Connect with us

छत्तीसगढ़

गर्मियों में पेट के लिए बेहतर है पुदीना, इस तरीके से बनाएं पुदीने की चटनी…

Published

on

Pudina Chutney: पुदीने की पत्तियों में एडाप्टोजेन गुण होते हैं जो गर्मियों के दौरान शरीर को ठंडा करने में मदद करते हैं. इस जड़ी बूटी की ठंडी शक्ति शरीर में गर्मी को कम करने में मदद करती है. घरों में पुदीना की चटनी बनाई जाती है. इसका जायका बढ़ाने के लिए लोग हर तरह से बनाते हैं.

माना जाता है कि पुदीने की चटनी पेट के सेहत के लिए भी अच्छी होती है. पुदीना की चटनी को पेट के स्वास्थ्य के लिए एक गुणकारी औषधि माना गया है. पुदीने की चटनी को केवल स्वाद के लिए बल्कि अनगिनत स्वास्थ्य लाभों के लिए भी पसंद किया जाता है.

यह भी पढ़ें   मुख्यमंत्री बघेल आज बिलासपुर संभाग के युवाओं से करेंगे भेंट मुलाकात, बहतराई इंडोर स्टेडियम में होगा कार्यक्रम

दही पुदीना चटनी

दही पुदीना की चटनी का स्वाद बेहतरीन होता है. दही वाली चटनी न केवल खाने में स्वादिष्ट होती है बल्कि देखने में भी अच्छी लगती है.

आवश्यक सामग्री

3-4 चम्मच दही

1 इंच अदरक

3-4 लहसुन की कली

1 चम्मच जीरा पाउडर

1 चम्मच चाट मसाला

स्वाद अनुसार नमक

1 चम्मच अमचूर पाउडर

1 कप धनिया की पत्तियां

1.5 कप पुदीना की पत्तियां और पानी

बनाने का तरीका

दही पुदीना चटनी बनाने के लिए सबसे पहले एक बाउल लें और उसमें 3-4 चम्मच दही डालें.इसके बाद दही में 1 चम्मच जीरा पाउडर, 1 चम्मच चाट मसाला, 1 चम्मच अमचूर पाउडर और स्वाद अनुसार नमक डालें.अब सभी चीजों को अच्छे से मिला लें.इसके बाद मिक्सी में 1.5 कप पुदीना के पत्ते, 1 कप धनिया के पत्ते, 3-4 लहसुन की कली और 1 इंच कटा हुआ अदरक डाल लें.अब इसे मिक्सी में थोड़े से पानी के साथ पीस लें. अब जब आप इसे पीस लें तो चटनी में दही मिलाएं. चम्मच की मदद से सभी चीजों को अच्छे से मिला लें.लीजिए तैयार है आपकी दही पुदीना चटनी।

यह भी पढ़ें   Bilaspur News: सिम्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों के सराहनीय प्रयासों से एक मनोरोग बालिका न केवल अपने परिवार तक पहुंच पाई बल्कि मानसिक स्थिति में भी सुधार देखा गया।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

Published

on

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

यह भी पढ़ें   बिलासपुर: अज्ञात वाहन की टक्कर से सिविल लाइन थाने में पदस्थ आरक्षक की मौत
Continue Reading

छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

Published

on

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

यह भी पढ़ें   बिलासपुर आयुर्वेद चिकित्सालय के कोविड केयर सेंटर में भर्ती मरीज हुए स्वस्थ, आज अंतिम मरीज हुआ डिस्चार्ज, गिलोय का पौधा भेंटकर दी गई विदाई
Continue Reading

छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

Published

on

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

यह भी पढ़ें   सुकमा : जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 6वीं की प्रवेश चयन परीक्षा 29 अप्रैल को
Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending