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छत्तीसगढ़

खाद विक्रय में गड़बड़ी, कृषि केन्द्रों पर हुई कार्रवाई

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बिलासपुर। कलेक्टर ने जिले के उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने का निर्देश कृषि विभाग को दिया है। जांच के दौरान अनियमितता पाये जाने पर कृषि केन्द्रों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। कृषि विभाग के उप-संचालक शशांक शिन्दे द्वारा जानकारी दी गई है कि जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी दल के प्रभारी सहायक संचालक अनिल कौशिक, उर्वरक निरीक्षक के.एन.साहू. एवं आर.एस. गौतम द्वारा 13 अगस्त को बेलतरा क्षेत्र के ग्राम लखराम विकासखण्ड बिल्हा के मेमर्स हरिओम कृषि केन्द्र, मेमर्स कृष्णा कृषि केन्द्र एवं मेमर्स आर्या कृषि केन्द्र का निरीक्षण किया गया। इसमें मेमर्स हरिओम कृषि केन्द्र एवं मेमर्स कृष्णा कृषि केन्द्र द्वारा विक्रय दर संबंधी बोर्ड प्रदर्शित नहीं करना पाया गया। इसके अलावा पंजी संधारण में अनियमितता पाई गई। उपरोक्त संस्थानों में उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 35 (1)ए एवं 35(बी) के उल्लंघन पाया गया।

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इसके अतिरिक्त पॉज मशीन में उर्वरक का इंद्राज एवं भौतिक रूप से उर्वरक में भिन्नता पाई गई। इनके द्वारा मासिक प्रतिवेदन नियमित रूप से नहीं भेजा गया है। साथ ही गोदाम में उर्वरकों का विहित रूप से भण्डारण और रखरखाव नहीं किया गया है।
इन अनियमितताओं के कारण मेमर्स हरिओम कृषि केन्द्र तथा मेमर्स कृष्णा कृषि केन्द्र पर कार्रवाई करते हुए 21 दिन के लिये प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए आवश्यक अभिलेख सहित तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। अन्यथा प्रतिष्ठान का लाइसेंस निरस्त करने हेतु उर्वरक निरीक्षक विकासखण्ड बिल्हा को निर्देशित किया गया है।
उप संचालक द्वारा अवगत कराया गया है कि जिले में कृषकों के हित के लिये गुणवत्तायुक्त एवं उचित दर पर उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित हो, इसके लिए लगातार जिले के सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं के स्थल का सतत् निरीक्षण कराया जा रहा है। जिला स्तरीय निगरानी दल द्वारा औचक निरीक्षण किया जा रहा है। अनियमितता पाये जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की सुसंगत धाराओं के तहत् उर्वरक विक्रेताओं पर कार्रवाई की जा रही है।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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