Connect with us

छत्तीसगढ़

केंद्रीय विश्वविद्यालय अमरकंटक मे प्रवेश हेतु सूचना जारी, यहाँ जानिए विश्वविद्यालय में कराये जा रहे सभी कोर्स के बारे में

Published

on

IGNTU: Admission Notice for Certificate and Diploma Courses
Click here for Details
http://www.igntu.ac.in/MeityProject/Meity-IGNTU-Project-AdmissionNotice-2021.pdf
Click here to Apply Online
https://atmanirbharproject.com सम्बंधित कोर्स के बारे में विशेष बाते
1- सर्टिफिकेट कोर्स 3 महीने और डिप्लोमा कोर्स 6 महीने का होगा
2- प्रत्येक कोर्स के लिए सिर्फ 50 सीट ही आवंटित है
3- संबंधित कोर्स का ऑनलाइन अध्ययन कराया जाएगा
4- संबंधित कोर्स से जुड़े व्यवसाय शुरू करने हेतु यह प्रोजेक्ट मदद करेगी
5- अमरकंटक केंद्रीय विश्वविद्यालय से सम्बद्ध यह प्रोजेक्ट व कोर्स आपको आत्मनिर्भर बनने हेतु पूरा सहयोग व मार्गदर्शन देगा
अतः आज के दौर मे आत्मनिर्भरता ही कल को आपको सामर्थ्यवान बनाएगी इसलिए यह मौका आप सभी चुके नही।
अधिक जानकारी के लिए सम्बंधित वेबसाइट पर जाए या दिए गए सम्पर्क सूत्रों से संपर्क करे।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (केंद्रीय विश्वविद्यालय) अमरकंटक में भारत सरकार के प्रोजेक्ट के अधीनस्थ युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 45 विभिन्न प्रकार के उद्यमिता पाठ्यक्रम में प्रवेश दिए जा रहे हैं यह सभी पाठ्यक्रम नई शिक्षा नीति आधारित अति महत्वाकांक्षी एवं महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम है जिसमें युवा केंद्रीय विश्वविद्यालय की डिप्लोमा या सर्टिफिकेट लेने के साथ-साथ वे उद्यमी बनकर निकलेंगे।
इन पाठ्यक्रम को करने के फायदे इसप्रकार है:-
1) पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक करने पर छात्रों को डिप्लोमा या सर्टिफिकेट केंद्रीय विश्वविद्यालय से मिलेगी जिसका उपयोग वे उद्यमिता स्थापित करने तथा अपने कैरियर को स्थापित करने में कर सकेंगे।
2) अपने उद्यम / उद्योग के लिए डीपीआर बना सकेंगे।
3) प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी या नया MSME का पंजीयन करा सकते हैं।
4) एक लाख से लेकर दस करोड़ का आर्थिक सहायता FI से लेकर MSME/ कम्पनी खोल सकते है तथा अपना प्रोडक्ट बना सकते है।
5) औद्योगिक भूमि को अपने कम्पनी के लिए आबँटित कर सकते है।
6) फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाईजेशन प्रारम्भ कर सकते है।

यह भी पढ़ें   थाना सीपत की डीजल चोरों के खिलाफ बड़ी कार्यवाही, 8 आरोपी गिरफ्तार, लगभग 2000 लीटर डीजल जब्त

कोर्स को करने के दौरान युवा – लोन लेने की प्रक्रिया, नए उद्योग या उद्यम खोलने की संपूर्ण प्रक्रिया, नई कंपनी को पंजीयन कराने की प्रक्रिया, उद्योग आधार लेने की प्रक्रिया, क्वालिटी लाइसेंस लेने की प्रक्रिया, प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए डीपीआर बनाने की सुविधा, प्रोजेक्ट के लिए ईपीसी की जानकारी सहित तकनीकी जानकारी, मशीनरी से संबंधित जानकारी, कोटेशन से संबंधित जानकारी इत्यादि समस्त व्यवहारिक प्रक्रिया एवं तथ्यों का प्रशिक्षण ले सकेंगे। युवा डिप्लोमा / सर्टिफिकेट करते-करते अपने उद्यम को स्थापित कर सकेंगे।


यह भारत में पहली बार भारत सरकार की ओर से शुरू कई अत्याधुनिक कोर्स है इससे छात्र अपने कैरियर को संवार सकते हैं तथा अपने आप को उद्यमी बना सकते हैं इसमें टेक्सटाइल सेक्ट,र फूड प्रोसेसिंग, रबर, प्लास्टिक, लेदर, हार्डवेयर, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स सहित 45 विभिन्न सेक्टर के छोटे बड़े मध्यम आकार के उद्यम को स्थापित करने का प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।
इन पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरना है जो की पूर्णतः निशुल्क है, आपके फॉर्म की स्क्रूटनी “पहले-आओ पहले-पाओ” प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी तथा शॉर्टलिस्टेड उम्मीदवारों की सूची जारी की जाएगी जिसके आधार पर वे प्रवेश ले सकेंगे। प्रवेश लेने के बाद उन्हें केंद्रीय विश्वविद्यालय का आईडेंटिटी कार्ड जारी किया जाएगा तथा वे अपने कोर्स के दौरान विश्वविद्यालय के छात्र होंगे और उसी दौरान उन्हें प्रक्रिया पूर्ण कर उद्यम स्थापित करने के समस्त व्यवहारिक एवं प्रायोगिक तथ्यों से प्रशिक्षित कर दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें   अब लोग ‘धान वाले बाबा’ जानेंगे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को...


यह सभी कोर्स ऑनलाइन माध्यम से होने के कारण वे जहां पर हैं वहीं से प्रशिक्षण को प्राप्त कर उद्यमी बन सकते हैं, इन महत्वाकांक्षी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने की अंतिम तिथि 25 जुलाई 2021 है उम्मीदवार 25 जुलाई 2021 तक प्रवेश लेने के लिए अपना ऑनलाइन आवेदन भर सकते हैं। पाठ्यक्रम का उद्देश्य इस क्षेत्र के युवाओं को स्वरोजगार एवं अपना स्वयं का उद्यम प्रारंभ करने का अवसर दिलाना है।
उद्यमिता शिक्षा आपके द्वार तक पहुंचाने के लिए, सरल माध्यम से उपलब्ध कराने, आपकी भाषा में आपको उद्यमी बनाने के उद्देश्य से उद्यमिता-आत्मनिर्भर महाअभियान शुरू किया गया है।
अधिक जानकारी के लिए visit: https://www.atmanirbharproject.com

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

Published

on

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

यह भी पढ़ें   CG Corona Update: छत्तीसगढ़ में आज मिले 114 नए पॉजिटिव मरीज, 188 हुए स्वस्थ, यहाँ देखें जिलेवार मरीजों का आकड़ा

इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

यह भी पढ़ें   अब घर बैठे बनेगा PAN कार्ड! राज्य सरकार के चार साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री ने दी नई सौगात

परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

Continue Reading

छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

Published

on

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

यह भी पढ़ें   सारंगढ़ बिलाईगढ़ : सारंगढ़ में शुरू हुआ ईव्हीएम और व्हीव्हीपैट मशीन की चेकिंग

महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

Continue Reading

कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Published

on

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

यह भी पढ़ें   कोरबा : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने 31 मई तक ई-केवाईसी कराना अनिवार्य, जिले के 71 हजार 820 किसानों के ई-केवाईसी पूर्ण

बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें   पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, बदले गए कई जिलों के एसपी

बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending