छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में शहरी क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों को मिला सामुदायिक वन संसाधन अधिकार
रायपुर| छत्तीसगढ़ में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर शहरी क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों और उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र के गांवों को सामुदायिक वन संसाधन अधिकार मान्यता पत्र प्रदान किया गया।
राज्य के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को यहां बताया कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आज देश में पहली बार शहरी क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों और टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र के गांवों के बीच सामुदायिक वन संसाधन अधिकार मान्यता पत्रों के वितरण की शुरुआत हुई।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र के गांव करही की वन अधिकार समिति के अध्यक्ष नथलू राम मरकाम, जोरातरई गांव के अध्यक्ष बिरबल पदमाकर और मासुलखोई गांव के वन अधिकार समिति के अध्यक्ष हिम्मत सिंह नेताम को समुदायिक वन संसाधन अधिकार प्रदान किया।
उन्होंने बताया कि इसके साथ ही उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र की बरोली और बहीगांव की ग्रामसभाओं को भी समुदायिक वन संसाधन अधिकार के मान्यता पत्र दिए गए। इन्हें मिलाकर कोर क्षेत्र के पांच गांवों की ग्राम सभाओं को 14,000 एकड़ जंगल पर आज सामुदायिक वन संसाधन का अधिकार दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि देश में पहली बार राज्य के शहरों में रहने वाले आदिवासी समुदाय को वहां के जंगलों पर अधिकार देने की शुरूआत आज धमतरी जिले की नगर पंचायत नगरी से की गई। इस नगर पंचायत में तीन गांव चुरियारा, तुमबाहरा और नगरी शामिल है। तीनों को आज कुल 10 हजार 200 एकड़ जंगल पर सामुदायिक वन संसाधन अधिकार दिया गया है।
उन्होंने बताया कि इसके साथ ही आज छत्तीसगढ़ के कुल 700 गांवों को समुदायिक वन संसाधन का अधिकार सौंपा गया। इनमें से अकेले सूरजपुर के 150 गांव और कांकेर जिले के 143 गांव शामिल हैं। इसके अलावा कार्यक्रम में विभिन्न शहरी क्षेत्र में नौ व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र भी दिए गए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘ जल-जंगल-जमीन सहित हर तरह के स्थानीय संसाधनों पर स्थानीय समुदायों का अधिकार सुनिश्चित करना और उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आज का दिन राज्य की करीब 31 प्रतिशत आदिवासी जनसंख्या के स्वाभिमान, गौरव, संस्कृति और सपनों से जुड़ा हुआ है। ’’
उन्होंने कहा,‘‘ लोहांडीगुड़ा क्षेत्र के इस्पात संयंत्र के लिए भू-विस्थापित किसानों की 4200 एकड़ जमीन वापसी का निर्णय लेकर हमने आदिवासी समुदायों तक न्याय पहुंचाने की शुरुआत की। इसी तरह वन अधिकार कानून को प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है। अब तक चार लाख 41 हजार से ज्यादा व्यक्तिगत-पट्टे तथा 46 हजार से ज्यादा सामुदायिक-पट्टे वितरित किए जा चुके हैं। राज्य में पहली बार ग्राम सभाओं को वन संसाधन का अधिकार भी प्राप्त हुआ है।’’
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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