देश
फायरिंग से पहले ही नजर आ गया था ट्रंप का हमलावर, पीछे बैठे थे स्नाइपर..फिर कैसे हो गया अटैक?

दुनिया के सबसे शक्तिशाली मुल्क में उस समय तहलका मच गया, जब एक 20 साल के लड़के ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सरेआम गोली मार दी और किसी को भनक तक नहीं लगी, जबकि हमलावर ट्रंप से महज 130 मीटर की दूरी पर था.
फायरिंग से पहले उसे देखा भी गया था. पीछे स्नाइपर भी बैठे थे. इसके बाद भी ट्रंप पर हमला हो गया. यह अपने आप में बहुत बड़ा सवाल है.

पेंसिलवेनिया के बटलर में जिस जगह ट्रंप चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे, उससे महज 130 मीटर की दूरी से हमलावर ने उन पर फायरिंग की. पहले उसने ट्रंप पर तीन राउंड गोलियां चलाई फिर इसके बाद उसने पांच राउंड फायरिंग की. कुल मिलाकर शूटर ने ट्रंप पर 8 राउंड गोलियां दागीं. हमलावर ने जहां से ट्रंप पर हमला किया, उससे 100 मीटर की दूरी पर सीक्रेट सर्विस के स्नाइपर खड़े थे.
पीछे बैठे थे स्नाइपर..फिर कैसे हो गया ट्रंप पर अटैक?
अब सवाल यही है कि अगर ट्रंप का हमलावर पहले ही नजर आ गया था और पीछे स्नाइपर भी खड़े थे, हमलावर और स्नाइपर के बीच की दूरी भी मामूली थी, फिर कैसे ट्रंप पर हमला हो गया? आइए समझने की कोशिश करते हैं. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंसिलवेनिया के बटलर में ट्रंप को स्थानीय समय के मुताबिक शाम पांच बजे भाषण देना था लेकिन वो एक घंटे की देरी बाद वहां पहुंचे. भाषण शुरू करने के कुछ ही मिनटों बाद उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चल गईं. हमले में ट्रंप घायल हो गए. उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया.
इसके बाद सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने घटनास्थल को तुरंत घेर लिया. घटना के तुरंत बाद सीक्रेट सर्विस ने स्नाइपर ने हमलावर को ढेर कर दिया. इस रैली में मौजूद चश्मदीद ने पुलिस को हमलावर के बारे में बताया था. ये भी बताया कि उसके पास राइफल है और वह एक बिल्डिंग की छत की ओर गया है. इसके बावजूद उसने कोई एक्शन नहीं लिया.
डोनाल्ड ट्रंप पर जानलेवा हमला
प्रत्यक्षदर्शी ने पुलिस को हमलावर के बारे में बताया था
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रेग स्मिथ नाम के एक प्रत्यक्षदर्शी ने हमलावर के बारे में पुलिस को बताया था. ग्रेग ट्रंप का भाषण सुनने के लिए आए थे. ट्रंप का भाषण शुरू होने के पांच मिनट बाद उन्होंने हमलावर को देखा. उन्होंने बताया कि वह (हमलावर) राइफल के साथ एक बिल्डिंग की तरफ बढ़ रहा है और फिर वह उसकी छत पर चला गया. हमने छत की ओर इशारा करते हुए पुलिसवालों को बताया कि एक शख्स बिल्डिंग की छत पर राइफल के साथ मौजूद है.
गोली लगने के तुरंत बाद USSS ने शूटर को किया ढेर
मगर पुलिसवालों ने मेरी बातों पर ध्यान नहीं दिया या फिर वो छत की ढलान के कारण हमलावर को देख नहीं सके. मैं मन ही मन सोच रहा था कि ट्रंप को मंच से अभी तक हटाया क्यों नहीं गया है, वो बोल क्यों रहे हैं? हालांकि, ट्रंप पर गोली चलने के तुंरत बाद यूएस सीक्रेट सर्विस (US-SS)के एजेंटों ने हमलावर को मार गिराया. ग्रेग इसको ट्रंप की सुरक्षा में चूक मानते हैं. उनका कहना है कि इन छतों पर सीक्रेट सर्विस के लोग मौजूद क्यों नहीं थे? ग्रेग का कहना है कि ट्रंप पर हमला अमेरिकी सीक्रेट सर्विस की विफलता है.

देश
‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिस पर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता ‘मोदी नाम की बीमारी’ से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना
छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में हुआ यह विकास दिखाई नहीं देता।
सत्ता के नशे में आंखें चौंधिया गई हैं: दीपक बैज
केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देरी नहीं की। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा:
“भाजपा के लोग मोदी नामक बीमारी से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। एक तरफ देश में महंगाई आसमान छू रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम
आम जनता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता कह रहे हैं कि विकास हो रहा है।”
‘पेट्रोल पंप जाकर जनता से पूछें विकास की हकीकत’
दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें असल विकास देखना है, तो सिक्योरिटी छोड़कर किसी भी आम पेट्रोल पंप पर जाएं और वहां खड़े आम नागरिकों से पूछें कि देश में कितना विकास हुआ है। जनता खुद उन्हें सच्चाई का जवाब दे देगी। बैज ने आगे कहा कि गिरिराज सिंह को सत्ता का नशा हो गया है, जिसके कारण उनकी आंखें चौंधिया गई हैं और उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
देश
पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।
- महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।
- पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल
पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
- ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।
- संगठन और रणनीति का मिला लाभ
बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।






















