छत्तीसगढ़
अंधे कत्ल की गुत्थी कोटा पुलिस ने चंद घंटो में सुलझाया, शराब पीने के दौरान हुए विवाद में की गई थी हत्या

- हत्या के बाद शव को सबूत मिटाने व पहचान छिपाने के लिए बुरी तरह से जलाया गया था
*_ मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि कल दिनांक 09.2. 2022 को जरिए मोबाइल सूचना मिली की कोरी डैम(घोंघा जलाशय) के उलट के पास जंगल में एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा है जिसमें से बदबू आ रही है सूचना पर अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कोटा व थाना कोटा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, जहां पर उपस्थित सूचक राजेश कुमार घृतेश पिता स्वर्गीय छेरकु दास उम्र 50 साल ग्राम लालपुर थाना कोटा ने बताया कि वह वन विभाग में चौकीदारी का काम करता है, दोपहर करीबन 12:00 बजे कोरी डैम के किनारे जंगल तरफ घूम रहा था तभी कुछ दूरी पर सड़न की बदबू आ रही थी, किसी जंगली जानवर के मरे होने के अंदेशा पर जाकर देखा तो एक व्यक्ति का शव गड्ढे में पडा था, जिसे बुरी तरह से जलाया गया था।
शव से बदबू आ रही थी, घटनास्थल पर खून के दाग, एक पत्थर जिसमें खून लगा हुआ था, खाली डिस्पोजल गिलास, खाली शराब की शीशी, पानी पाउच, चाकू व लाल काले रंग की ऊनी टोपी पडा हुआ था। देखने से लग रहा था कि किसी ने मृतक को पत्थर से कुचलकर मारा है एवं सबूत मिटाने के लिए लाश को जलाया है। मौके पर अपराध पंजीबद्ध कर हालात से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया ।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर पारूल माथुर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रोहित झा द्वारा मौके पर मिले साक्ष्य के आधार पर एवं वहां तक जाने वाले रास्ते में लगे सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन करने एवं वहां पड़े शराब की शीशी के आधार पर आसपास के शराब दुकान में सीसीटीवी चेक करने का निर्देश दिए जाने पर मृतक के पास पड़े लाल काले रंग के ऊनी टोपी, शव का फोटो एवं मृतक के चप्पल का फोटो को व्हाट्सएप के जरिए सभी ग्रुपों में शेयर किया गया। जिसके आधार पर कठकोनी निवासी अजय रात्रे ने उक्त वस्तुओं को अपने बेटे का होना पहचान किया, जिन्हें तत्काल मौके पर बुलाया गया, जिनके द्वारा पहचान किए जाने बाद उनसे विस्तृत पूछताछ की गई। पूछताछ पर उन्होंने बताया कि दिनांक 02.02. 2022 को उनका पुत्र अपने गांव के ही दोस्तों के साथ कोटा डैम तरफ घूमने गए था, जहां से उनका लड़का वापस घर नहीं आया था।
उसके दोनों दोस्तों से पूछने पर उनके घर के पास बेटे को छोड़कर जाना बता रहे थे, किंतु उनका लड़का पिछले 7 दिनों से घर वापस नहीं आया था। परिवार वाले आसपास एवं परिजनों के यहां पता तलाश कर रहे थे। पूछताछ के दौरान उनके द्वारा बताए गए सूचना के आधार पर मृतक के दोनों दोस्तों जिनका पूर्व से ही सकरी थाना में अपराधिक पृष्ठभूमि है को हिरासत में लिया गया जिनसे पूछताछ करने पर बताये कि वे लोग दिनांक 02.02.2022 को घूमने के लिए औरापानी बांध एवं कोरी डैम गए थे। कोरी डैम के पास जंगल में शराब पीने के दौरान हुए विवाद में गुस्से में आकर उन दोनों दोस्तों ने मृतक के गले में चाकू से एवं सिर में पत्थर से वार कर हत्या कर दिए, सबूत को नष्ट करने एवं मृतक का पहचान छिपाने के लिए वहां पड़े सूखे पत्तों से एवं साथ में रखें कपड़ों को उसके ऊपर डाल कर माचिस से जला दिए।
*हत्या में शामिल दोनो व्यक्ति अपचारी बालक हैं*
इस पूरी कार्यवाही व अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अनुविभाग कोटा श्री आशीष अरोरा, थाना प्रभारी कोटा, थाना प्रभारी सकरी एवं थाना कोटा व थाना सकरी स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।














