देश
Ukraine में जिसकी शूटिंग लोकेशन पर पहुंचे PM Modi, उस ‘नाटु-नाटु’ गाने के बनने की पूरी कहानी

20 दिन, 43 रीटेक, 110 मूव्स… यह कहानी है ऑस्कर अवॉर्ड जीतने वाले RRR के ‘नाटु नाटु’ की, जिसकी शूटिंग लोकेशन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे. यह वही महल है, जिसके सामने 1200 करोड़ कमाने वाली RRR के पॉपुलर गाने की शूटिंग हुई. बात है साल 2021 की, जब पूरी दुनिया कोरोना की मार झेल रही थी.
उसी वक्त इंडियन सिनेमा के टॉप डायरेक्टर्स में से एक SS Rajamouli ने बड़ी तैयारी की. वो एक गाने की शूटिंग के लिए यूक्रेन पहुंच गए. वहीं, राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के आवास मरिंस्की पैलेस (Mariinsky Palace) के सामने ‘नाटु नाटु’ का शूट किया गया
इस लोकेशन पर हाल ही में पीएम मोदी पहुंचे तो फिर यह चर्चा का विषय बन गया. यूं तो आप में से ज्यादातर लोग जानते होंगे कि ‘नाटु नाटु’ कहां फिल्माया गया है. पर इस गाने की बनने की पूरी कहानी क्या है? किसने इसकी शूटिंग के लिए परमिशन दी, आइए आपको बताते हैं.
लोकेशन पर शूटिंग की मंजूरी किसने दी?
साल 2022 में RRR ने सिनेमाघरों में दस्तक दी. देश-विदेशों में घूमकर फिल्म की शूटिंग हुई. कोविड के चलते पिक्चर में देरी हुई. पर ऑस्कर अवॉर्ड जीतने वाले गाने को यूक्रेन के मरिंस्की पैलेस, मेझीहिर्या पार्क और विक्टोरिया फिल्म स्टूडियो में फिल्माया गया था. इस दौरान राष्ट्रपति ऑफिस के ही मेंबर्स ने राजामौली की मदद की. मरिंस्की पैलेस में शूटिंग ऑर्गेनाइज की गई, जो लगभग दो हफ्ते तक चली थी. वहीं, मेयर विटाली क्लिट्स्को ने प्रेसिडेंट ऑफिस तक पहुंचने में टीम की हेल्प की. यह सब कुछ रूस-यूक्रेन युद्ध से पहले हुआ था. ऐसे में राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी इसकी परमिशन दे दी. वो खुद एक टेलीविजन एक्टर रह चुके हैं. फिल्म में यूक्रेन के कई लोकेशन को दिखाया गया है. यह तो एक पड़ाव था. गाना बनने ही पूरी कहानी अब आपको बताते हैं.
‘नाटु नाटु’ बनने की पूरी कहानी
RRR के गाने ‘नाटु नाटु’ को MM Keeravani ने बनाया. गाना रिलीज हुआ तो भारत के साथ ही दुनियाभर में छा गया. राम चरण और जूनियर एनटीआर के डांस स्टेप्स इतने वायरल हुए कि बड़े-बड़े सुपरस्टार्स इन्हें री क्रिएट करते दिखे. गाने का क्रेज लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा था. दरअसल इसका कोरियोग्राफ प्रेम रक्षित ने किया था, जो खुद ऐसा रिस्पॉन्स देखकर शॉक्ड थे. पर इस गाने के बोल इतने जबरदस्त हैं कि आप खुद को थिरकने से रोक ही न पाए. गाने का पैर हिलाने वाला स्टेप अब आपको बेशक आसान लगता हो, पर था बेहद मुश्किल. कोरियोग्राफर प्रेम ने बताया था कि उन्होंने इसे कैसे बनाया?
साउथ के दो बड़े सुपरस्टार्स इस फिल्म में काम कर रहे थे. दोनों का अभिनय मिलकर फिल्म के लिए वरदान साबित हुआ. सब कुछ एकदम परफेक्ट था. पर एक गाने में दो सुपरस्टार्स को लेकर आना प्रेम रक्षित के लिए बड़ी चुनौती था. दरअसल दोनों का अपना स्टाइल था. एक साथ एनर्जी में ढालने के लिए दोनों के एक्सपीरियंस का इस्तेमाल किया गया. वो कहते हैं…
” इस एक गाने को कोरियाग्राफ करने में करीब दो महीने का वक्त लग गया. गाने में दोनों साथ चलकर आते हैं. इसमें भी परफेक्शन नजर आए, इसके लिए मैंने 110 मूव्स तैयार किए थे. यह दोनों के लिए ही किया गया था. यह गाना 4 मिनट 35 सेकंड का था. पर इसकी तैयारी में लगभग दो महीने का वक्त लग गया. यह तैयारी वो थी, जो पर्दे के पीछे की गई थी. जब मामला फाइनल हुआ, तब स्टेप्स के साथ कैमरे के सामने पहुंचे. इस गाने को शूट करने में ही 20 दिन लग गए थे. ”
प्रेम ने आजतक से बात की थी. इस दौरान वो बताते हैं कि, एस एस राजामौली के साथ लंबे वक्त से जुड़े हुए हैं. वो यह गाना लेकर प्रेम रक्षित के पास पहुंचे थे, तो वो काफी डर गए थे. वजह थी दोनों सुपरस्टार्स को साथ में परफॉर्म करवाना. एक प्रेशर उन पर शुरू से था कि कहीं गाने के किसी भी हिस्से में एक सुपरस्टार दूसरे से कम न दिखने लगे. ऐसे में दोनों को बराबर एनर्जी में दिखाना भी बहुत बड़ा टास्क साबित हुआ.
देश
‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिस पर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता ‘मोदी नाम की बीमारी’ से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना
छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में हुआ यह विकास दिखाई नहीं देता।
सत्ता के नशे में आंखें चौंधिया गई हैं: दीपक बैज
केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देरी नहीं की। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा:
“भाजपा के लोग मोदी नामक बीमारी से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। एक तरफ देश में महंगाई आसमान छू रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम
आम जनता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता कह रहे हैं कि विकास हो रहा है।”
‘पेट्रोल पंप जाकर जनता से पूछें विकास की हकीकत’
दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें असल विकास देखना है, तो सिक्योरिटी छोड़कर किसी भी आम पेट्रोल पंप पर जाएं और वहां खड़े आम नागरिकों से पूछें कि देश में कितना विकास हुआ है। जनता खुद उन्हें सच्चाई का जवाब दे देगी। बैज ने आगे कहा कि गिरिराज सिंह को सत्ता का नशा हो गया है, जिसके कारण उनकी आंखें चौंधिया गई हैं और उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
देश
पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।
- महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।
- पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल
पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
- ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।
- संगठन और रणनीति का मिला लाभ
बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।
















