छत्तीसगढ़
26 जनवरी को नई दिल्ली के राजपथ पर छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना की छटा दिखेगी
रायपुर, 26 जनवरी को नई दिल्ली के राजपथ पर मुख्य समारोह में देश के विभिन्न राज्यों की प्रदर्शित झांकियों में से लोग अपनी मन पसंद की झांकी का चयन कर सकते हैं। लोगों को पहली बार अपनी पसंद की झांकी को चुनने के लिए ऑनलाईन वोट की सुविधा मिली है। इसके लिए सर्वप्रथम http://mygov.in/rd2022 लिंक पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इस लिंक पर देश के राज्यों के नाम का आप्शन चयन के लिए उपलब्ध है, जिसकी झांकी पसंद आई है। छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना की झांकी भी राजपथ पर अपनी छटा बिखरेगी।
गौरतलब है कि इस साल देश के सिर्फ 12 राज्यों की झांकियां ही प्रदर्शन के लिए चयनित हुई हैं, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य भी शामिल है। कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ राज्य की इस साल की झांकी गोधन न्याय योजना से संबंधित है। छत्तीसगढ़ की झांकी को रक्षा मंत्रालय की उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति द्वारा निर्धारित कठिन चयन प्रक्रिया के विभिन्न दौर से गुजरने के बाद यह सुअवसर मिला है।
आयुक्त जनसम्पर्क छत्तीसगढ़ दीपांशु काबरा ने बताया, विशेषज्ञ समिति ने आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर इंडिया-75 न्यू आईडिया की थीम घोषित की है। गोधन न्याय योजना को न्यू आइडिया के तौर पर चयनित किया गया है। गोधन न्याय योजना पर बनी छत्तीसगढ़ की झांकी की विशेषता है कि वह गांवों में उपलब्ध संसाधन और तरीकों को आधुनिक तकनीक के साथ प्रस्तुत करती है। यह बताती है कि शहरी और ग्रामीण की तकनीक को मिला लिया जाए, तो विश्व की कई समस्याओं का समाधान हो सकता है।
ऐसी है इस बार छत्तीसगढ़ की झांकी
झांकी के अगले भाग में गाय के गोबर को इकट्ठा करके उसे बेचने के लिए गोठानों की ओर ले जाती महिलाओं को दर्शाया जाएगा। ये महिलाएं पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में होंगी। इन्हीं में से एक महिला को गोबर से उत्पाद तैयार कर बेचने के लिए बाजार ले जाते दिखाया जाएगा। महिलाओं के चारों ओर गोठानों में साग-सब्जियों और फूलों की खेती दिखाई जाएगी। नीचे की ओर गोबर से बने दीयों की सजावट की जाएगी। झांकी के पिछले हिस्से में गौठानों को रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क के रूप में विकसित होते दिखाया गया है।
झांकी में यह भी दिखेगा
इस झांकी मध्य भाग में गाय को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के केंद्र में रखकर पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती, पोषण, रोजगार और आय में बढ़ोतरी की छटा दिखेगी। सबसे आखिर में चित्रकारी करती हुई ग्रामीण महिला को छत्तीसगढ़ के पारंपरिक शिल्प और कलाओं के विकास की प्रतीक के रूप में दर्शाया जाएगा। इसमें प्रदेश में विकसित हो रही जल प्रबंधन प्रणालियों, बढ़ती उत्पादकता और खुशहाल किसान को भित्ति-चित्र शैली में दिखाया जाएगा। इसी क्रम में गोबर से बनी वस्तुओं और गोबर से वर्मी कंपोस्ट तैयार करती स्व-सहायता समूहों की महिलाएं भी झांकी में दिखेंगी। छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना की झांकी के लिए लोगों से वोटिंग की अपील की गई है।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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