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छत्तीसगढ़

केन्द्रीय खान एवं कोयला मंत्री ने देश में सबसे पहले खनिज ब्लॉकों की नीलामी की तैयारी शुरू करने पर छत्तीसगढ़ की सराहना की

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रायपुर| केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप खनिज ब्लॉकों की नीलामी के लिए पहल करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है। उन्होंने इसके लिए  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और खनिज विभाग के अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री बघेेल ने बैठक में खनिजों से संबंधित छत्तीसगढ़ के पक्ष का मजबूती के साथ रखा।मुख्यमंत्री बघेल ने केन्द्रीय मंत्री जोशी से बस्तर क्षेत्र में लौह अयस्क आधारित औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने तथा स्थानीय लौह अयस्क आधारित उद्योगों को सुगमता से लौह अयस्क उपलब्ध कराने के लिए बैलाडीला लौह अयस्क खदान-1 को सीएमडीसी के पक्ष में आरक्षित करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में नक्सली समस्या के उन्मूलन के लिए औद्योगिकीकरण एक अच्छा माध्यम हो सकता है। इस पर केन्द्रीय मंत्री द्वारा आवश्यक पहल का आश्वासन दिया गया।

मुख्यमंत्री ने जिला खनिज संस्थान (डीएमएफ) में जिले के प्रभारी मंत्री को पदेन अध्यक्ष बनाए रखने का अनुरोध बैठक में किया। उन्होंने कहा कि समिति में समस्त सांसदों को पदेन सदस्य बनाया जा सकता है। वर्तमान में जिला कलेक्टर को पदेन अध्यक्ष एवं समस्त सांसदगण को पदेन सदस्य बनाये जाने के भारत सरकार खान मंत्रालय के आदेश को उन्होंने संशोधित करने का आग्रह किया है।  केन्द्रीय मंत्री ने इस पर विचार का आश्वासन दिया। केन्द्रीय कोयला मंत्री श्री जोशी द्वारा छत्तीसगढ़ में देश में सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ राज्य के द्वारा निजी कोयला खदानों के ग्रेड निर्धारण हेतु किये गये कार्यो की सराहना की गई तथा एसईसीएल की खदानों में भी ग्रेड निर्धारण का अधिकार राज्य सरकार को देने के छत्तीसगढ़ की मांग पर विचार करने और निकट भविष्य में इस संबंध में सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया गया। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्ष 2014 के पूर्व संचालित निजी कोयला खदानों से सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार वसूल की गई 4100 करोड़ रूपए की राशि छत्तीसगढ़ राज्य को जल्द हस्तातंरित करने का आग्रह किया। केन्द्रीय मंत्री ने इस मुद्दे पर सहमति व्यक्त करते हुए, सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से मार्गदर्शन प्राप्त कर प्रकरण का निराकरण करने का आश्वासन दिया।

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मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ राज्य कोयला धारित प्रदेश है, इसकेे बावजूद राज्य के सार्वजनिक उपक्रम के पास कोई भी कोयला ब्लॉक नहीं है। उन्होंनेे सीएमडीसी के पक्ष में तारा कोल ब्लॉक आबंटन का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि किन्ही कारणों से इस ब्लॉक की अनुपलब्धता की स्थिति में रायगढ़ स्थित डोरेसरा, झारपालम, जरेकेला में से कोई कोयला ब्लॉक आरक्षित किया जाए। केन्द्रीय मंत्री श्री जोशी ने राजनांदगांव के अम्बागढ़ चौकी अन्तर्गत बोदाल क्षेत्र में बेस मेटल के एक्सप्लोरेशन हेतु एनएमईटी के फण्ड का उपयोग करते हुए पूर्वेक्षण करने हेतु एजेंसी का प्रस्ताव केन्द्र को भेजने कहा।


मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेश में संचालित लौह अयस्क के खदानों से लम्प और  फाईन्स अयस्क की रायल्टी दरों में अत्याधिक भिन्नता होने तथा राजस्व में अपेक्षित प्रभाव, अपवंचन के दृष्टिकोण से लौह अयस्क के आरओएम का भी पृथक से रायल्टी दर निर्धारित करने का अनुरोध किया। जिस पर केन्द्रीय मंत्री ने इस विषय वस्तु से संबंधित गठित की गई समिति के समक्ष राज्य को अपना प्रस्ताव प्रेषित करने कहा। इसी अनुक्रम में खान मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित औसत विक्रय मूल्य के स्थान पर नेशनल मिनरल इंडेक्स के प्रस्ताव पर राज्य सरकार का अपना पक्ष रखा गया, जिस पर क्रेन्द्रीय मंत्री द्वारा यह आश्वस्त किया गया कि किसी भी व्यवस्था को लागू किये जाने के पूर्व यह सुनिश्चित किया जायेगा कि राज्य सरकार को किसी प्रकार की राजस्व की क्षति नहीं होगी।

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छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

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बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

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इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

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परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

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छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

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महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

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कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

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Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

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बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

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