकारी श्री युगल किशोर उर्वशा सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी, बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोग मौजूद थे। कार्यक्रम में बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।
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