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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में शादी समारोह में लग सकती है रोक!

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रायपुरः  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कोविड-19 गाइडलाईन के तहत सख्ती से हर संभव उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हमारा मुख्य उद्देश्य कोविड-19 संक्रमण और इससे संबंधित रिस्क को सीमित करना है, न कि आर्थिक गतिविधियों को धीमा करना।

इस संबंध में जारी निर्देश में कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा गया है कि प्रदेश के ऐसे जिले जहां पॉजिटिव रेट 4 प्रतिशत या इससे अधिक है, वहां रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रिकालीन क्लैम्प डाउन लगाया जाए और नॉन कमर्शियल गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। इसके लिए जहां जरूरी हो वहां धारा 144 तथा महामारी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए, जिन जिलों में पॉजिटिव रेट 4 प्रतिशत से ज्यादा है, वहां सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों, पुस्तकालयों, स्वीमिंग पूल और ऐसे सार्वजनिक स्थानों को बंद रखा जाए। ऐसे जिले जहां बीते 7 दिनों में कोरोना पॉजिटिविटी रेट 4% से कम है, वहां कलेक्टर अन्य जिलो के प्रावधान लागू कर सकेंगे।

सभी जिलों में जुलूसों, रैलियों, पब्लिक गैदरिंग, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और खेल आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जहां जरूरी हो वहां धारा 144 तथा महामारी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने को कहा गया है। सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा गया है कि कोविड-19 संक्रमण के नियंत्रण के लिए निजी डॉक्टरों, निजी अस्पतालों, एनजीओ, मीडिया प्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित की जाएं। कोरोना संक्रमण नियंत्रण के उपायों का स्थानीय प्रचार माध्यमों में प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए और नकारात्मक तथा असत्य खबरों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक, चैम्बर ऑफ कामर्स के प्रतिनिधियों, माॅल के मालिकों, थोक विक्रेताओं, जिम, सिनेमा और थिएटर के मालिकों, होटल-रेस्टोरेंट, स्वीमिंग पूल, ऑडिटोरियम, मेरिज पैलेस, इवेंट मैनेजमेंट समूहों के साथ बैठक करके यह सुनिश्चित करें कि इन स्थानों में क्षमता के केवल एक तिहाई लोगों को प्रवेश दिया जाए। ऐसे जिलों में जहां पाॅजिटिव रेट 4 प्रतिशत से अधिक है, वहां इनकी गतिविधियों पर रोक लगाई जाए।

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कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश के सभी एयरपोर्ट पर आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य की जाए। ऐसे व्यक्ति जिन्हें कोविड-19 के दोनो टीके लगाए जा चुके हैं वे यात्रा की तिथि के 72 घंटे की आरटीपीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही एयरपोर्ट पर आने वाले सभी यात्रियों की आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य रूप से की जाए। सभी रेल्वे स्टेशनों और राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की रेन्डम जांच के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को यह निर्देश भी दिए हैं कि जहां आवश्यक हो, वहां कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए माइक्रो या मिनी कंटेनमेंट जोन बनाए जाएं। जहां आवश्यक हो वहां संक्रमितों की पहचान के लिए ट्रेसिंग और ट्रेकिंग की जाए। होम आईसोलेशन वाले संक्रमितों के लिए सप्ताह में सातों दिन 24 घंटे कॉल सेंटर्स को सक्रिय किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में मितानिनों के माध्यम से संक्रमण की स्थिति पर नजर रखी जाए। उन्होंने जिला प्रशासन को हाॅस्पिटल बेड, दवाईयों के स्टॉक, पीएसए प्लांट्स और ऑक्सीजन की उपलब्धता डेली रिपोर्टिंग के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन को यह सुुनिश्चित करने के यह भी निर्देश दिए हैं कि कोरोना की पिछली दो लहर के दौरान सभी शासकीय और निजी अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता की जानकारी रियल टाईम में ऑनलाईन उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने एनजीओ और निजी संगठनों को कोरोना नियंत्रण के उपायों के लिए सहयोग और आवश्यक सामाग्रियों के दान हेतु प्रोत्साहित किया जाए।

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मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक स्थानों, भीड़-भाड़ वाले बाजारों और दुकानों में संक्रमण से बचाव के लिए मास्क के उपयोग को सख्ती से लागू करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं। ऐसे लोग जो मास्क नहीं लगाते हैं उनका पुलिस और नगर निगम के स्टाफ के माध्यम से सख्ती से चालान किया जाए। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकें आयोजित करने तथा शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों को जब तक बहुत जरूरी न हो हवाई यात्रा या रेल से यात्रा नहीं करने को कहा है।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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