छत्तीसगढ़
कोण्डागांव : जिले में स्व सहायता समूह की महिलाएं बना रही हैं गोबर से इमल्शन एवं डिस्टेंपर पेंट
कोंडागांव। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा एक अनूठी पहल करते हुए राज्य में गोबर से प्राकृतिक पेंट निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। गौठानों में महिला स्व सहायता समूहों के द्वारा गोबर पेंट उत्पादन कर आय संवृद्धि किया जा रहा है। जिले के अंतर्गत वर्तमान में इस पेंट का उपयोग सरकारी भवनों, स्कूलों एवं छात्रावासों के पुताई के लिए किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा कलेक्टोरेट बिल्डिंग सहित अन्य भवनों की गोबर पेंट से पुताई की गयी है, जिससे उक्त भवन सुन्दर और आकर्षक परिलक्षित हो रहे हैं ।
गाय के गोबर से निर्मित पेंट निर्माण करने की इकाई राज्य के विभिन्न जिलों में स्थापित की जा चुकी है। इस प्राकृतिक पेंट के इस्तेमाल से न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है साथ ही गौठानों में इसके निर्माण से स्व सहायता समूह की स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिल रहा हैं जिससे उनकी आय में वृद्धि भी हो रही है।कलेक्टोरेट बिल्डिंग सहित अन्य भवनों की गोबर पेंट से हुई है पुताई ज्ञातव्य है कि छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजनान्तर्गत गौठानों में 200 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गोबर खरीदी की जा रही है।
इस गोबर का उपयोग जैविक खाद के अलावा गोबर से पेंट बनाने में किया जा रहा है। कोण्डागांव जिले के मर्दापाल रोड स्थित शहरी गौठान में 26 जनवरी 2023 को गोबर से प्राकृतिक पेंट निर्माण इकाई का लोकार्पण किया गया है। जहां स्व सहायता समूह की 10 महिलाओं द्वारा गोबर से प्राकृतिक पेंट का निर्माण किया जा रहा है। इस समूह की अध्यक्ष श्रीमती मीना विश्वास बताती हैं कि यहां गोबर से डिस्टेंपर एवं इमल्शन पेंट का निर्माण किया जा रहा है।
इस गोबर पेंट उत्पादन इकाई की स्थापना के विगत 3 महीने में ही 7 हजार 368 लीटर से अधिक पेंट का निर्माण किया जा चुका है और अब तक 17 लाख 43 हजार रुपये की 7 हजार 351 लीटर गोबर पेंट का विक्रय किया जा चुका है। इसके साथ ही गोबर पेंट उत्पादन इकाई को लोक निर्माण एवं जिला निर्माण समिति द्वारा गोबर पेंट क्रय हेतु अग्रिम आर्डर दिया गया है।
अब गोबर से प्राकृतिक पेंट निर्माण के फलस्वरूप स्थानीय स्तर पर उपलब्ध गोबर का सदुपयोग कर ज्यादा से ज्यादा युवाओं, महिलाओं और ग्रामीणों को रोजगार प्राप्त हो रहा तथा वे आर्थिक रूप से सशक्त भी हो रहे हैं। इस आयमूलक गतिविधि से जहां इन महिला समूहों की आय में वृद्धि हो रही है वहीं स्कूलों, आश्रम-छात्रावासों सहित शासकीय भवनों तथा आम लोगों के घरों के लिए किफायती दर पर इमल्शन एवं डिस्टेंपर आसानी के साथ सुलभ हो रहा है।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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