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Relationship Tips: किसी बात को लेकर गर्लफ्रेंड है अपसेट, तो न करें ये गलतियां… कर सकते हैं मूड को और खराब

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Relationship Tips: किसी बात को लेकर अगर आपका पार्टनर अपसेट है या नाराज है, तो बार- बार वजह पूछकर उसे इरीटेट करने की गलती न करें। इससे सामने वाले का मूड और ज्यादा खराब हो सकता है और गुस्से में कई बार व्यक्ति ऐसा कुछ कर जाता है, जिससे सामने वाला हर्ट हो सकता है और इसका असर आपके रिलेशनशिप पर भी देखने को मिल सकता है, तो नाराज या अपसेट पार्टनर को कैसे डील करना है आज हम इसके बारे में जानेंगे। 

स्पेस दें

पार्टनर का मूड खराब है, तो उसे कुछ देर अकेला छोड़ा दें। आपको लगेगा कि अकेला छोड़ना तो बिल्कुल सही ऑप्शन नहीं, लेकिन यकीन मानिए ये बहुत की काम की टिप है। स्पेस देने से व्यक्ति को मौका मिलता है सोचने- विचारने का, जो काफी हद तक मदद करते हैं गुस्से को शांत करने में और खराब मूड को सही करने में।

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बोलने से ज्यादा सुनें

अगर आपका पार्टनर नाराज है और आप उसकी वजह जानना चाहते हैं, तो जब वो बात करें, तो उसकी बातों को ध्यान से सुनें, न कि कोई बात पकड़कर उससे बहसबाजी शुरू कर दें।

इरीटेट न करें

कोई भी ऐसा काम न करें, जो गुस्से को शांत करने की जगह बढ़ाने का काम करें। जोर- जोर से फोन पर बातें करना, तेज आवाज में टीवी चलाना या बेमतलब का हंसना कई बारे न चाहते हुए भी सामने वाले का गुस्सा बढ़ाने का काम करते हैं। अगर आपको समझ आ रहा है कि आपका पार्टनर नाराज है या किसी बात से परेशान है, तो थोड़ा टाइम दें उसे नॉर्मल या शांत होने के लिए।

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चाय- कॉफी से बन सकती है बात

अगर आपका पार्टनर नाराज है, तो उसे शांत करने के लिए ऊपर दिए गए टिप्स आजमाएं, जो वाकई काम के हैं। हां, इस सिचुएशन में आप उन्हें चाय या कॉफी जो भी उन्हें पसंद हो, बनाकर पिलाएं। इससे खराब मूड तुरंत ठीक हो सकता है।

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बिलासपुर को मिली नई सौगात

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Chouksey College of Ayurved Research Center & Hospital

बिलासपुर। क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। Chouksey Group of Colleges के अंतर्गत नया Chouksey College of Ayurved Research Center & Hospital अब राष्ट्रीय आयुर्वेद आयोग (NCISM), नई दिल्ली से संबद्ध हो गया है।

यह उपलब्धि बिलासपुर के लिए गौरव की बात है, क्योंकि अब जिले को अपना पहला और एकमात्र निजी बीएएमएस (BAMS) कॉलेज मिल गया है।

कॉलेज प्रबंधन ने बताया कि इस वर्ष होने वाली काउंसलिंग में चौकसे आयुर्वेद कॉलेज में NEET 2025 के आधार पर प्रवेश (Admission) दिए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेद शिक्षा एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।

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ज्ञात रहे कि इस वर्ष Chouksey Group के इंजीनियरिंग कॉलेज में बिलासपुर संभाग में सर्वाधिक प्रवेश (Admissions) हुए हैं। साथ ही डिग्री पाठ्यक्रमों जैसे B.Com, Law, BBA, BCA, PGDCA की सभी सीटें भी पूर्ण रूप से भर गई हैं। यह विद्यार्थियों के बीच चौकसे ग्रुप की बढ़ती लोकप्रियता और विश्वास को दर्शाता है।

चौकसे ग्रुप ऑफ कॉलेजेस के प्रबंध निदेशक डॉ. आशीष जायसवाल ने कहा —
“हमारा संकल्प विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। बिलासपुर में पहला निजी बीएएमएस कॉलेज खुलना न केवल विद्यार्थियों बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। हमें विश्वास है कि यह कॉलेज आयुर्वेद शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।”

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Bilaspur के नामी LCIT Group of Institutions का छात्रों के साथ भयानक फर्जीवाड़ा : वादे बड़े-बड़े, हकीकत पानी-पानी!

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LCIT Group of College bilaspur

बिलासपुर: LCIT Group of Institutions – Bilaspur, जो हर साल एडमिशन के दौरान बड़े-बड़े वादे और लुभावने दावे करता है, उसकी सच्चाई अब धीरे-धीरे सामने आने लगी है। दावा किया जाता है कि यहां आधुनिक लैब्स, अनुभवी फैकल्टी और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा — लेकिन ग्राउंड रियलिटी कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।

बारिश आई, लैब्स ने छलनी बनकर स्वागत किया!
हमें मिले वीडियो में कॉलेज की लैब्स से टपकती छतें साफ़ दिखाई दे रही हैं। जहां स्टूडेंट्स को मशीनों के साथ प्रैक्टिकल करना चाहिए था, वहां अब पानी से बचने के लिए प्लास्टिक की बाल्टियाँ रखी जा रही हैं। सवाल ये उठता है कि जब प्रयोगशालाएं ही सुरक्षित नहीं, तो शिक्षा कितनी सुरक्षित होगी?

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फैकल्टी? बस कागज़ों पर!
सूत्रों के अनुसार, यहां कई फैकल्टी सदस्य केवल ऑन पेपर मौजूद हैं। यानी नाम तो है, पर काम में कहीं नजर नहीं आते। छात्रों का कहना है कि कई विषयों की क्लास ही नियमित नहीं होती।

इंजीनियरिंग प्रिंसिपल भी सिर्फ नाम के!
कहा जा रहा है कि इंजीनियरिंग कॉलेज का प्रिंसिपल भी फुल टाइम नहीं है, बल्कि केवल औपचारिकता निभाने के लिए कागजों पर मौजूद हैं। यह छात्रों के भविष्य के साथ खुला मज़ाक है।

स्टाफ की नियुक्ति पर भी सवाल
बताया जा रहा है कि अधिकांश स्टाफ या तो यहीं के पुराने छात्र हैं या फिर अन्य कॉलेज से किसी वजह से हटाए गए लोग हैं। इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग जाता है।

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🎙 बिलासपुर के इस संस्थान की मार्केटिंग चमचमाती है, लेकिन हकीकत में ढहती छतें, दिखावटी स्टाफ और खोखले दावे छात्रों के सपनों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ज़रूरत है कि शिक्षा को सिर्फ व्यापार न बनाकर, जिम्मेदारी समझा जाए

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क्राइम

ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या का प्रयास, डायल-112 की टीम ने आठ मिनट में बचाई नाबालिग की जान

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Attempt to commit suicide by jumping in front of a train

कोटा रेलवे स्टेशन पर एक 17 वर्षीय नाबालिग युवती ने पारिवारिक विवाद के चलते आत्महत्या करने का प्रयास किया। युवती ट्रेन के सामने कूदने के इरादे से रेलवे पटरी की ओर बढ़ रही थी। घटना की जानकारी मिलते ही डायल-112 की टीम तुरंत हरकत में आई और आठ मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचकर युवती को सुरक्षित बचा लिया गया।

टीम ने समय रहते युवती को रेलवे पटरी से हटाकर, ट्रेन के आने से पहले ही उसकी जान बचाई। इसके बाद, युवती को 112 वाहन में बैठाकर उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया और भविष्य में इस तरह का कदम न उठाने की सलाह दी गई। टीम ने उसे शांतिपूर्ण जीवन जीने और मुश्किल परिस्थितियों का सामना धैर्यपूर्वक करने की समझाइश दी।

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युवती के परिजनों ने बिलासपुर पुलिस और कोटा डायल-112 के आरक्षक सुरेंद्र कौशिक (942) का धन्यवाद किया, जिनकी तत्परता से यह घटना टल गई।

बिलासपुर जिले के पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (आईपीएस) ने इस सराहनीय कार्य के लिए डायल-112 के कर्मचारियों की प्रशंसा की और उन्हें पुरस्कृत किया।

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