छत्तीसगढ़
उठाईगिरी के दो मामलों में तखतपुर पुलिस को मिली बड़ी सफलता, पढ़ें पूरी खबर

बिलासपुर। बिलासपुर जिले के थाना तखतपुर क्षेत्र अंतर्गत 6 और 9 जनवरी को अज्ञात आरोपियों द्वारा उठाईगिरी की दो घटनाओं को अंजाम दिया गया था जिसमें ठाकुर मेडिकल पुराना बस स्टैंड के पास से ₹30,000 तथा मक्कड़ कंपलेक्स तखतपुर के पास से नकदी रकम ₹1,70,000 पीड़ितों द्वारा गंवा बैठे थे । तखतपुर पुलिस द्वारा अज्ञात आरोपियों पर चोरी का अपराध ( *अप.क्र. 09, 10/2023 धारा 379 आईपीसी*) दर्ज कर अज्ञात आरोपियों की पतासाजी में लग गई ।
सिलसिलेवार हुई वारदातों को गंभीरता से लेकर थाना प्रभारी तखतपुर निरीक्षक सुमंत राम साहू द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को घटना से अवगत कराया गया जिनके मार्गदर्शन पर तखतपुर पुलिस जांच आगे बढ़ाई। थाना प्रभारी तखतपुर के नेतृत्व में अज्ञात आरोपियों की पतासाजी में जुटी पुलिस टीम द्वारा दोनों ही घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए तथा वारदात की समीक्षा किया गया । दोनों ही मामलों में पुलिस को समानता दिखी और दोनों ही वारदातों में पुलिस के हाथ आरोपियों के फुटेज लगे । फुटेज में दिख रहे संदिग्ध युवक-युवतियों की पतासाजी में पुलिस टीम जुट गई ।
मामले की गंभीरता को लेकर पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय बिलासपुर द्वारा जिले के सभी थाना, चौकियों को संदेहियों की पतासाजी का निर्देश देकर अलर्ट कराया गया तथा उठाईगिरी के आरोपियों को पकड़ने ACCU की टीम को भी तखतपुर पुलिस के साथ अज्ञात आरोपियों की पतासाजी के लिए लगाया गया । ACCU टीम बिलासपुर एवं तखतपुर पुलिस द्वारा एसएसपी बिलासपुर शहर राजेंद्र जैसवाल व एडिशनल एसपी ग्रामीण राहुल देव शर्मा एवं एसडीओपी कोटा आशीष अरोरा के मार्गदर्शन पर अपने स्तर पर संदेहियों की सघन पतासाजी की जा रही थी । साथ ही फुटेज में दिख रहे संदेहियों की पतासाजी के लिए अंतराल के जिलों में फुटेज शेयर कर आरोपियों की पतासाजी करने कहा गया । इसी दरम्यान बेमेतरा पुलिस के हाथ एक संदेही बालक आया जिसका हुलिया तखतपुर उठाईगिरी में शामिल लडके से मिलान हो रहा । बेमेतरा पुलिस द्वारा तखतपुर पुलिस को संदेही के संबंध में सूचित कराए जाने पर तखतपुर पुलिस टीम तत्काल बेमेतरा रवाना हुई और संदेही को अभिरक्षा में लिया गया जो *विधि के साथ संघर्षरत बालक* है । अभिरक्षा में लिये गये बालक का तखतपुर पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज से मिलान करने पर उक्त विधि के साथ संघर्षरत बालक का मिलान हुआ जिसे अभिरक्षा में लेकर घटना के संबंध में पूछताछ करने पर आरोपित विधि के साथ संघर्षरत बालक द्वारा अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम देना स्वीकार कर बताया कि इनके गैंग में कुल 5 लोग हैं जिसमें इसके साथ एक और लड़का है तथा एक महिला और दो लड़कियां शामिल है, *सभी राजगढ़ मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं* । छत्तीसगढ़ तथा अन्य राज्यों के शहरों में रुकते हैं उठाईगिरी, चोरी को अंजाम देने कुछ दिन बैंक, बड़े मकान, भवन को टार्गेट कर आसपास रैकी करते हैं और घटना को अंजाम देने के तुरंत बाद वहां से भागकर दूसरे जिले में चले जाते हैं । विधि के साथ संघर्षरत बालक से पूछताछ में उसने तखतपुर के 2 उठाईगिरी के साथ ही बिलासपुर जिले के थाना सिरगिट्टी अंतर्गत शादी भवन में 2 लाख कैश समेत ज्वेलरी, आर्टिफिशियल कुल 3 लाख की चोरी अपने साथियों के साथ करना स्वीकार किया है । अपचारी बालक अंबिकापुर थाना क्षेत्र में भी चोरी की वारदात को अंजाम देना बताया है, अपचारी बालक से अन्य अपराधों की भी जानकारी ली जा रही है । गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की पतासाजी के लिए पुलिस टीम मध्यप्रदेश रवाना किया गया है । अपचारी बालक से उठाईगिरी के बंटवारे में मिले *₹25,000 नगद, पीड़ित का आधार कार्ड, बैंक पासबुक व काला रंग का बैग की जब्ती* की गई है । इस दोनों ही केस में बिलासपुर पुलिस का अन्य जिलों के साथ कोआर्डिनेशन के साथ सीसीटीवी फुटेज की भी अहम भूमिका रही है जिसे देखते हुए पुनः बिलासपुर पुलिस आमजन को अपने संस्थानों, घरों की सुरक्षा के लिए अधिक से अधिक सीसीटीवी लगाए जाने की अपील करता है । उठाईगिरी के सक्रिय अंतर्राज्यीय गिरोह के सदस्य को पकड़ने में ACCU टीम बिलासपुर एवं तखतपुर , कोतवाली बेमेतरा पुलिस की महत्वपूर्ण भमिका रही है ।news
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है


















