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छत्तीसगढ़

राहत भरी खबर : छत्तीसगढ़ में संक्रमण दर में बड़ी गिरावट, अब 15 फीसदी रह गई

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रायपुर| छत्तीसगढ़ में कोरोना-नियंत्रण के लिए किए गए प्रभावी उपायों के परिणामस्वरूप राज्य में संक्रमण-दर तेजी से नीचे आ रही है। 11 मई 2021 को यह घटकर 15 फीसदी रह गई है। इसी तरह नये संक्रमितों आ आंकड़ा भी तेजी से घटता हुआ अब 10 हजार से भी नीचे आ चुका है। प्रदेश में टेस्ट सुविधाएं बढ़ने के साथ ही, संक्रमितों की जांच में भी बढ़ोतरी हुई है। 11 मई को ही 42 हजार 750 टेस्ट के लक्ष्य के विरुद्ध 63 हजार 811 टेस्ट किए गए थे, जिसमें 9 हजार 717 लोग ही पाजिटिव पाए गए।

कोविड-19 महामारी के रोकथाम के लिए राज्य सरकार द्वारा टेस्टिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वर्तमान में प्रतिदिन करीब 40 हजार के लक्ष्य से अधिक 60 हजार लोगों की कोरोना जांच की जा रही है। 11 मई को प्रदेश में 63 हजार 811 लोगों की जांच की गई जिसमें से 8 हजार 540 आरटीपीसीआर टेस्ट, 6 हजार 305 टूªनाॅट टेस्ट तथा 48 हजार 966 रेपिड एंटीजन टेस्ट शामिल है। इसमें कुल 9 हजार 717 लोग पाॅजिटिव आए है। इस तरह राज्य की पाजिटिविटी दर भी अब घटकर 15 रह गई है। 

यदि हम दुर्ग संभाग के जिलों की बात करें तो यहां 11 मई को दुर्ग जिले में 3 हजार 127 सैम्पल टेस्ट में 229 लोग पाजिटिव आए और संक्रमण दर 7 प्रतिशत रही। इसी तरह राजनांदगांव में 2 हजार 307 लोगों की जांच में 277 लोग पाजिटिव, 12 प्रतिशत पाजिटिविटी दर, बालोद जिले में 1 हजार 278 लोगों की जांच 225 पाजिटिव, 18 प्रतिशत पाॅजिटिविटी दर, बेमेतरा जिले में 781 सैम्पलों की जांच में 88 पाजिटिव, 11 प्रतिशत पाजिटिविटी दर, तथा कबीरधाम जिले में 2 हजार 28 सैैम्पलों की जांच में 324 सैम्पल पाजिटिव और यहां संक्रमण दर 16 प्रतिशत रही है। 

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इसी तरह रायपुर संभाग के अंतर्गत 11 मई को रायपुर जिले में 4 हजार 191 सैम्पलों की जांच की गई जिसमें 509 सैम्पल पाजिटिव आए और यहां पाजिटिविटी दर 12 रही वहीं धमतरी जिले मंे एक हजार 142 लोगों की जांच में 252 लोग पाजिटिव और संक्रमण दर 22 प्रतिशत, बलौदाबाजार जिले में 2 हजार 567 में से 410 पाजिटिव और पाजिटिविटी दर 16 प्रतिशत, महासमुंद जिले में 2 हजार 23 में से 270 पाजिटिव और पाजिटिविटी दर 13 प्रतिशत तथा गरियाबंद जिले में 782 में से 121 पाजिटिव और पाजिटिविटी दर 15 प्रतिशत रही। 

    बिलासपुर संभाग के अंतर्गत बिलासपुर जिले में 2 हजार 462 में से 566 पाजिटिव और पाजिटिविटी दर 23 प्रतिशत, रायगढ़ जिले में 2 हजार 293 में से 847 पाजिटिव और पाजिटिविटी दर 37 प्रतिशत, कोरबा जिले में 3 हजार 533 में से 507 पाजिटिव और पाजिटिविटी दर 14 प्रतिशत, जांजगीर-चांपा जिले में 2 हजार 367 में से 534 पाजिटिव और पाजिटिविटी दर 23 प्रतिशत, मुंगेली जिले में 2 हजार 874 में से 563 पाजिटिव और पाजिटिविटी दर 20प्रतिशत तथा गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले मंे 1 हजार 288 में से 284 पाजिटिव और पाजिटिविटी दर 22 प्रतिशत रही। 

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   सरगुजा संभाग के जिलों की बात करे तो यहां सरगुजा जिले में 3 हजार 311 सैम्पलों की जांच में 406 सैम्पल पाजिटिव तथा पाजिटिविटी दर 12 प्रतिशत, कोरिया जिले में 2 हजार 166 सैम्पलों की जांच में 743 सैम्पल पाजिटिव तथा पाजिटिविटी दर 34 प्रतिशत, सुरजपुर जिले में 6 हजार 212 सैम्पलों की जांच में 677 सैम्पल पाजिटिव तथा पाजिटिविटी दर 11 प्रतिशत, बलरामपुर-रामानुगंज जिले में 2 हजार 351 सैम्पलों की जांच में 511 सैम्पल पाजिटिव तथा पाजिटिविटी दर 22 प्रतिशत तथा जशपुर जिले में 3 हजार 467 सैम्पलों की जांच में 462 सैम्पल पाजिटिव तथा पाजिटिविटी दर 13 प्रतिशत है।

   बस्तर संभाग के जिलों में संक्रमण की बात करें तो यहां बस्तर जिले में एक हजार 572 लोगों की जांच में 228 लोग पाजिटिव तथा पाजिटिविटी दर 15 प्रतिशत है। इसी तरह कोण्डागांव जिले में एक हजार 968 लोगों की जांच में 200 लोग पाजिटिव तथा पाजिटिविटी दर 10, दंतेवाड़ा जिले में 974 लोगों की जांच में 85 लोग पाजिटिव तथा पाजिटिविटी दर 9 प्रतिशत, सुकमा जिले में एक हजार 422 लोगों की जांच में 50 लोग पाजिटिव तथा पाजिटिविटी दर 4 प्रतिशत, कांकेर जिले में 3 हजार 970 लोगों की जांच में 257 लोग पाजिटिव तथा पाजिटिविटी दर 6 प्रतिशत, नारायणपुर जिले में 435 लोगों की जांच में 41 लोग पाजिटिव तथा पाजिटिविटी दर 9 प्रतिशत तथा बीजापुर जिले में 920 लोगों की जांच में 49 लोग पाजिटिव तथा पाजिटिविटी दर 5 प्रतिशत है। 

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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