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छत्तीसगढ़

पुलिस महानिरीक्षक रतन लाल डांगी के द्वारा बिलासपुर रेंज के पुलिस अधीक्षकों एवं राजत्रित पुलिस अधिकारियों की ली गई बैठक

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बिलासपुर| दिनांक 28.04.2022 को रतन लाल डांगी, पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज बिलासपुर द्वारा रेंज अंतर्गत पुलिस अधीक्षकों एवं राजपत्रित पुलिस अधिकारियों की वर्चुअल अपराध समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर पारूल माथुर, पुलिस अधीक्षक कोरबा भोजराम पटेल, पुलिस अधीक्षक मुंगेली  चंद्रमोहन सिंह, पुलिस अधीक्षक गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही त्रिलोक बंसल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक(ग्रामीण) रोहित झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक(शहर) उमेश कश्यप, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चाम्पा अनिल सोनी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गौ.पे.म. अर्चना झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक(आईयूसीएडब्ल्यू)  गरिमा द्विवेदी, नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली स्नेहिल साहू तथा रेंज अंतर्गत जिलों से पुलिस अनुविभागीय अधिकारीगण, नगर पुलिस अधीक्षकगण, उप पुलिस अधीक्षकगण और रेंज कार्यालय में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपमाला कश्यप व उप पुलिस अधीक्षक सुशीला टेकाम और उप पुलिस अधीक्षक माया असवाल उपस्थित रहीं। 

    पुलिस महानिरीक्षक रतन लाल डांगी द्वारा जिलों की अपराध एवं कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए विभिन्न बिन्दुओं पर कार्यवाही संबंधी निर्देश दिये गये। पुलिस महानिरीक्षक द्वारा इस बात पर विशेष बल दिया गया कि गंभीर किस्म के प्रकरणों में सतत विवेचना करते हुए यथाशीघ्र विधिसम्मत निराकरण किया जावे, प्रकरण लंबी अवधि तक विवेचना में लंबित न रहे। महिला संबंधी मामलों में तत्काल संज्ञान लेकर विधिसम्मत कार्यवाही किये जाने निर्देष दिये गये साथ ही इस बात पर विशेष बल दिया गया कि जिलों मे महिलाओं, बच्चों से संबंधित प्रकरणों में त्वरित कार्यवाही करते हुए समय-सीमा के भीतर त्वरित निराकरण किया जावे। अनु.जाति/अनु.ज.जाति के प्रकरणों तथा पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना अंतर्गत प्रकरणों में पीड़ितों को राहत के प्रकरणों का विशेष रूचि लेकर निराकरण कराया जावे। 

    पुलिस महानिरीक्षक द्वारा इस बात पर विशेष बल दिया गया कि अनियमित वित्तीय कंपनियों के विरूद्ध दर्ज प्रकरणों में अंतरिम कुर्की, अंतिम कुर्की, नीलामी तथा निवेशकों की धन वापसी की प्रतिदिन समीक्षा की जावे। अनियमित वित्तीय कंपनियों की राज्य एवं राज्य से बाहर स्थित अचल संपत्तियों के चिन्हांकन एवं उनकी कुर्की की कार्यवाही शीघ्र करावें तथा प्रकरणों के फरार आरोपियों की पता तलाश हेतु विशेष टीम गठित कर उनकी गिरफ्तारी कराई जावे। अनियमित वित्तीय कंपनियों के मामलों में संपत्ति कुर्की कार्यवाही के लिये संबंधित जिला कलेक्टरों से नियमित पत्राचार एवं व्यक्तिगत प्रयास की आवश्यकता है। 

    पुलिस महानिरीक्षक द्वारा निर्देशित किया गया कि राजपत्रित अधिकारी अपने अधीनस्थ थाना/चौकी के कार्यो की लगातार मॉनिटरिंग एवं समीक्षा करते रहें। शिकायतों की जॉंच संबंधित ग्राम में जाकर की जावे। जांचकर्ता अधिकारी के षिकायत जांच हेतु ग्रामों में जाने से जॉंच अधिकारी जहां शिकायत में उल्लेखित आरोपों के वास्तविक हालात से अवगत हो सकेगा वहीं शिकायतकर्ता को भी अपना पक्ष रखने में सहजता होगी। ग्रामों में जाने से क्षेत्र में पुलिस की आमदरफ्त होने से आम जनता में पुलिस की सक्रियता दिखेगी। पुलिस महानिरीक्षक द्वारा इस बात पर बल दिया गया कि थाना/चौकी से संबंधित कई ऐसे प्रकरण जिनमें किसी अन्य विभाग से जानकारी मिलने में परेशानी हो रही हो अथवा जानकारी/दस्तावेज समय पर नहीं मिल पा रहे हों, तो ऐसे प्रकरणों को कलेक्टर द्वारा आयोजित समय-सीमा बैठक (टी.एल. मीटिंग) में आवश्यक रूप से साझा की जावे और समन्वय में कार्य करते हुए प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जावे। 

    पुलिस महानिरीक्षक द्वारा जिलों में लंबित सभी गंभीर प्रकरणों - विशेषकर हत्या, हत्या का प्रयास, बलात्कार, अपहरण एवं महिला व बच्चों संबंधी अपराध, गुम इंसान जांच (महिला, बालक/बालिका), एससी/एसटी एक्ट के प्रकरणों के निराकरण की ओर विशेष ध्यान दिये जाने तथा लंबित ऐसे सभी प्रकरणों की साप्ताहिक समीक्षा की जाकर समयबद्ध निराकरण करने निर्देशित किया गया। जिलों में गंभीर किस्म के प्रकरणों में जिनमें अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, ऐसे प्रकरणों में विशेष टीम गठित कर आरोपी के सभी संभावित ठिकानों पर दबिश देकर लगातार पतासाजी करते हुए फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर प्रकरणों का निराकरण किये जाने निर्देशित किया गया।  
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छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

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बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

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इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

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परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

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छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

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महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

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कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

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Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

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बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

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