छत्तीसगढ़
Health Tips: आंखों की रोशनी बढ़ाने में बेहद फायदेमंद हैं योगासन
दिनभर कंप्यूटर और मोबाइल फोन पर समय बिताने की वजह से आंखों का कमजोर होना पानी आना सिर भारी होना और आंखों में जलन जैसी परेशानियां आम बात है। तो इनसे छुटकारा दिलाने में बेहद असरदार हो सकते हैं ये योगासन। लंबे समय तक कम्प्यूटर, लैपटॉप के सामने बैठने, घंटों मोबाइल चलाने की वजह से अब कम उम्र के बच्चों में भी आंखों से जुड़ी समस्याएं देखने को मिल रही हैं।नजर कमजोर होना, ड्राई आईज़, आंखों से पानी आना, सिर भारी होना और आंखों में जलन जैसी परेशानियां बहुत ही आम हो चुकी हैं। इसके अलावा अनहेल्दी लाइफस्टाइल, गलत खानपान, आंखों की ठीक से देखभाल न करना, जरूरी न्यूट्रिशन की कमी की वजह से भी आंखों की रोशनी कम हो जाती है। तो इन सभी परेशाानियों को दूर करने और आंखों को हेल्दी रखने के लिए नियमित रूप से योग करना बहुत फायदेमंद होगा। तो आइए जानते हैं कुछ योगासनों के बारे में जिनके रोजाना अभ्यास से आंखों की रोशनी होगी तेज।
हलासन
– इस आसान को करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं।– अब सांस भरते हुए धीरे-धीरे अपने पैरों को ऊपर की ओर उठाते हुए 90 डिग्री का एंगल बनाएं। फिर सांस छोड़ते हुए पैरों को सिर की तरफ लाते हुए पैर की उंगलियों से जमीन छूने की कोशिश करें।– कुछ सेकंड इस पोजिशन में रूकें रहें।– अब सांस लेते हुए वापस पीठ के बल लेट जाएं।– इस आसान के 4 से 5 बार करें।
चक्रासन
– इस आसान को करने के लिए भी पीठ के बल लेटना है।– पैरों को अपने घुटनों से मोड़ें।– हथेलियों को ऊपर की ओर रखते हुए अपनी बाजुओं को कोहनियों से मोड़ें। हथेलियों को सिर के पास रखें।– गहरी सांस भरें और हथेलियों और पैरों पर प्रेशर देते हुए अपने शरीर को ऊपर उठाएं। नीचे देखें। सिर भी बॉडी के साथ ऊपर ही रहेगा।– कुछ सेकेंड इस स्थिति में बने रहें। फिर नॉर्मल पोजिशन में आ जाएं
सर्वांगासन
– इस आसान को करने के लिए जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं।– सांस अंदर लेते हुए अपनी पैरों को सीधे हवा में ऊपर की तरफ उठाएं।– इसके बाद धीमी गति से टांगों को सिर की तरफ मोड़ें। दोनों कोहनियों को जमीन पर टीकाकार हाथों से कमर को सहारा दें।– कंधे, स्पाइन और हिप्स एक सीध में रहेंगे। इस अवस्था में 30 से 60 सेकेंड तक रहें।– इसके बाद सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे पुरानी अवस्था में वापस लौट आएं।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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