छत्तीसगढ़
साइबर अपराध मामलों में राहत के लिए बिलासपुर रेंज में 122 पुलिसकर्मियों को साइबर प्रशिक्षण, श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों को मिला नगद पुरस्कार


•सायबर के मामलों में थाना स्तर पर पीड़तो को राहत दिलाने के उद्देश्य से रेज स्तरीय सायबर कार्यशाला का किया गया आयोजन
•सायबर प्रशिक्षण कार्यशाला में जिलों के थानों में पदस्थ चुने हुए 122 प्र.आर./आरक्षक स्तर के कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण
•सायबर प्रशिक्षित प्र.आर./आरक्षक सायबर क्राईम पीड़ितों की थाना स्तर पर ही कर सकेगें सहायता
•प्रशिक्षण उपरांत ली गई परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 10 प्रशिक्षणार्थियों को पुलिस महानिरीक्षक डॉ संजीव शुक्ला के द्वारा दिया गया नगद ईनाम

सायबर क्राईम के पीड़ितों को समय पर राहत प्रदाय करने के लिए बिलासपुर रेंज के जिलों के थानों में पदस्थ चुने हुए आरक्षक व प्रधान आरक्षकों के लिए आज दिनांक 11/11/2024 को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन डॉ.संजीव शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज, बिलासपुर के निर्देशन/मार्गदर्शन में ‘‘चेतना भवन’’ रक्षित केन्द्र बिलासपुर में आयोजित किया गया।
सायबर कार्यशाला का शुभारंभ डा. संजीव शुक्ला पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर एवं रजनेश सिंह, पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर की गरिमामय उपस्थिति में हुआ। प्रारंभिक उद्बोधन में रजनेश सिंह द्वारा सायबर प्रशिक्षण के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए प्रशिक्षणाथियों को सायबर क्राईम से जुड़े मामलों की तकनीकी जानकारी के साथ साक्ष्य संकलन ,सी.डी.आर. विश्लेषण इत्यादि का प्रशिक्षण लेकर थानों में सायबर क्राईम पीड़ितों की मदद करने हेतु कहा गया।

डॉ. संजीव शुक्ला द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा गया कि वर्तमान में परंपरागत अपराधों की तुलना में सायबर से जुड़े मामले अधिक हो रहे हैं। फलतः हर थाने में सायबर की जानकारी रखने वाले पुलिस कर्मचारियों को रखना आवश्यक है, इस बात को ध्यान में रखते हुए जिले के थानों से कम्प्यूटर की जानकारी रखने वाले आरक्षक/प्रधान आरक्षकों को चुना जाकर प्रशिक्षण हेतु बुलाया गया है, प्रशिक्षण उपरांत थाने में इन्हे सायबर नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करना है एवं कहा गया कि पुलिस के सामने वर्तमान समय में सायबर अपराध सबसे बड़ी चुनौती है जो तेजी से नए-नए तरिको के साथ व्यापक रूप से बढ़ रहा है, इसकी विवेचना वही कर पाएगा जो सायबर का ज्ञान रखेगा इसलिए हर थाने में सभी कर्मचारियों को सायबर की बेसिक जानकारी रखना आवश्यक है क्योंकि सायबर ठगी में ठगी के पैसे वापस प्राप्त करने के लिये जो गोल्डन हॉवर होता है वह बहुत ही महत्वपूर्ण होता है, यदि इस समय सही प्रकिया अपनायी जाए तो ठगी का पैसा वापस कराया जा सकता है इसलिए थाने में कम से कम एक सायबर जानकार का होना बहुत आवश्यक हो गया है ,इसलिय यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया है।
इस सायबर कार्यशाला में पीड़ितों के पुलिस थाना उपस्थित होने पर की जाने वाली प्राथमिक कार्यवाही के साथ साथ सायबर क्राईम की विवेचना किस प्रकार की जानी चाहिए, ओपन सोर्स इंटेलीजेंस से किस प्रकार जानकारी प्राप्त की जानी चाहिए, सायबर पोर्टल के उपयोग का तरीका और डिजीटल एविडेंस कलेक्ट कर न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने के संबंध में जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त विवेचना के दौरान प्राप्त रिपोर्ट का अध्ययन व विश्लेषण किस तरह से किया जाता है ,यह बताया गया। जिससे प्रकरणों में सही तरीके साक्ष्यों का प्रस्तुतिकरण किया जाकर अपराधियों को सजा दिलाई जा सके ।
सायबर कार्यशाला में दीपमाला कश्यप, जोनल पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, बिलासपुर, श्री अनुज कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर, श्री प्रभाकर तिवारी, उप निरीक्षक, सायबर शाखा बिलासपुर सहित सायबर मामलों के जानकार विक्कू सिंह, चिरंजीव कुमार एवं विकास राम ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित किया गया। बिलासपुर रेंज के जिला बिलासपुर के 17 ,रायगढ़ के 14, कोरबा के 24, जांजगीर-चांपा के 18, मुंगेली के 17, गौ.पे.म. के 4, सारंगढ़-बिलाईगढ़ के 10 एवं जिला सक्ती के 14 कुल के 122 कर्मचारी प्रशिक्षण से लाभान्वित हुए । प्रशिक्षण में अंतिम भाग में प्रशिक्षणार्थियों से फीडबैक प्राप्त किया गया तथा प्रशिक्षण से जुड़े विषयों पर परीक्षा लेकर 10 प्रशिक्षणार्थियों को पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज द्वारा नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया ।
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।
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