छत्तीसगढ़
राजनांदगांव : कोरोना से बचाव के लिए श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी
राजनांदगांव| कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी तारन प्रकाश सिन्हा ने नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुए आगामी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि धार्मिक स्थल के प्रवेश द्वार पर सेनेटाईजर डिसपेन्सर एवं थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा। दही हांडी (मटकी फोड़) के आयोजन की अनुमति नहीं होगी। परिसर में केवल बिना लक्षण वाले व्यक्तियों को प्रवेश हेतु अनुमति दी जाये। फेस कव्हर या मास्क का उपयोग करने वाले व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाये। कोविड-19 के निवारक उपायों के बारे में पोस्टर, बैनर, स्टैण्डी प्रमुखता से प्रदर्शित किये जाएं। कोविड-19 के निवारक उपायों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए ऑडियो और विडियो क्लिप को नियमित रूप से चलाया जाना चाहिए।
आगंतुको को परिसर में क्रमश: एक के बाद एक ही प्रवेश दिया जावे। एक साथ परिसर के भीतर भीड़ इक_ा न किया जाये। स्वयं के वाहन से आने वाले श्रद्धालुओं के जूते, चप्पल उनके वाहन में ही रखकर धार्मिक पूजा स्थल में प्रवेश के लिए निर्देशित किया जाये। अन्य श्रद्धालुओं हेतु अलग-अलग स्लॉट अनुसार जूते-चप्पल रखने की व्यवस्था की जाये। परिसर के बाहर एवं पार्किंग स्थल पर सोशल डिस्टेेसिंग व फिजिकल डिस्टैंसिंग को ध्यान में रखते हुए उचित भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित किया जाये। परिसर के बाहर और भीतर स्थित सभी दुकान, स्टॉल, कैफेटेरिया आदि में हमेशा सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन किया जाना अनिवार्य होगा। कतार व्यवस्था एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए परिसर में चूने या अन्य किसी उचित रंग से गोल घेरा या सर्कल निशान लगाया जाये। प्रवेश हेतु कतार में खड़े होने वाले व्यक्तियों के मध्य न्यूनतम 6 फीट की शारीरिक दूरी सुनिश्चित की जाये। आगंतुकों को परिसर प्रवेश करने से पहले अपने हाथों और पैरों को साबुन और पानी से धोना अनिवार्य होगा।
बैठने की व्यवस्था इस तरह से की जाए कि पर्याप्त सोशल डिस्टेंसिंग व फिजिकल डिस्टेंसिंग बनी रहे। मूर्ति व धार्मिक ग्रंथों आदि को स्पर्श करने की अनुमति नहीं होगी। धार्मिक स्थलों में बड़ी सभाएं अथवा मंडली कार्यक्रम आयोजन प्रतिबंधित होगा। संक्रमण के फैलने की संभावना को देखते हुए जहां तक संभव हो रिकॉर्ड किये गये भक्ती संगीत गाने बजाए जा सकते हैं। परिसर के भीतर लोगों से मिलते-जुलते समय फिजीकल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित किया जाये। धार्मिक व पूजा स्थल के भीतर सार्वजनिक चटाई या दरी के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। आगंतुक अपने साथ स्वयं की दरी या चटाई ला सकते हैं। धार्मिक व पूजा स्थल के भीतर प्रसाद वितरण एवं पवित्र जल का छिड़काव करने की अनुमति नहीं होगी। धार्मिक व पूजा संस्थान के प्रबंधन द्वारा धार्मिक व पूजा स्थल की नियमित साफ-सफाई एवं निस्संक्रामक की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। परिसर के फर्श को विशेष रूप से दिन में कई बार साफ किया जाये। आगंतुकों अथवा कर्मचारियों द्वारा उपयोग किये गये फेस कव्हर, मास्क, दस्ताने के उचित निपटान हेतु व्यवस्था सुनिश्चित की जाये तथा वैक्सिनेशन (टीकाकरण) के लिए प्रेरित भी करें।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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