छत्तीसगढ़
पढ़ना-लिखना अभियान की अवधि बढ़ी 6 माह, छत्तीसगढ़ एकमात्र राज्य जिसने परिणाम को किया पोर्टल में अपलोड
रायपुर| पढ़ना लिखना अभियान की समयावधि 6 माह तक के लिए बढ़ा दी गई है। इस अभियान में छत्तीसगढ़ राज्य को ढाई लाख असाक्षरों को साक्षर करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। जिसमे एक लाख 89 हजार 855 के लगभग असाक्षर परीक्षा में शामिल हो चुके हैं। शेष 60 हजार 145 असाक्षरों को आगामी छह माह में साक्षर किया जाएगा। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के संचालक श्री राजेश सिंह राणा ने इस आशय कि जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ एकमात्र राज्य है, जहां कोरोना काल में असाक्षरों को प्रमोशन पॉलिसी के जरिए साक्षर न कर परीक्षा महाभियान के जरिए साक्षर किया गया है। राज्य को ढाई लाख का लक्ष्य प्राप्त हुआ था, जिसमें से कोरोना काल के पश्चात् मोहल्ला साक्षरता कक्षाएं आयोजित कर उन्हें 3 माह के समय-सीमा में साक्षर किया गया, उन्हें न केवल साक्षर किया गया, बल्कि उनके परिणाम स्कूल शिक्षा विभाग के पोर्टल cgschool.in में भी अपलोड कर दिया गया है। इसके पूर्व कार्यक्रम के प्रारंभ में सर्वे के पश्चात् असाक्षरों की जानकारी पोर्टल में अपलोड किया गया है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ एकमात्र राज्य है जहां पढ़ना-लिखना अभियान के अंतर्गत अनेक नवाचारी कार्य किए गए है। जैसे असाक्षरों को पढ़ाने के लिए विशेष प्रकार के वीडियो बनाए गए हैं। कुछ अपने आसपास के ‘कबाड़ से जुगाड़’ की तर्ज पर स्थानीय संसाधनों से पढ़ाई के नए तरीके इजाद किये गए है। उन्हें पर्याप्त ऑनलाइन-ऑफलाइन प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है। सबसे बड़ी बात है कि सर्वे करने के बाद सभी असाक्षरो का नाम पोर्टल में दर्ज किया गया। असाक्षरों को पढ़ाये जाने के लिए प्रवेशिका आखर-झाँपी का वितरण किया गया। आखर-झाँपी पुस्तक के साथ भी उनका फोटो पोर्टल में अपलोड किया गया है।
आगामी 6 माह की अवधि में दो मुख्य काम किया जाना है। पहले शेष असाक्षरों की पुनः मोहल्ला साक्षरता कक्षाएं संचालित की जाएगी और उन्हें साक्षर करेंगे, 120 घंटे की पढ़ाई पूरी कराएंगे। दूसरा जो लोग पहले प्रयास में असफल रहे है या कमजोर हो उन्हें पुनः पढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम की मंशा अनुसार नई प्रवेशिका निर्माण का कार्य और स्टेट केरिकुलम फ्रेमवर्क बनाने का भी काम राज्य में प्रारंभ कर दिया है। उसे भी आगामी छह माह में पूरा किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण व एससीईआरटी के डायरेक्टर श्री राणा ने बताया कि वे स्वयं राज्य स्तरीय अधिकारियों के साथ जिलों का सघन दौरा करेंगे और शासन की उच्च प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों के साथ इस कार्यक्रम की भी मॉनिटरिंग करेंगे।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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