Connect with us

छत्तीसगढ़

गोबर के बाद गोमूत्र भी खरीदेगी सरकार, सीएम भूपेश बघेल ने किया ऐलान

Published

on

बलरामपुरः छत्तीसगढ़ के मुखिया भूपेश बघेल इन दिनों भेंट-मुलाकात अभियान के तहत प्रदेश के दौरे पर निकले हैं। आज दूसरे दिन रामानुजगंज रवाना होने से पहले सीएम भूपेश ने बड़ी घोषणा की है। सीएम ने गोबर के बाद गौमूत्र को भी खरीदने का ऐलान किया है। सीएम भूपेश ने आज सुबह राजपुर के रेस्ट हाउस में प्रेस कांफ्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ग्रामीणों की आय के स्तर को ऊपर उठाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। महिलाओं और ग्रामीणों की आय बढ़ाने सरकार ने एक और निर्णय लिया है। अब सरकार गौमूत्र की भी खरीदी करेगी। गौमूत्र को परिष्कृत कर दवाइयां बनाई जाएगी। इससे ग्रमीण इलाके के लोगों को आर्थिक मजबूती मिलेगी।

यह भी पढ़ें   क्षेत्र में अशांति फैलाने वाले फरार बदमाश पर बिलासपुर पुलिस का प्रहार

बता दें कि बुधवार को सीएम भूपेश ने सामरी विस अंतर्गत कुसमी, शंकरगढ़ व बरियों का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने कुसमी नगर पंचायत के सीएमओ को सस्पेंड किया था और कई विकास कार्यों की घोषणाएं की थी। दरअसल, कुसमी नगर की रहने वाली एक महिला ने भेंट-मुलाकात के दौरान सीएम भूपेश से शिकायत की थी कि उनका नाम गरीबी रेखा सूची काट दिया गया है और उनके पास राशन कार्ड नहीं है। महिला का कहना था कि राशन कार्ड बनवाने के लिए उन्होंने कई दफे नगर पंचायत CMO को आवेदन दिया था, लेकिन अभी तक राशन कार्ड नहीं बन पाया है। इस मामले पर सीएम भूपेश ने नाराजगी जाहिर करते हुए नगर पंचायत CMO को सस्पेंड कर दिया था।

यह भी पढ़ें   CG: ब्राउन शुगर बेचने के लिए तलाश रहा था ग्राहक, पुलिस ने दबोचा

शंकरगढ़ में खुलेगा कृषि महाविद्यालय

बुधवार को शंकरगढ़ में मुख्यमंत्री ने आमजनता से भेंट-मुलाकात के दौरान कई बड़ी घोषणाएं की थी। सीएम ने शंकरगढ़ में कृषि महाविद्यालय खोलने की घोषणा की है। उन्होंने जगिमा, पटना होकर कोदोडीपा एनएच-343 के बीच वनभूमि में करीब 7 किमी. सड़क के डामरीकरण, गलफुल्ला नदी में बने पुल की ऊंचाई बढ़ाने, धारानगर से हरिलेटा पहुंच मार्ग पर बिछरी नदी पर पुल निर्माण, ग्राम पोंड़ी खुर्द से जिला जशपुर के ग्राम सुलेशा के बीच दनगरी घाट तक करीब 12 किमी सड़क निर्माण करने का ऐलान किया है।

news

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

Published

on

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ में आज मिले कोरोना के 6015 नए पॉजिटिव मरीज, 4636 मरीज हुए स्वस्थ

इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

यह भी पढ़ें   Bilaspur News: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 68वीं बैठक संपन्न

मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   मुंगेली : सहायक शिक्षक संवर्ग सीधी भर्ती - 2019, अनुपूरक सूची से पात्र पाए गए अभ्यर्थियों की पदांकन सूची जारी

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

news

छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

Published

on

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़: धर्मांतरण के कथित मामले को लेकर आक्रामक हुआ 'भाजपा'

शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

यह भी पढ़ें   Chhattisgarh: चाइल्ड पोर्नोग्राफी केस में 2 गिरफ्तार, Porn Video डाउनलोड कर करते थे शेयर

सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending