Connect with us

देश

भारत से दुश्मनी मतलब बांग्लादेश की बत्ती गुल, केवल झारखंड ही बिगाड़ देगा खेल

Published

on

नई दिल्ली: बांग्लादेश में नई सरकार का गठन हो गया. नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार के चीफ के तौर पर बांग्लादेश की कमान संभाल ली. अब तक बांग्लादेश की कमान भारत की दोस्त शेख हसीना के हाथ में थी.

मगर अब बांग्लादेश में हुकूमत बदल गई है. तेवर भी बदल जाए तो कोई हैरानी नहीं होगी. बांग्लादेश की कमान भले ही मोहम्मद यूनूस संभाल रहे हों, मगर पर्दे के पीछे से सरकार सेना ही चला रही है. मोहम्मद यूनुस शेख हसीना के कटु आलोचक और विरोधी माने जाते हैं. ऐसे में संभावना यह है कि भारत संग बांग्लादेश के रिश्ते पहले की तरह न रहे. मगर यह सबकुछ बांग्लादेश के ऊपर निर्भर करता है. हालांकि, हकीकत यह भी है कि बांग्लादेश चाहकर भी भारत से दुश्मनी नहीं मोल सकता.

क्यों भारत से दुश्मनी नहीं मोलेगा बांग्लादेश
अब जानते हैं कि आखिर बांग्लादेश भारत संग दुश्मनी क्यों नहीं मोल सकता. तो इसकी कई वजहें हैं, मगर सबसे बड़ी वजह यही है कि हमारी वजह से ही आज बांग्लादेश की दुनिया रोशन है. भारत बांग्लादेश को बिजली का बड़ा हिस्सा देता है. इसके लिए वहां भारत की तरफ से बाकायदा प्लांट लगाए गए हैं. साथ ही यहां से बिजली भी भेजी जाती है. जी हां, अगर हम बिजली की सप्लाई न दें तो बांग्लादेश की बत्ती गुल हो जाएगी. बांग्लादेश को भारत की वजह से बिजली मिलती है. इसके लिए भारत की कंपनियों से उसका करार है. भारत में बांग्लादेश को मुख्यतौर पर बिजली की सप्लाई अडानी पावर लिमिटेड कंपनी करती है. अडानी पावर लिमिटेड का बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड से पावर परचेज्ड एग्रीमेंट है. यह करार 2023 में हुआ था. इसी के तहत बांग्लादेश को बिजली मिल रही है.

यह भी पढ़ें   30 जुलाई राशिफल : जानिए कैसा होगा आपका आज का दिन

झारखंड से कितनी बिजली मिलती है?
अब अगर बांग्लादेश चीन के बहकावे में आकर भारत को आंखें दिखाने की कोशिश करता है तो फिर इसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ सकता है. भारत अगर बिजली सप्लाई रोक दे तो पूरे बांग्लादेश में हाहाकार मच जाएगा. भारत से बांग्लादेश को जो अभी बिजली मिल रही है, वह झारखंड में स्थित अडानी के थर्मल पावर प्लांट से मिल रही है. झारखंड के गोड्डा स्थित अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट से ही बांग्लादेश की बत्ती जल रही है. इस प्लांट से बांग्लादेश को 1496 मेगावाट बिजली सप्लाई की जाती है. तब जाकर बांग्लादेश की जरूरत पूरी होती है.

यह भी पढ़ें   Aaj Ka Rashifal 2 June 2023: जानिए कैसा होगा आज आपका दिन

एनटीपीसी ने तो पावर प्लांट लगा रखा है
अभी बांग्लादेश में इतना बवाल हुआ, मगर भारत की ओर से बिजली सप्लाई में किसी तरह की बाधा नहीं पहुंचाई गई. बांग्लादेश अपनी जरूरत के लिए भारत से बिजली खरीदता है. खुद अडानी पावर लिमिटेड ने कहा कि बांग्लादेश में बवाल के बीच बिजली सप्लाई जारी रहेगी. मगर अब अगर भारत संग बांग्लादेश के रिश्ते खराब होते हैं तो कंपनी डील खत्म कर सकती है. इतना ही नहीं, एनटीपीसी ने बांग्लादेश में बिजली की जरूरतों पूरी करने के लिए 1320 मेगावाट का पावर प्लांट लगा रखा है. बता दें कि अभी बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना भारत में हैं.

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान

Published

on

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिस पर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता ‘मोदी नाम की बीमारी’ से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।

गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना

छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में हुआ यह विकास दिखाई नहीं देता।

यह भी पढ़ें   Corona Crisis: ऑस्ट्रेलिया ने मदद के लिए वेंटिलेटर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स से लोड किया पहला विमान, भारत ने कहा- थैंक्यू

सत्ता के नशे में आंखें चौंधिया गई हैं: दीपक बैज

केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देरी नहीं की। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा:

“भाजपा के लोग मोदी नामक बीमारी से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। एक तरफ देश में महंगाई आसमान छू रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम

आम जनता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता कह रहे हैं कि विकास हो रहा है।”

‘पेट्रोल पंप जाकर जनता से पूछें विकास की हकीकत’

दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें असल विकास देखना है, तो सिक्योरिटी छोड़कर किसी भी आम पेट्रोल पंप पर जाएं और वहां खड़े आम नागरिकों से पूछें कि देश में कितना विकास हुआ है। जनता खुद उन्हें सच्चाई का जवाब दे देगी। बैज ने आगे कहा कि गिरिराज सिंह को सत्ता का नशा हो गया है, जिसके कारण उनकी आंखें चौंधिया गई हैं और उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   बिलासपुर: सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों का सम्मान, SP रजनेश सिंह ने दी सुखमय जीवन की शुभकामनाएं

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

देश

पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास

Published

on

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।

  • महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
यह भी पढ़ें   मेट्रो में सीट पाने के लिए लड़के ने किया गजब ड्रामा, वीडियो वायरल

साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।

  • पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल

पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

  • ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
यह भी पढ़ें   Holika Dahan 2024: होलिका दहन का टाइम कितने बजे से कितने बजे तक है?

वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।

  • संगठन और रणनीति का मिला लाभ

बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending