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छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक पारित, डॉ रमन सिंह बोले- अर्थी पर अर्थव्यवस्था…

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र का आज 10वां दिन है. विधानसभा की कार्यवाही के दौरान कई बड़े एक्शन लिए गए. साथ ही पक्ष-विपक्ष में सवालों को लेकर जमकर हंगामा हुआ. वहीं इन सबके बीच सदन में छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक 2022 को पारित किया गया. सदन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि रमन सिंह ने अर्थव्यवस्था की अर्थी तक की बात कही थी, इस साल हम सरप्लस बजट में हैं, लेकिन अर्थी किस फ्रस्टेशन में कह रहे हैं, पता नहीं. विधेयक पर चर्चा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि रमन सिंह ने अर्थव्यवस्था की अर्थी तक की बात कही थी. बजट का 80 फीसदी सरकार ने लोन लिया है ये बात बिल्कुल सच है.
झारखंड में 89 फीसदी कर्ज है. उत्तराखंड में 104 फीसदी लोन है. उत्तर प्रदेश में 92 फीसदी, गुजरात में 146 फीसदी, मध्य प्रदेश में 125 फीसदी, हरियाणा 126 फीसदी कर्ज है. अब अर्थव्यवस्था हमारी ठीक है या उनकी. रमन सिंह किस फ़्रस्टेशन में ये कह रहे हैं कि अर्थव्यवस्था अर्थी पर है. ये मैं नहीं जानता. पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह ने तीन हज़ार करोड़ का घाटा का अनुमान बताया था. केंद्र सरकार खुद कहती है कि जीएसटी के अगेंस्ट लोन ले लो. हमने तीन हज़ार करोड़ का लोन लिया. इस साल भी जीएसटी लोन चार हज़ार करोड़ से ज़्यादा है. 2012-2013 के बाद इस साल हमने सबसे कम कर्ज लिया है. महालेखाकार ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस साल का बजट सरप्लस है. ये हमारी उपलब्धि है. इस चिंता से आप मुक्त होइए कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था अर्थी पर है. विनियोग का आकार 1 लाख 12 हज़ार 300 करोड़ है. कुल प्राप्तियां 1 लाख 4 हज़ार करोड़ है. वित्तीय घाटा चार हज़ार छह सौ करोड़. वित्तीय घाटा 3.3 फीसदी करने में हम सफल हुए हैं. राज्य की जीएसडीपी में 11. 35 फीसदी है. जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है. भूमिहीन कृषि मजदूर की राशि बढ़ाकर सात हजार कर दिया है. व्यापमं की परीक्षाओं में लगने वाले शुल्क को हमने माफ किया है. जन घोषणा पत्र बनाने वाले राजा साहब को इतना याद नहीं होगा जितना विपक्ष ने याद कर रखा है. कोरोना आएगा ये हमें नहीं पता था, बावजूद इसके हम वादों को एक एक कर पूरा कर रहे हैं. बीजेपी की तरह नहीं जो कहते थे 15 लाख हर जेब में आएगा.
पुरानी पेंशन योजना हम शीघ्र बहाल करने जा रहे हैं. बढ़ते नशे के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. हुक्का बार संचालित थे. स्कूलों के बगल में हुक्का बार चलता था. आज पुलिस कार्रवाई कर रही है. डॉ कृष्णमूर्ति बांधी कह रहे हैं गाँजा और भांग की दुकानें बढ़ाई जाये, वे इसके लिए केंद्र को चिट्ठी लिख दें या फिर एक आशासकीय संकल्प ले आएँ. पुलिस प्रशासन को चुस्त करने कई ज़िलों में थानों के उन्नयन के लिए 226 नए पदों का सृजन किया जा रहा है. यहां की संस्कृति को बचाने के लिए राजीव युवा मितान के लोग काम करेंगे. कुल ऋण 84 हजार 232 करोड़ रुपये है. सरकार बनने के बाद 42588 करोड़ ऋण लिया गया. जीएसटी की क्षतिपूर्ति की राशि की भरपाई होती तो हमारा ऋण सिर्फ 33886 करोड़ रुपये है. चिटफंड कंपनियों की 18 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है. निवेशकों को पैसे लौटाए जा रहे हैं.
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
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कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है




















