Connect with us

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़: कोरोना और ओमिक्रॉन वैरिएंट के संबंध में दिशा-निर्देश जारी

Published

on

रायपुर। राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ में कोविड-19 तथा ओमिक्रान वैरिएंट के संक्रमण से बचाव तथा रोकथाम के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत कोविड अनुरूप व्यवहार का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। इसमें मॉस्क तथा सेनेटाइजर के उपयोग सहित सोशल डिस्टेसिंग पर विशेष ध्यान देने के लिए जोर दिया गया है। इसी तरह कोविड-19 के प्रकरणों के अनिवार्य रूप से जांच तथा सक्रिय प्रकरणों के क्षेत्र में कन्टेनमेंट जोन हेतु पूर्व में जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।

इस तारतम्य में राज्य स्तर पर कोविड-19 महामारी के प्रबंधन हेतु संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जो प्रतिदिन 24 घंटे खुला रहेगा। उक्त राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का दूरभाष क्रमांक 0771-2235091 है। इसी तरह जिला स्तर पर कोविड-19 कंट्रोल रूम को तत्काल सक्रिय करते हुए कंट्रोल रूम का फोन नंबर मीडिया को जारी कर व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि कोविड-19 कंट्रोल रूम में कोविड-19 की जांच, कांटेक्ट ट्रेसिंग, होम आइसोलेशन, हॉस्पिटल एडमिशन एवं कन्टेनमेंट जोन की जानकारी प्रतिदिन तैयार की जाए और शाम 7 बजे तक राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी अनिवार्य रूप से भेजी जाए।

राज्य शासन द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि जिलेवार कोविड-19 की जांच में विशेष ध्यान रखा जाए। जांच का यह कार्य वहां जिले में किसी भी स्थिति में लक्ष्य से कम न हो। जिले में अन्य राज्यों से वायु मार्ग, रेल अथवा सड़क मार्ग से आने वाले व्यक्तियों की जांच हेतु क्रमशः एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड एवं अन्य राज्यों के सीमावर्ती सड़क पर जांच की व्यवस्था कर कोविड-19 जांच किया जाए। प्रत्येक जिले से आरटीपीसीआर जांच में धनात्मक प्रकरणों के 5 प्रतिशत जांच हेतु डब्ल्यूजीएस भुवनेश्वर भेजा जाए।

यह भी पढ़ें   गोधन न्याय योजना : अब तक कुल 1 लाख 84 हजार 842.14 क्विंटल गोबर की हुई खरीदी, 22690 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद का हुआ उत्पादन

जिले में विदेश यात्रा कर आने वाले व्यक्तियों के सैंपल जांच हेतु दिशा-निर्देश के अनुसार धनात्मक आने पर डब्ल्यूजीएस जांच हेतु भेजा जाए। जिले अंतर्गत संचालित समस्त फैक्ट्री एवं कारखानों से इस बाबत प्रमाण पत्र लिया जाए कि उसमें कार्यरत सभी व्यक्तियों की कोविड जांच की जा चुकी है तथा बिना कोविड जांच का कोई भी व्यक्तिउक्त संस्थान में कार्यरत नहीं है। जिस गाँव में कोविड-19 का एक भी सक्रिय प्रकरण है उसे उस प्रकरण के सक्रिय रहने तक कन्टेनमेंट जोन बनाया जाए। इसी प्रकार नगरीय क्षेत्रों में जिस वार्ड में एक भी सक्रिय प्रकरण है, उसे उस प्रकरण के सक्रिय रहने तक कन्टेनमेंट जोन बनाया जाए। कन्टेनमेंट जोन हेतु पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया जावे।

कोविड-19 धनात्मक मरीज का कांटेक्ट ट्रेसिंग कर संपर्क में आने वाले सभी व्यक्तियों की टेस्टिंग की जाए एवं टेस्टिंग रिपोर्ट आने तक हेतु होम क्वारंटाइन किया जावे। सभी धनात्मक प्रकरणों को 14 दिवस के लिए होम आइसोलेशन में रखा जाए। विदेश यात्रा से आने वाले सभी व्यक्तियों को तब तक होम क्वारंटाइन में रखा जाए, जब तक जिले में किये गए जांच में उनके निगेटिव रिपोर्ट ना आ जाए। पॉजीटिव मरीजों के कॉन्टेक्ट्स को तब तक होम क्वारंटाइन में रखा जाए, जब तक जिले में किये गए जांच में उनके निगेटिव रिपोर्ट ना आ जाए। कोविड-19 धनात्मक मरीजों को होम आइसोलेशन में उपचार हेतु पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार व्यवस्था की जाए।

यह भी पढ़ें   मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का जन्मदिन आज, PM मोदी समेत तमाम के बधाइयों का लगा तांता

होम आइसोलेशन में उपचाररत व्यक्तियों की स्वास्थ्य मानिटरिंग के लिए चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाई जावे। होम आइसोलेशन में उपचाररत मरीजों के आवश्यकता अनुसार अस्पतालों में भर्ती रेफेर हेत परिवहन की व्यवस्था की जाए। अस्पतालों में भर्ती किये जाने वाले सभी कोविड-19 मरीजों के लिए विभाग ने एक वेब पोर्टल बनाए जाए। यह पोर्टल शासकीय एवं निजी दोनों अस्पतालों के लिए है। इसमें भर्ती मरीजों की सूची तथा कोविड के लिए उपलब्ध बिस्तरों की जानकारी रियल टाइम में अद्यतन रहती है, इस पोर्टल का उपयोग कर शासकीय एवं निजी अस्पतालों में भर्ती होने वाले कोविड-19 के भर्ती होने वाले मरीजो की जानकारी अद्यतन रखी जाए।

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

Published

on

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

यह भी पढ़ें   मैं हूं जज का करीबी, लगा दूंगा नौकरी, 23 लोगों को बनाया शिकार, हड़प लिए 61 लाख
Continue Reading

छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

Published

on

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

यह भी पढ़ें   गोधन न्याय योजना : अब तक कुल 1 लाख 84 हजार 842.14 क्विंटल गोबर की हुई खरीदी, 22690 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद का हुआ उत्पादन
Continue Reading

छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

Published

on

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

यह भी पढ़ें   मैं हूं जज का करीबी, लगा दूंगा नौकरी, 23 लोगों को बनाया शिकार, हड़प लिए 61 लाख
Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending