छत्तीसगढ़
Korba: 5 साल पहले हुए हत्या के मामले का हुआ खुलासा. तीन आरोपी गिरफ्तार… जानिए पूरा मामला

कोरबा| थाना कुसमुण्डा के गुम इंसान कमांक 02/2019 से संबंधित है। 20 जनवरी 2019 में सलमा सुल्ताना लस्कर के पिता का देहांत हुआ था अंतिम संस्कार कार्यक्रम में सलमा उपस्थित नहीं हुई थी, काफी दिनों से सलमा के परिजनों का सलमा से संपर्क नहीं हुआ था अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में सलमा के रहने से उनके परिजनों द्वारा कुछ अनहोनी की आशंका में कुसमुण्डा थाने में गुम इंसान दर्ज कराया था।
मार्च 2023 में राज्य स्तरीय आपरेशन मुस्कान में गुम इंसान महिलाओं एवं बच्चों का पता तलाश करने के लिए विशेष प्रयास किया जा रहा था इसी कड़ी में थाना कुसमुण्डा के गुम इंसान सलमा सुल्ताना की केस डायरी का भी बारीकी से अवलोकन किया गया जिसमें यह बात पता चला कि परिवार के कुछ सदस्यों का कथन लिया जाना शेष है कथन लेने पर पता चला कि यूनियन बैंक से सुल्ताना द्वारा लोन लिया गया था। इस संबंध में यूनियन बैंक से जानकारी प्राप्त की गयी। बैंक से पता चला कि अभी भी बैंक एकाउंट में पैसा डिपोजिट हो रहा है एवं यह पैसा ईएमआई के तौर पर गंगाश्री जीम का मालिक एवं जीम इंस्ट्रक्टर मधुर साहू द्वारा किया जा रहा है।
कुसमुण्डा पुलिस द्वारा मधुर साहू का पता तलाश किया गया लेकिन वह अपने सकुनत पर उपस्थित नहीं था फरार हो गया था। मधुर साहू और गुम इंसान सलमा से संबंधित उनके सभी दोस्तों एवं जान पहचान वाले एवं उनसे जुड़े लोगों का बयान लिया जाना प्रारंभ किया गया एवं गुम इंसान सलमा सुल्ताना के 05 वर्ष पूर्व का सीडीआर एनालिसिस किया गया। (बयान लेने दौरान दो महिला एवं तीन पुरूषों के कथन में विरोधाभाष इंगित हुआ। इन सबसे कड़ाई से पूछताछ करने पर 21 अक्टूबर 2018 एलजी 17 शारदा बिहार में मधुर साहू एवं कौशल श्रीवास के द्वारा सलगा सुल्ताना का गला घोटकर हत्या किया जाना एवं डेड बॉडी को अतुल शर्मा की मदद से भवानी मंदिर के सामने कोहडिया पुल के आस-पास दफनाए जाने की जानकारी प्राप्त हुई। जहां डेड बाडी दफनाया गया है उनकी वास्तविक जानकारी सिर्फ तीन लोगों को ही पता था। प्रारंभिक पूछताछ में मिली जानकारी अनुसार सस्पेक्टेड जगह के आस-पास में सेटेलाईट डेटा, थर्मल इमेजिंग एवं ग्राउण्ड पेनेट्रेशन राडार मशीन के माध्यम से डेडबाडी के बारे में पता करने का प्रयास किया गया था, किन्तु उस स्थान पर वर्तमान में नेशनल हाईवे बन चुका है। चिन्हित जगह पर आगे की कार्यवाही Court Exhumation के पश्चात ही किया जावेगा।
गवाहों के कथन के आधार पर गुम इंसान क्रमांक 02/2019 सलमा सुल्ताना का हत्या होना पता चला। जिस पर कुसमुण्डा थाने में मर्ग कायम कर शुन्य में प्रथम सूचना पत्र दर्ज किया गया। मुखबीर की सूचना पर आरोपियों मधुर साहू एवं कौशल को पुलिस कब्जे में लिया गया उनसे कड़ाई से पूछताछ करने पर आपसी संबंधों में अनबन होने एवं चरित्र शंका के कारण मृतिका सलमा सुल्ताना का गला घोटकर हत्या करना स्वीकार किए। प्रकरण में आरोपी के पास से हार्ड डिस्क एवं लेपटाप जन्ती किया गया है जिसके तस्दीक करने पर घटना के संबंध में कुछ आडियो क्लिप के बारे में पता चला एवं जिस वाहन से को दफनाने में उपयोग किया गया था उस वाहन की जप्ती किया जा चुका है। माननीय न्यायालय के समक्ष गवाहों एवं चस्मदीद का धारा 164 जाफी के तहत कथन लेखबद्ध किया जाकर, आज दिनांक को तीनों आरोपियों की विधिवत गिरफ्तारी की गयी जिन्हें माननीय न्यायालय समक्ष जावेगा।
आरोपियों का नाम –
01 मधुर साहू पिता अजय कुमार साहू उम्र 37 वर्ष साकीन न्यू अमरैयापारा कोरबा 02 कौशल श्रीवास पिता हीरादास श्रीवास उम्र 29 वर्ष सा० दर्री एरिगेशन कालोनी कोरबा
03 अतुल शर्मा पिता नरेश शर्मा उम्र 26 वर्ष साकीन समगढ़ा थाना बालकोनगर कोरबा
जप्त किए गये सामाग्री- लैपटाप, हार्ड डिस्क, चारपहिया वाह
news
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
news
छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है






















