छत्तीसगढ़
जिस बेकरी से हमेशा खरीदता था खाने की चीजें, वहां से आया शख्स को फोन, पता चली ऐसी बात, खिसकी पैरों तले जमीन

अमेरिका के शख्स को जब अपनी सबसे पसंदीदा बेकरी से एक दिन फोन आया, तो वो काफी कन्फ्यूज हो गया. उसे समझ नहीं आया कि आखिर बेकरी की मालकिन उसे कॉल क्यों कर रही है. बेकरी एक बुजुर्ग महिला चलाया करती थी.
वहां से शख्स को चोको चिप कुकी और लेमन बार बहुत पसंद था. वो हमेशा वहां से खाने-पीने की चीजें खरीदता था. जब शख्स (Bakery owner discovers customer her biological son) को बेकरी की मालकिन ने एक चौंकाने वाली बात बताई, तब उस आदमी के पैरों तले जमीन खिसक गई.
द वॉशिंग्टन पोस्ट की वेबसाइट के अनुसार ये कहानी शिकागो (Chicago, USA) की एक बेकरी से जुड़ी है, जिसका नाम ‘गिव मी सम शुगह’ बेकरी है. उस बेकरी को 67 साल की एक महिला चलाती है, जिसका नाम लिनोर लिंड्से (Lenore Lindsey) है. 2022 में 50 साल के वैमार हंटर (Vamarr Hunter) अपने दोस्त से फोन पर बात कर रहे थे. अचानक उन्हें उस बेकरी से फोन आया, जहां से वो हमेशा खाने-पीने की चीजें खरीदा करते थे. ये बेकरी उसके घर वाली रोड पर ही स्थित थी. हंटर ने फौरन कॉल उठाई और लिंड्से से पूछा कि उसने क्यों फोन किया?
असली मां को खोजने लगा हंटर
लिंड्से ने उसे बताया कि वो उसकी असल मां है! ये सुनकर हंटर दंग रह गया, उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. दरअसल, जब हंटर 35 साल का था, तब उसे पता चला था कि उसे गोद लिया गया था, उसकी असली मां कोई और है. उसे अपने ही घर में मेहमान जैसा लगने लगा था. मार्च 2022 में उसे कहीं से ये आइडिया मिला कि वो डीएनए टेस्टिंग से अपनी असल मां के बारे में जान सकता है. उसने कैलिफोर्निया के जेनटिक जीनेलॉजिस्ट से संपर्क किया जिसने एंसेस्ट्री वेबसाइट की मदद से उसकी फैमिली ट्री को बनाया और उसकी मां को खोजा. लिंड्से से हंटर लगभग रोज ही मिलता था, उसे अच्छे से पहचानता था, पर जब उसे ये पता चला, तो वो उसे मां कहने लगा और तुरंत ही उनके बीच संपर्क स्थापित हो गया. उसने नौकरी छोड़ दी और अपनी मां के साथ बिजनेस में जुड़ गया.
17 साल में दिया था बेटे को जन्म
लिंड्से ने बताया कि वो जब 17 साल की थी, तब उसने हंटर को जन्म दिया था. पर तब वो इतनी छोटी थी कि बच्चे को नहीं पाल सकती थी, इस वजह से उसने बच्चे को अनाथालय में दे दिया. उसने उसे देखा भी नहीं, क्योंकि वो जानती थी कि अगर उसने देख लिया तो वो उसे कभी नहीं जाने देगी. इसके बाद उसकी बेटी भी हुई, जो अब 40 साल की है. अचानक एक दिन लिंड्से को उसी जीनेलॉजिस्ट का फोन आया, जिसने बताया कि उसका असली बेटा उसे खोज रहा है. उसने बेटे का नंबर दिया. फिर महिला ने उसे कॉल कर लिया और बात की.
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है






















