छत्तीसगढ़
रेल कौशल विकास योजना के अंतर्गत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण की सुविधा की शुरुआत

बिलासपुर | आत्म निर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु भारतीय रेल द्वारा रेल कौशल विकास योजना की शुरुआत की जा रही है । इसी तारतम्य में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा कौशल विकास योजना में इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, फिटर एवं मशीनिस्ट आदि ट्रेड की ट्रेनिंग दी जाएगी । 18 से 35 वर्ष के व्यक्ति जिन्होंने हाई स्कूल पास कर रखी हो इस योजना के तहत ट्रेनिंग कर सकते हैं । इसके लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में तीन प्रशिक्षण केंद्र को नामित किया गया है । बेसिक ट्रेनिंग सेंटर, वैगन रिपेयर शॉप रायपुर में फिटर, वेल्डिंग, एवं मशीनिस्ट की ट्रेनिंग दी जाएगी । बेसिक ट्रेनिंग सेंटर, मोतीबाग कारखाना , नागपुर में वेल्डिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी । विद्युत लोको प्रशिक्षण केंद्र उसलापुर बिलासपुर में इलेक्ट्रीशियन की ट्रेनिंग दी जाएगी । जो भी उम्मीदवार इस ट्रेनिंग को प्राप्त करना चाहते हैं उन्हें इन तीनों सेंटरों में से किसी एक संस्थान के लिए आवेदन कर सकते हैं ।
ट्रेड का आवंटन हाई स्कूल के अंको के प्रतिशत पर मेरिट तथा विकल्प के अनुसार किया जाएगा । सीजीपीए को प्रतिशत में बदलने के लिए सीबीएसई के नियमानुसार 9.5 से गुणा किया जाएगा । ज्ञात रहे कि रेलवे केवल ट्रेनिंग के सुविधा उपलब्ध करवा रही है, इस ट्रेनिंग के आधार पर रेलवे में नौकरी के लिए कोई दावा नहीं कर सकता है l यह प्रशिक्षण कुल तीन सप्ताह का होगा जिसमें की 100 घंटे के क्लास लिए जाएंगे। प्रशिक्षण निशुल्क है, लेकिन प्रशिक्षु को अपने रहने खाने-पीने एवं आने जाने की व्यवस्था स्वयं करनी होगी । प्रशिक्षु को किसी भी प्रकार का भत्ता देय नहीं होगा । प्रशिक्षण केवल दिन के समय में ही दिया जाएगा । प्रशिक्षु को प्रशिक्षण के सारे नियम मान्य होंगे । प्रशिक्षुओं को पूरी सुरक्षा के साथ प्रशिक्षण दिए जाने के पूरे प्रयास प्रशिक्षण केंद्र द्वारा किया जाएगा परंतु अपने स्वास्थ्य सुरक्षा और किसी दुर्घटना के लिए प्रशिक्षु स्वयं जिम्मेदार होगा । जो उम्मीदवार इस प्रशिक्षण के लिए चयन होते हैं उन्हें एक हलफनामा प्रस्तुत करना होगा तथा सबसे महत्वपूर्ण बात की प्रशिक्षणार्थियों को प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी को भी दिशा निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा ।रेल कौशल विकास योजना के अंतर्गत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण की सुविधा की शुरुआत
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है















