छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़: खुशहाल परिवार ने अचानक कर ली सामूहिक आत्महत्या!
राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले के करमतरा गांव गांव में एक ही परिवार के 4 लोगों ने आत्महत्या कर ली है। इस दिल दहला देने वाली घटना में युवक का शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला है। उसकी बीवी और 2 मासूमों की लाश घर के कुएं में पड़ी मिली है। मामला लालबाग थाना क्षेत्र के करमतरा गांव का है।
पुलिस के मुताबिक घटना मंगलवार की है। जब 32 साल के डोमन साहू का परिवार खेत में धान की मिंजाई करने गया था। घर पर डोमन, उसकी पत्नी वेदिका और तीन, दो साल के दोनों बच्चे काव्या और पीयूष ही थे। अंदाजा लगाया जा रहा है कि इसी दौरान पहले वेदिका अपने दोनों बच्चों को लेकर कुएं में कूदी होगी। इसके बाद ही डोमन ने भी अपने घर से आधा किलोमीटर दूर बने ब्यारे में फांसी लगा ली। डोमन गांव में अपनी बीवी बच्चे, छोटे भाई और उसकी पत्नी के साथ रहता था। अभी आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है।
सबसे पहले दिखा बच्ची का शव
परिजनों को इस बात की जानकारी शाम करीब 5 बजे लगी। डोमन के छोटे भाई की पत्नी घर लौटी। खेत से लौटते ही सबसे पहले घर के पीछे मौजूद कुएं में हाथ पैर धोने गई। वहां पंप का पाइप नहीं दिखने पर उसने भीतर झांका। तब कुएं के अंदर काव्या का शव उसकी डॉल के साथ दिखा। काव्या के शव को देखकर वह चीखते हुए बाहर निकली। फिर आसपास के लोगों व परिवार के दूसरे सदस्यों को घटना की जानकारी हुई। वहीं घर पर वेदिका, पीयूष और डोमन भी नहीं थे। इस पर परिजनों ने तलाशी शुरू की तब डोमन का शव उसके ब्यारे में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला। वेदिका, पीयूष का पता नहीं चल पा रहा था।
खुशहाल था परिवार
डोमन के पड़ोसियों ने बताया कि डोमन काफी सीधा साधा व्यक्ति था। दंपती के बीच किसी तरह के विवाद की जानकारी नहीं है। परिजन ने बताया कि कुएं के करीब 15 फीट नीचे पानी है। पानी निकालने के लिए दो फीट का होल छोड़कर बाकी हिस्सा ढंका हुआ है। आशंका है कि पहले बच्चों को फेंका और उसके बाद स्वयं वेदिका कुएं में कूदी। क्योंकि इतने छोटे से होल से सभी का एक साथ कूदना संभव नहीं है।
शादी को सिर्फ पांच साल हुए
खबर लगते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और वेदिका, पीयूष का भी पता लगाना शुरू किया। फिर जब पुलिस ने काव्या का शव निकालना शुरू किया तब पीयूष और वेदिका के शव भी कुएं में मिले। डोमन ने 2016 में ही वेदिका से शादी की थी। पुलिस ने डोमन के कमरे की भी तलाश ली है। लेकिन सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस परिजनों से भी पूछताछ कर रही है। मगर अब तक कोई ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। एक हंसते-खेलते परिवार के सफाए से गांव में मातम पसरा हुआ है।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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