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छत्तीसगढ़

पिता को शक था कि वह उसका बेटा नहीं, इसलिए दो महीने के मासूम को पटककर मार डाला…

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक जालिम पिता ने अपने 2 माह के मासूम को पटककर मार डाला। बताया जा रहा है कि पिता शराब के नशे में घर पहुंचा था। इसके बाद पत्नी से विवाद कर बच्चे को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस को सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई में जुट गई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ कर रही है। मामला बालको थाना क्षेत्र अंतर्गत लालघाट बस्ती का है।

6 साल पहले किया था प्रेम विवाह

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मिली जानकारी के अनुसार लालघाट बस्ती में युवक सरना मुंडा और उसकी पत्नी शांति मुंडा निवास करते थे। उसकी 4 साल की एक बेटी है। इसके अलावा दो माह का बच्चा था, जिसे उसने पटककर मार डाला। घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को पत्नी शांति मुंडा ने बताया कि वह बनारस की रहने वाली है। 6 साल पहले झारखंड में काम करने आई हुई थी। इस दौरान कोरबा बालको लालघाट निवासी सरना मुंडा से उसकी मुलाकात हुई थी। इसके बाद दोनों प्रेम विवाह कर जीवन यापन करने लगे। उसकी चार साल की एक बेटी है। उसने दो माह पहले ही झारखंड में बच्चे को जन्म दिया। उसके बाद कोरबा आए हुए थे।

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पत्नी के चरित्र पर करता था संदेह

शांति ने बताया कि गुरुवार सुबह लगभग 11 बजे उसका पति सरना मुंडा शराब के नशे में घर पहुंचा। फिर विवाद करने लगा। उस पर उसका पति आरोप लगा रहा था कि यह बच्चा उसका नहीं किसी और का है। इस बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। इसके बाद उसने 2 माह के मासूम बच्चे को पटककर मार डाला। फिलहाल पुलिस ने आरोपी सरना मुंडा को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ कर रही है। देखिए वीडियो- 

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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