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Janganana 2024 Date: अगले साल होगी जनगणना की शुरुआत, आंकड़े 2026 में होंगे प्रकाशित, इस बार संप्रदाय भी पूछेगी सरकार

Janganana 2025 Date: काफी देरी के बाद आखिरकार अब सरकार राष्ट्रीय जनगणना कराने के लिए कमर कस चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक जनगणना अगले साल शुरू होगी। सूत्रों ने बताया कि जनगणना 2025 में शुरू होगी, जो 2026 तक चलेगी।
दरअसल, जनगणना का काम अभी भी रुका हुआ है। सरकार ने फिलहाल नए कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। उम्मीद है कि सरकार जल्द ही जनगणना के कार्यक्रम की घोषणा करेगी। लंबे अरसे से अटकी दशकीय जनगणना की कवायद को शुरू किए जाने की संभावनाओं पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अगस्त में कहा था कि यह अभ्यास उचित समय पर किया जाएगा और एक बार निर्णय लेने के बाद मैं खुद घोषणा करूंगा कि इसे कैसे किया जाएगा।
भारत में पिछली बार जनगणना 2011 में दर्ज की गई थी। अगला चरण 2021 में शुरू होना था, लेकिन कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कारण इसमें देरी हो गई। तब से अगली जनगणना के आंकड़े कब प्रकाशित होंगे, इस बारे में कई सवाल पूछे जा रहे हैं। अब केंद्र सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों ने CNN-News18 से पुष्टि की है कि अगली जनगणना के आंकड़े 2026 में उपलब्ध होंगे। एक शीर्ष सूत्र ने कहा, “डेटा रिकॉर्ड करने की प्रक्रिया 2025 में शुरू होगी और फिर रिपोर्ट 2026 में प्रकाशित होगी।” जनगणना का पहला चक्र अब 2025 से 2035 तक और फिर 2035 से 2045 तक और इसी तरह आगे बढ़ेगा। सूत्रों ने बताया कि परिसीमन प्रक्रिया 2028 तक पूरी होने की संभावना है।
संप्रदाय भी पूछ सकती है सरकार
सरकार जनगणना रिकॉर्ड करने की तैयारी में जुटी हुई है। कुछ राजनीतिक दलों द्वारा जाति जनगणना की मांग के बावजूद न्यूज18 को पता चला है कि फिलहाल सरकार की जाति जनगणना की अनुमति देने की कोई योजना नहीं है। दरअसल, मौजूदा फॉर्म में सर्वेक्षण करने वाला हर व्यक्ति अपना नाम, डिटेल्स, फैमिली डिटेल्स आदि प्रकाशित करता है। वहीं उसके पास धर्म का डिटेल्स दर्ज करने का विकल्प होता है। एक और कॉलम है जो उन्हें अनुसूचित जनजाति या अनुसूचित जाति (SC/ST) के रूप में पहचानता है।
हालांकि, इस बार फॉर्म में एकमात्र अतिरिक्त बात यह होगी कि सर्वेक्षण करने वाले लोगों को अपने धर्म के तहत अपने संप्रदाय का उल्लेख करने की अनुमति होगी। दरअसल, सूत्रों ने बताया कि अब तक जनगणना के दौरान लोगों से उनके धर्म और वर्ग पूछा जाता रहा है। साथ ही सामान्य, अनुसूचित जाति और जनजाति की गणना होती है। हालांकि, इस बार लोगों से यह भी पूछा जा सकता है कि वे किस संप्रदाय के अनुयायी हैं।
विपक्ष कर रहा जाति जनगणना की मांग
कांग्रेस, RJD और कई अन्य पार्टियां जाति जनगणना की मांग कर रही हैं। बिहार में JDU जैसे बीजेपी के गठबंधन सहयोगियों ने भी इस बारे में बात की है, लेकिन केंद्र पर कोई दबाव नहीं डाला है। केंद्रीय स्तर पर अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी कैबिनेट पर छोड़ दिया गया है। बीजेपी की दूसरी सहयोगी तेलुगु देशम पार्टी भी मानती है कि जनगणना होनी चाहिए। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू आम जनता खासकर युवा आबादी के फायदे के लिए ‘कौशल जनगणना’ की सक्रिय वकालत कर रहे हैं।
इतना ही नहीं, RSS भी जाति जनगणना के पक्ष में है, बशर्ते कि यह किसी पार्टी द्वारा राजनीतिक लाभ के लिए न किया जा रहा हो। इस बीच, सूत्रों ने यह भी कहा कि जब जनगणना के आंकड़े प्रकाशित हो जाएंगे, तो सरकार परिसीमन की प्रक्रिया शुरू कर देगी। इससे आने वाले सालों में देश को अधिक निर्वाचित प्रतिनिधि मिलेंगे। परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही 33 प्रतिशत महिला आरक्षण जैसी व्यवस्था लागू की जा सकेगी।
दक्षिण के कई राज्यों खासकर तमिलनाडु ने सख्त जनसंख्या नीति का पालन किया है। इसलिए, सरकार यह देखने के लिए एक प्रस्ताव पर भी विचार कर रही है कि परिसीमन प्रक्रिया के माध्यम से उनके साथ कोई अनुचित व्यवहार न हो। भारत की जनगणना हर दशक में दर्ज की जाती है। पहली जनगणना 1872 में हुई थी। स्वतंत्रता के बाद पहली जनगणना 1951 में और आखिरी जनगणना 2011 में दर्ज की गई थी।
2011 में हुई थी जनगणना
जनगणना के आंकड़े भारत सरकार के लिए नीति निर्माण और कार्यान्वयन और देश में संसाधनों के समान वितरण को सुनिश्चित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। जनगणना जनसंख्या, जनसांख्यिकी, आर्थिक स्थिति आदि सहित कई पहलुओं पर प्रकाश डालती है। कोरोना वायरस महामारी के कारण जनगणना के अभाव में भारत सरकार अभी भी 2011 की जनगणना के आंकड़ों पर निर्भर है।
2011 के आंकड़ों के अनुसार, भारत की जनसंख्या 121.1 करोड़ है, जिसमें 52 प्रतिशत पुरुष और 48 प्रतिशत महिलाएं हैं। इस जनगणना के दौरान ही भारत के इतिहास में पहली बार ट्रांसजेंडर की संख्या को ध्यान में रखा गया था। आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश लगभग 20 करोड़ लोगों के साथ सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है। लिस्ट में दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र है जिसकी आबादी 11 करोड़ से अधिक है। लगभग छह लाख के साथ सिक्किम सबसे कम आबादी वाला राज्य है।
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कल सुबह 11 बजे शुभेंदु अधिकारी लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ, अग्निमित्रा पॉल और निसिथ प्रमाणिक बनेंगे डिप्टी सीएम
पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी होंगे. बीजेपी विधायक दल की बैठक में खुद अमित शाह ने शुभेंदु के नाम पर मुहर लगाई. शुभेंदु के अलावा अग्निमित्रा पॉल और निसिथ प्रमाणिक राज्य के डिप्टी सीएम होंगे. इसका फाइनल ऐलान हो गया है

पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी होंगे. बीजेपी विधायक दल की बैठक में खुद अमित शाह ने शुभेंदु के नाम पर मुहर लगाई. शुभेंदु के अलावा अग्निमित्रा पॉल और निसिथ प्रमाणिक राज्य के डिप्टी सीएम होंगे. इसका फाइनल ऐलान हो गया है. सभी नेता अपने-अपने पद की कल शपथ लेंगे. इससे पहले आज शाम शुभेंदु राज्यपाल से मिलेंगे और सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे.आज हुई विधायक दल की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ ही सुनील बंसल, अमित मालवीय, बिप्लब देब, निशित प्रमाणिक, अग्निमित्र पाल और शंकर घोष मौजूद रहे.
अमित शाह ने कहा कि बंगाल की जनता ने पीएम मोदी पर भरोसा किया है. मैं हाथ जोड़कर राज्य की जनता को देता हूं. हिंसा के बीच राज्य की जनता ने प्रचंड जनादेश दिया है. 321 देवतुल्य कार्यकर्ताओं ने बलिदान दिया है. आज गंगा से गंगासागर तक बीजेपी की सरकारें हैं. हमें विनम्रता से जिम्मेदारी निभानी होगी.
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ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी शुरू
बता दें कि रवींद्र जयंती के मौके पर शनिवार सुबह 10 बजे ब्रिगेड परेड ग्राउंड में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मौजूद रहेंगे. साथ ही एनडीए शासित 20 राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे. रवींद्र जयंती के मौके पर होने वाले शपथ-ग्रहण समारोह में बंगाली रंग की झलक भी देखने को मिलेगी.
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कौन-कौन बन सकता है मंत्रिमंडल का हिस्सा?
बताया जा रहा है कि दिलीप घोष, शंकर घोष, स्वपन दासगुप्ता, निशित प्रमाणमिक, जितेंद्र तिवारी और शरदवत मुखर्जी मंत्री बन सकते हैं. नीलाद्रि शेखर और प्रणत टुडू भी मंत्री पद की दौड़ में हैं. इसके साथ ही रुद्रनील घोष, दुधकुमार मंडल और बंकिम घोष भी मंत्री बन सकते हैं.
बीजेपी की जीत में शुभेंदु का रोल
कई नामों पर चर्चा होने के बावजूद शुभेंदु इस दौड़ में सबसे आगे थे. चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से ही कहा जा रहा था कि ममता बनर्जी के गढ़ भाबानीपुर से जीत दर्ज करने वाले शुभेंदु ही राज्य के नए सीएम होंगे. राज्य में पार्टी की जीत में उनका बड़ा योगदान है. इसके अलावा उन्हें कई वर्षों तक राज्य के मंत्री के रूप में काम करने का अनुभव भी है. इन सब तथ्यों को देखते हुए पार्टी आलाकमान ने उन्हें राज्य में सत्ता की कुर्सी सौंप दी है.
अग्निमित्रा पॉल और निसिथ प्रमाणिक के बारे में
अग्निमित्रा पॉल ने इस विधानसभा चुनाव में आसनसोल दक्षिण से जीत दर्ज की है. उन्हें 1 लाख 19 हजार 582 वोट मिले. उन्होंने 40 हजार से ज्याादा वोटों से इस सीट पर जीत का परचम लहराया. वहीं, निसिथ प्रमाणिक ने माथाभांगा विधानसभा सीट से जीत दर्ज की है. उन्हें 1 लाख 43 हजार 340 वोट मिले, उन्होंने 57 हजार 90 वोटों से जीत दर्ज की है.
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बीजेपी 198, टीएमसी 89 और कांग्रेस 2ः बंगाल चुनाव रिजल्ट का फाइनल आंकड़ा आया, 15 साल बाद ढहा ममता बनर्जी का किला
Bengal Assembly Election Result: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी (BJP) ने इतिहास रच दिया है। बंगाल में भगवा सुनामी के सामने ममता बनर्जी (Mamata Banerjee ) की पार्टी टीएमसी (TMC) ताश की पत्तों की तरह धराशयी हो गई। 15 साल बाद बंगाल में ममता बनर्जी का किला ढह गया और बीजेपी सत्ता पर काबिज हो रही है।

Bengal Assembly Election Result: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी (BJP) ने इतिहास रच दिया है। बंगाल में भगवा सुनामी के सामने ममता बनर्जी (Mamata Banerjee ) की पार्टी टीएमसी (TMC) ताश की पत्तों की तरह धराशयी हो गई। 15 साल बाद बंगाल में ममता बनर्जी का किला ढह गया और बीजेपी सत्ता पर काबिज हो रही है। बंगाल चुनाव रिजल्ट का फाइनल आंकड़ा भी आ गया है। चुनाव आयोग के मुताबिक बीजेपी 9 सीटों पर जीत हासिल कर ली है। वहीं 189 सीटों पर आगे चल रही है। इस तरह भाजपा कुल 198 सीटों पर जीत हासिल करने की तरफ बढ़ रही है। मतगणना अभी जारी है तो अंतिम परिणाम में सीटों में 2-3 का फर्क हो सकता है।
इलेक्शन कमीशन के मुताबिक टीएमसी कुल 89 सीट पर जीत हालिक करने की तरफ बढ़ रही है। तृणमूल कांग्रेस 1 सीटों पर जीत हासिल कर ली है। वहीं 88 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं कांग्रेस 2, सीपीआई (एम) 1 और एजेयूपी 2 सीटों पर आगे चल रही है।
भवानीपुर के काउंटिंग सेंटर पहुंचे ममता और सुवेंदु; बाहर भारी फोर्स तैनात
इधर पश्चिम बंगाल के वीवीआईपी सीट भवानीपुर में हंगामा हो रहा है। यहां 12 राउंड की काउंटिंग की एनाउंसमेंट रोक दी गई है। मतदान केंद्र के अंदर ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी मौजूद हैं। दूसरी पार्टियों के एजेंट का आरोप है कि बीजेपी के एजेंट ने उन्हें बाहर निकाल दिया है। ममता ने भी कहा है कि उनके बहुत सारे एजेंट को काउंटिंग सेंटर से बाहर निकाल दिया गया है। चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक भवानीपुर सीट पर 13 राउंड की काउंटिंग हो चुकी है और इस सीट से बीजेपी के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी अभी पीछे चल रहे हैं। इस सीट पर ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी टक्कर दे रहे हैं।
ममता बनर्जी के घर के बाहर जय श्रीराम के नारे लगे
जबरदस्त जीत होता देख बीजेपी कार्यकर्ता सड़कों पर उतकर जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया है। ममता बनर्जी के घर के बाहर बीजीपी कार्यकर्ताओं ने जय श्रीराम के नारे लगाए। वहीं काउंटिंग के बीच सीएम ममता बनर्जी का बयान सामने आया है। दीदी ने टीएमसी कैंडिडेट और कार्यकर्ताओं से बूथ नहीं छोड़ने की अपील की है।
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पश्चिम बंगाल में BJP की प्रचंड जीत पर बोले PM मोदी- गंगोत्री से गंगासागर तक खिला कमल, घुसपैठियों पर होगा सख्त एक्शन
PM Modi Speech: पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में बीजेपी को मिली ऐतिहासिक जीत के बाद देश की सियासत में बड़ा संदेश गया है। खासकर बंगाल में जीत को पार्टी की सबसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धियों में गिना जा रहा है। इस जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ। इस दौरान पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं से खचाखच भरे माहौल में पीएम मोदी ने देश को संबोधित किया।

PM Modi Speech: पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में बीजेपी को मिली ऐतिहासिक जीत के बाद देश की सियासत में बड़ा संदेश गया है। खासकर बंगाल में जीत को पार्टी की सबसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धियों में गिना जा रहा है। इस जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ। इस दौरान पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं से खचाखच भरे माहौल में पीएम मोदी ने देश को संबोधित किया।
ऐतिहासिक दिन, कार्यकर्ताओं की साधना का परिणाम
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत ‘भारत माता की जय’ के साथ की और कार्यकर्ताओं से अनुशासन बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह दिन सिर्फ चुनावी जीत का नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि “जब साधना सिद्धि में बदलती है, तो जो खुशी होती है, वही आज हर कार्यकर्ता के चेहरे पर दिखाई दे रही है।”
नितिन नवीन के नेतृत्व की तारीफ
पीएम मोदी ने पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष पद संभालने के बाद यह उनका पहला बड़ा चुनाव था और उन्होंने कार्यकर्ताओं को जिस तरह मार्गदर्शन दिया, वह इस जीत में बेहद अहम साबित हुआ।
“भारत मदर ऑफ डेमोक्रेसी” — जनता का आभार
प्रधानमंत्री ने देशभर में हुए उपचुनावों का जिक्र करते हुए महाराष्ट्र, गुजरात, नागालैंड और त्रिपुरा में मिली जीत के लिए जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारत ने एक बार फिर दुनिया को दिखाया है कि वह “मदर ऑफ डेमोक्रेसी” है, जहां लोकतंत्र सिर्फ व्यवस्था नहीं, बल्कि संस्कार है।
93% मतदान बना रिकॉर्ड, महिलाओं की बढ़ी भागीदारी
मोदी ने पश्चिम बंगाल में 93% मतदान को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का प्रमाण है। उन्होंने केरल, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी रिकॉर्ड मतदान का उल्लेख किया। खास तौर पर महिलाओं की बड़ी भागीदारी को उन्होंने लोकतंत्र की सबसे उजली तस्वीर बताया।
“गंगोत्री से गंगासागर तक खिला कमल”
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण का सबसे चर्चित बयान देते हुए कहा कि “आज गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक कमल ही कमल खिला है।” उन्होंने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और अब पश्चिम बंगाल में एनडीए सरकार बनने को मां गंगा का आशीर्वाद बताया।
मां गंगा और असम की जनता का आशीर्वाद
मोदी ने 2013 में काशी से अपना नामांकन भरने का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय उन्होंने कहा था कि उन्हें मां गंगा ने बुलाया है। उन्होंने कहा कि आज भी वही आशीर्वाद बना हुआ है। साथ ही असम की जनता का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि वहां तीसरी बार एनडीए पर भरोसा जताया गया है और अब राज्य विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा।
“नागरिक देवो भव” और गुड गवर्नेंस पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि बीजेपी का मूल मंत्र “नागरिक देवो भव” है और पार्टी जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार और गुजरात के चुनावी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि जनता लगातार बीजेपी के सुशासन पर भरोसा जता रही है।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद किया
मोदी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आज उनकी आत्मा को शांति मिली होगी। उन्होंने कहा कि मुखर्जी ने बंगाल को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाए रखने के लिए संघर्ष किया था और आज की जीत उसी विचारधारा की जीत है।
वंदे मातरम् के 150वें वर्ष में जीत का महत्व
प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम् के 150वें वर्ष में मिली यह जीत ऐतिहासिक है और यह बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि बंगाल में अब एक नया अध्याय शुरू हो रहा है, जहां भयमुक्त और विकासयुक्त शासन होगा।
“नया सूर्योदय”—बंगाल के लिए बड़ा वादा
मोदी ने कहा, “4 मई की शाम भले ढल रही हो, लेकिन बंगाल की पावन धरती पर एक नया सूर्योदय हुआ है।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य में विकास, विश्वास और नई उम्मीदों के साथ नई यात्रा शुरू होगी।
पहली कैबिनेट में आयुष्मान योजना, घुसपैठियों पर एक्शन
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि पहली कैबिनेट बैठक में ही आयुष्मान भारत योजना को मंजूरी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं को रोजगार और पलायन रोकना सरकार की प्राथमिकता होगी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भयमुक्त बंगाल का संकल्प, टैगोर का जिक्र
गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर को याद करते हुए मोदी ने कहा कि उनका सपना “जहां मन भयमुक्त हो” अब साकार किया जाएगा। उन्होंने वादा किया कि बीजेपी बंगाल में भयमुक्त वातावरण बनाकर दिखाएगी।
“बदला नहीं, बदलाव” की राजनीति का दिया संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण के अंत में बंगाल की राजनीति को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब डर नहीं, बल्कि लोकतंत्र जीता है।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील करते हुए कहा कि अब “बदला नहीं, बदलाव” की राजनीति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बीते दशक में राजनीतिक हिंसा ने कई जिंदगियां बर्बाद की हैं, इसलिए अब समय आ गया है कि इस चक्र को खत्म किया जाए।
मोदी ने कहा, “भय नहीं, भविष्य की बात होनी चाहिए।” उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे यह न देखें कि किसने किसे वोट दिया, बल्कि सभी मिलकर बंगाल के विकास के लिए काम करें।
वैश्विक संकट के बीच भारत ने चुनी स्थिरता
मोदी ने चुनाव के समय की वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि जब देश में मतदान हो रहा था, तब दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और आर्थिक संकट के हालात थे।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट का असर पूरी दुनिया पर पड़ा है, लेकिन भारत ने इन चुनौतियों के बीच भी स्थिरता को चुना। उन्होंने कहा कि यह चुनाव परिणाम दिखाते हैं कि भारत के लोग विकसित भारत के लक्ष्य के साथ एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहते हैं।
अंग, बंग और कलिंग—भारत के ऐतिहासिक स्तंभ
प्रधानमंत्री ने भारत के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि जब देश समृद्ध था, तब “अंग, बंग और कलिंग” उसके मजबूत स्तंभ थे।
उन्होंने बताया कि अंग यानी आज का बिहार शिक्षा और ज्ञान का केंद्र था, जहां नालंदा और विक्रमशिला जैसे विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालय थे। बंगाल को उन्होंने भारत की सांस्कृतिक आत्मा की आवाज बताया, जबकि कलिंग (आज का ओडिशा) समुद्री व्यापार का वैश्विक केंद्र हुआ करता था।
नारी शक्ति पर जोर, विपक्ष पर निशाना
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में नारी शक्ति को भारत के विकास का अहम स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि हाल ही में महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने नारी शक्ति की प्रगति को रोकने की कोशिश की।
मोदी ने कहा कि “मैंने पहले ही कहा था कि महिला आरक्षण का विरोध करने वालों को महिलाओं का आक्रोश झेलना पड़ेगा।” उन्होंने Tतृणमूल कांग्रेस (TMC) और द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) पर निशाना साधते हुए कहा कि बहनों-बेटियों ने उन्हें सजा दी है।
उन्होंने केरल में लेफ्ट और कांग्रेस पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि वहां की महिलाएं अगली बार उन्हें भी सबक सिखाएंगी। वहीं समाजवाजी पार्टी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की महिलाओं का आक्रोश उन्हें झेलना पड़ेगा और महिला विरोधी सोच को जनता माफ नहीं करेगी।
शांतिपूर्ण मतदान लोकतंत्र की जीत
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान हुआ और हिंसा में किसी निर्दोष की जान नहीं गई। इसे उन्होंने लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया और चुनाव आयोग समेत सभी संस्थाओं की सराहना की।
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