छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ : टैक्स संग्रहण में उल्लेखनीय कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी होंगे पुरस्कृत

रायपुर| जिलों के ऐसे परिवहन अधिकारियों एवं कर्मचारियों जिन्होंने टैक्स संग्रहण में उल्लेखनीय कार्य किया है, उन्हें परिवहन आयुक्त के द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देशन में परिवहन सचिव एवं परिवहन आयुक्त के लगातार मार्गदर्शन से मुख्यालय एवं जिलों के परिवहन अधिकारियों एवं प्रवर्तन अधिकारियों के द्वारा लगातार प्रयास एवं मेहनत से राजस्व की प्राप्ति की जा रही है।
परिवहन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राजस्व नुकसान को रोकने के लिए टैक्स डिफाल्टर की सूची जिलों के परिवहन अधिकारियों द्वारा समाचार-पत्रों के माध्यम से नोटिस जारी कर तथा व्यक्तिगत रूप से सम्पर्क स्थापित कर अधिक से अधिक राजस्व संग्रहण का कार्य किया जा रहा है। यदि उसके बाद भी टेक्स डिफाल्टर वाहन स्वामियों द्वारा टैक्स जमा करने में रूचि नहीं दिखाई जाती है, तो उन टैक्स डिफाल्टर वाहन स्वामियों के विरूद्ध ‘भू-राजस्व संहिता‘ के तहत वाहनों के कुर्की की विधिवत् कार्यवाही प्रारम्भ की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि वाहन मालिकों को सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन द्वारा वर्ष 2021-22 में ‘एकमुश्त निपटान‘ योजना 13 सितंबर 2021 से 31 मार्च 2022 तक के लिए लागू की गई थी। जिसके तहत 2 हज़ार 135 वाहनों से 20.50 करोड़ रुपए बकाया कर की वसूली की गई है। इसके अतिरिक्त शेष 2 हजार 37 वाहनों को जप्त किया गया है, जिसकी वसूली शेष है।
छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग द्वारा ओव्हरलोड मालयान वाहनों तथा विविध अपराधों को नियंत्रित करने हेतु लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए विभाग द्वारा 16 परिवहन चेकपोस्ट एवं 7 परिवहन उड़नदस्ता का संचालन किया जा रहा है। परिवहन विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 में कुल 1373.91 करोड़ रूपए का राजस्व अर्जित किया। जिसमें शुल्क 196.64 करोड़ रुपये, समझौता-शुल्क/फाईन से 193.61 करोड़ रुपए, टैक्स-जीवनकालकर, मासिक कर और त्रै-मासिक कर से 983.66 करोड़ रूपए का राजस्व अर्जित किया गया है। इसी तरह वर्ष 2020-21 में इन मदों से 1147.92 करोड़ रूपए का राजस्व अर्जित किया गया है। जिसकी तुलना में वित्तीय वर्ष 2021-22 में 1373.91 करोड रुपए राजस्व अर्जित करते हुए 19.69 प्रतिशत वृद्धि के साथ 225.99 करोड़ रूपए अधिक राजस्व अर्जित किया गया। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2020-21 में परिवहन चेकपोस्ट एवं परिवहन उड़नदस्तों द्वारा 3 लाख 16 हजार 249 वाहनों से 71.06 करोड़ रूपए राजस्व अर्जित किया गया। वही वित्तीय वर्ष 2021-22 में 6 लाख 26 हजार 605 ओव्हरलोड मालयान वाहनों तथा विविध अपराधों के तहत चालानी कार्यवाही कर 165.60 करोड़ रूपये का राजस्व अर्जित किया गया।
राज्य में कई पुराने मासिक, त्रै-मासिक कर बकाया है। जिलों के परिवहन अधिकारियों द्वारा वर्ष 2021-22 में 480 वाहनों से 22.04 करोड़ रुपए की वसूली की गई है। इसके अतिरिक्त 12 मार्च 2022 से 31मार्च 2022 तक अभियान चलाकर 588 वाहनों से 3.55 करोड़ रूपए बकाया टैक्स वसूल किया गया है।
विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जायसवाल, एनईसीओ, एसकेएस, सार्थक इस्पात, गोदावरी इस्पात, हाइटेक यार्ड, शारदा एनर्जी सिलतरा सहित कई कम्पनियों और फैक्ट्रियों में टैक्स जमा नहीं करने वाली वाहनों को जप्त किया गया है। इन वाहन मालिकों पर परिवहन विभाग का लगभग 50 लाख रूपए बकाया है। इसी तरह विभिन्न फायनेंस कम्पनियों की 78 वाहनें जप्त कर खड़ी की गई है। इसके अतिरिक्त यार्डाे में खड़ी गाड़ियों के लिए नोटिस जारी किये गये हैं। यार्डांें में खड़ी जप्त वाहनों का टैक्स जमा करने हेतु फायनेंस कम्पनियों को नोटिस जारी किया गया है। ऐसी वाहनें भी शामिल है, जिन्हें फायनेंसरों ने किश्त अदा नहीं कर अपने यार्डाें में खड़ी कर दी थी।
विभाग द्वारा बिना परमिट के यात्री वाहनों के संचालन करने वाली 763 वाहनों से 6 लाख 32 हजार 7 सौ रूपए वसूल किये गये हैं। इसके अतिरिक्त बिना परमिट 6 यात्री वाहनों को जप्त करने की कार्रवाई की गई है। प्रवर्तन अमलों द्वारा ऐसी वाहनें जो बिना टैक्स जमा कर संचालित हो रही है, इन 4 हजार 259 वाहनों में निरन्तर कार्यवाही करते हुए 27.87 करोड़ रूपए टैक्स वसूल किया गया है, शेष 1037 वाहनों को जप्त किया गया है, इनकी वसूली शेष है।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
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कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है


















