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छत्तीसगढ़

भाजपा प्रदेश प्रभारी ने बिलासपुर और सरगुजा संभाग की ली बैठक, कहा- ‘टीकाकरण अभियान में पूरी तरह से प्रदेश सरकार नाकाम’

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बिलासपुर। भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री व प्रदेश प्रभारी डी.पुरंदेश्वरी ने भाजपा के बिलासपुर व सरगुजा संभाग के प्रमुख पदाधिकारियों की वर्चुअल माध्यम से बैठक लेकर सेवा ही संगठन अभियान की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कोरोना को परास्त करने के लिये टीकाकरण एक महात्वपूर्ण अस्त्र है। केन्द्र की हमारी सरकार ने प्रदेश सरकार को हर संभव मदद दे रही है।


लेकिन प्रदेश सरकार पहले दिन से टीकाकरण अभियान पर सवाल उठाने में लगी थी यही कारण है कि प्रदेश में लगातार भ्रम की स्थिति बनी हुई है। जिस हम सबको दूर करने की जरूरत है। इसके साथ ही प्रदेश की नाकाम सरकार को हर मोर्चे पर हमें करारा जवाब देना होगा। प्रदेश प्रभारी ड़ी पुरंदेश्वरी ने सेवा ही संगठन अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक से जनता से जुड़ने अपील है। प्रदेश सरकार के नाकामियों के बताकर हम सबको सेवाभाव के साथ जुटे रहना होगा।

प्रदेश सहप्रभारी व मंत्री नतीन नबीन ने कहा कि हम इस समय पर जनता के बीच कोरोना गाइडलाइन का पालन कर हर संभव मदद के लिये सक्रिय रहना होगा। प्रदेश की जनता को कांग्रेस की सरकार ने इस पीड़ा काल में भगवान भरोसे छोड़ दिया है। हम सबको जनता के विश्वास पर खरा उतरना होगा।

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प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक कार्यकर्ताओं की सहभागिता से सेवा ही संगठन अभियान को सफल बनाने में जुटे है। इस अभियान का हमें अच्छा प्रतिशाद मिल रहा है। हम समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने में सफल हुए है।
केन्द्रीय मंत्री रेणुका सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार प्रदेश सरकार को हर संभव मदद कर रही है। लेकिन प्रदेश की सरकार कोरोना से लड़ने के बजाय अपने आपसी लड़ाई में व्यस्त है ।जिसका नुकसान प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है। इसके साथ ही केन्द्र द्वारा संचालित प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को लेकर प्रदेश सरकार की कोई रूचि नहीं है।


नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि शहर के बाद गांव के स्तर पर जिस तरह से कोरोना विस्तार हो रहा है। उस पर अंकुश लगाने में पुरी तरह प्रदेश सरकार नाकाम है। अब हालत है कि कोरोना के आंकड़े ही छिपाये जा रहे हैं। कोरोना के जांच के नाम पर कुछ भी नही रहा है।राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम कहा कि प्रदेश में कोरोना की स्थिति भयावह है। लेकिन हम सब सेवा ही संगठन अभियान के माध्यम से कोरोना को परास्त करने में कारगर कदम उठा रहे हैं। कोरोना मुक्ति अभियान में पार्टी हर कार्यकर्ता अपना महात्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

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बैठक संचालन प्रदेश महामंत्री व विधायक नारायण चंदेल व महामंत्री भूपेन्द्र सवन्नी ने किया। बैठक में प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, प्रदेश महामंत्री किरण देव व आईटी सेल प्रदेश संयोजक दीपक मस्हके व बिलासपुर से पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर, संभाग प्रभारी कृष्णा राय,सांसद अरूण साव, गोमती साय, गुहाराम अजगले, पूर्व मंत्री व विधायक पुन्नूलाल लाल मोहले,पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल, कृष्ण मूर्तिबांधी, रजनीश सिंह, सौरभ सिंह व पूर्व महामंत्री गिरधर गुप्ता, विजय शर्मा, ओपी चौधरी सहित जिलाध्यक्ष व सरगुजा से पूर्व सांसद नंदकुमार साय, पूर्व प्रदेश संगठन महामंत्री रामप्रताप सिंह,मंत्री रामसेवक पैकरा,भैय्यालाल रजवाड़े, श्यामबिहारी जायसवाल,अखिलेश सोनी, अनुराग सिंह देव, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव सहित पार्टी पदाधिकारी व जिलाध्यक्ष व पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया|

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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