Connect with us

छत्तीसगढ़

अस्पतालों, स्कूलों से गायब रहने वाले 70 अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस जारी

Published

on

बिलासपुर, 28 अगस्त 2024/कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व अधिकारियों ने 24 अगस्त को एक साथ 48 स्कूलों और अस्पतालों का आकस्मिक निरीक्षण किया था। स्कूलों और अस्पतालों से बिना अनुमति के गायब रहने वाले और समय से पहले जाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों और शिक्षकों पर जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की गई है। निरीक्षण के दौरान अस्पतालों और स्कूलों से गायब रहने वाले 70 अधिकारियों-कर्मचारियों सहित शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है। 30 का एक दिन का वेतन काटने का आदेश जारी किया गया है।

उल्लेखनीय है कि एसडीएम और उनकी टीम ने 15 स्कूलों का निरीक्षण किया। स्कूल से नदारद रहने वाले 19 शिक्षकों के वेतन में कटौती की गई है एवं 5 को कारण बताओ सूचना जारी किया गया है। एक के विरूद्ध कार्रवाई के लिए प्रस्ताव संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग को भेजा गया है। राजस्व टीम द्वारा 33 अस्पतालों का निरीक्षण किया गया और 54 अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस जारी करते हुए 11 के एक दिन के वेतन में कटौती का आदेश जारी किया गया है। सीएमएचओ ने बताया कि बिल्हा विकासखंड के 12 अस्पतालों में अनुपस्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कडार के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, उप स्वास्थ्य केन्द्र पोड़ी के आरएचओ दिनेश साहू, साजिदा खानम, सिलपहरी के श्री दिलीप कौशिक, सरिता श्रीरंगे, चन्द्रप्रभा साहू, उपस्वास्थ्य केन्द्र करमा की सीएचओ दुर्गा सक्सेना, ढेका अस्पताल की साधना चन्द्रा, संध्या साहू, पौंसरा अस्पताल की सीएचओ प्रीति साहू, श्री शाश्वत पवार, बसहा अस्पताल की सीएचओ त्रिवेणी धीवर, सेन्दरी के पीसी साहू, सुमन रानी मिश्रा, सिद्धी थवाईत और सेमरताल की सीएचओ पूनम कश्यप और आरएचओ सावित्री धु्रव आदि कर्मचारियों को शोकॉज नोटिस जारी किया गया है।

यह भी पढ़ें   बिलासपुर: ऑनलाईन मोड में होंगी स्कूलों में स्थानीय परीक्षाएं

इसी प्रकार मस्तूरी के अस्पतालों से नदारद रहने वाले रिसदा के आरएचओ श्री राजेश श्रीवास्तव, केड़िया अस्पताल के विजय कुमार गुप्ता, कोकड़ी के आरएचओ श्री संदीप केशरवानी, पीएचसी लोहर्सी के चिकित्सा अधिकारी महेन्द्र मधुकर, संगीता चेलके, ड्रेसर अन्नपूर्णा थवाईत, संगीता चेलक, पचपेड़ी के नेत्र सहायक अधिकारी तारा साहू, के. पदमाराव, बसंती मधुकर, रेखा राय, प्रमिला मरावी, टीकेश्वर साहू, संजय ठाकुर शामिल है। तखतपुर के अस्पतालों से गायब रहने वालों में पाली अस्पताल से तृप्ति शर्मा, लाल दास बंजारा, जय प्रकाश मिश्रा और पीएचसी जूना पारा से सुनील कुमार सुमन के नाम शामिल है। कोटा में पीएचसी केंदा के चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विनीता पाण्डेय, डॉक्टर युगविजया मीरा, श्री अरूण देवांगन, श्री आशिष अग्रवाल, श्री सतीश चौहान, सुपरवाईजर संतोष साहू के नाम शामिल है।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गांधीचौक में चिकित्सकों की अनुपस्थिति पाई गई और आयुष्मान आरोग्य मंदिर मंगला में दोपहर 2 बजे ओपीडी बंद होना पाया गया। यहां संबंधित सीएचओ का 1 दिवस के वेतन के कटौती का आदेश जारी हुआ है। इसी प्रकार 2 लोगों को शोकॉज नोटिस जारी किया गया है।

यह भी पढ़ें   जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल, मरीज खुद लेने लगे अस्पताल से छुट्टी

जिला शिक्षा अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार बिल्हा ब्लॉक के 7 विद्यालयों में निरीक्षण के दौरान गायब रहने वाले शिक्षकों के एक दिन का वेतन काटने का आदेश जारी किया गया है। इनमें शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक शाला सरकण्डा के शिक्षक श्रीमती उषा उपाध्याय, श्रीमती शैल कश्यप, मोनालिसा संत, शारदा पाण्डेय, पूर्णिमा मिश्रा, एस.के डहरिया, एचएल सोनले, आरके दुबे, शुभनय गोले, अर्चना शुक्ला, नीतू यादव, राजेश चतुर्वेदी, अमित नामदेव, एक्ता पाण्डेय, मंगला स्कूल की शिक्षिका श्रीमती श्रद्धा शास्त्री, श्रीमती बेरथा एक्का और शासकीय पूर्व माध्यमिक कन्या शाला सरकण्डा के शिक्षक श्री शिव कुमार शुक्ला आदि शामिल है। इसी प्रकार बच्चों को समय से पहले छुट्टी देने वाले और सस्था में साफ-सफाई नहीं रखने पर शोकॉज नोटिस जारी किया गया है।
इसमें सिलपहरी स्कूल के शिक्षक श्री रामाधार गोंड और हरदीकला के शिक्षक श्री रामाअवतार पटेल शामिल है। बिल्हा बीईओ को भी शोकॉज नोटिस जारी किया गया है और मस्तूरी ब्लॉक के सेजेस पचपेड़ी के प्राचार्य श्री सी.के. राठौर से भी इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। बंधवापारा शासकीय प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक श्री राजेश कुमार विश्वकर्मा के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग को भेजा गया है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

Published

on

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

यह भी पढ़ें   मैं बीमार हूं, थक गया हूं', मौत से पहले पिता ने बेटी अमृता को किया था आखिरी कॉल, मलाइका से कही थी ऐसी बात
Continue Reading

छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

Published

on

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

यह भी पढ़ें   रायपुर: आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं हेतु दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
Continue Reading

छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

Published

on

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

यह भी पढ़ें   Chhattisgarh: शराब दुकानों के सामने सैकड़ों की भीड़, रमन सिंह ने भूपेश सरकार पर बोला हमला
Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending