छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में अब 5 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए शुरू होगी ‘बालवाड़ी‘ योजना
राज्य के 6536 स्कूलों के परिसर में, जहां आंगनबाड़ियां संचालित है, वहां अब बालवाड़ी भी प्रारंभ की जाएंगी। यह बालवाड़ी प्री-स्कूल की तरह संचालित होंगी, जहां 5 से 6 वर्ष के आयु समूह के बच्चों को शैक्षणिक एवं खेल के माध्यम से शिक्षा मिलेगी। यह निर्णय आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज आयोजित कैबिनेट की बैठक में लिया गया। राज्य शासन का यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है। ‘बालवाड़ी‘ नाम से संचालित होने वाली इस योजना के माध्यम से शैक्षणिक वर्ष 2022-23 में 68 हजार 54 बच्चे लाभान्वित होंगे।
‘बालवाड़ी‘ के संचालन के लिए बच्चों की सामग्री ‘बालवाटिका‘ तैयार की जा चुकी है। शिक्षकों की प्रशिक्षण की तैयार कर ली गई है। बालवाड़ी का संचालन स्कूल परिसर में भोजन अवकाश के पूर्व दो घंटे संचालित किया जाएगा। इन स्थानों पर अतिरिक्त कक्ष के निर्माण के लिए कार्यवाही प्रचलन में है। इस योजना को संचालित किए जाने से शाला पूर्व ही बच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्याज्ञान को बेहतर करने के लिए आधार प्राप्त होगा, जो प्राथमिक स्तर में बच्चों के शैक्षणिक स्तर को सुधारने में नींव का पत्थर साबित होगा। इस प्रकार राज्य के 5-6 वर्ष के आयु समूह के 3 लाख 23 हजार 624 विद्यार्थियों में से 68 हजार 54 विद्यार्थी इसी सत्र 2022-23 से लाभान्वित होंगे।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 26 जनवरी 2022 को गणतंत्र दिवस पर जनता के नाम अपने संदेश में बालवाड़ी योजना की संचालन की घोषणा की गई थी। उसी के अनुरूप यह योजना शुरू की जा रही है। छत्तीसगढ़ बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के लक्ष्य और उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए बेहतर क्रियान्वयन एवं समन्वय से कार्य संपादित कर रहा है। शिक्षा के अधिकार के प्रावधान के अनुसार 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों के बेहतर और गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने की ओर अग्रसर है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 प्रावधानों के अनुरूप सभी क्षेत्रों में कार्य नीति का क्रियान्वयन किया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा कॉन्क्लेव 2021 में छत्तीसगढ़ शासन ने अपने विजन डाक्यूमेंट में अरली चाईल्डहुड केयर एण्ड एजुकेशन के लिए ऐसा वातावरण निर्माण करने का संकल्प लिया है, इसके अंतर्गत बिना भेदभाव के सभी छोटे आयु के बाल और बालिकाओं की देखभाल और शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
अरली चाईल्डहुड केयर एण्ड एजुकेशन के क्रियान्वयन के लिए चरणवार कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में कुल प्राथमिक स्कूलों की संख्या 30 हजार 574 और आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या 52 हजार 474 है। ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्र जो स्कूल परिसर में ही स्थित है, उनकी संख्या 6 हजार 536 है। 5 से 6 आयु वर्ग के कुल बच्चों की संख्या 3 लाख 23 हजार 624 है। इन स्थानों पर तत्काल बालवाड़ी के नाम से 5-6 वर्ष के बच्चों के लिए शैक्षणिक और खेल के माध्यम से प्री-स्कूल प्रारंभ किए जाने है। आगामी समय में चरणवार योजना का विस्तार किया जाएगा।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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