छत्तीसगढ़
बिलासपुर: पशु आहार के नीचे छिपाकर रखा गया 12 बोरीयों में 4 क्विंटल 10 किलो गांजा जप्त

‘‘प्रेस विज्ञप्ति‘‘
थाना सिरगिटटी जिला बिलासपुर (छ.ग.)
अपराध क्रमांक 239/2022 धारा 20 बी एनडीपीएस एक्ट
’’ पशु आहार के नीचे छिपाकर रखा गया 12 बोरीयों में 04 क्विंटल 10 किलोग्र्राम गांजा कीमती लगभग 41 लाख रूपये का जप्त।
’’ बिलासपुर जिले मे कई वर्षो बाद अवैध रूप से गंाजा परिवहन करते पाये जाने पर इतनी बडी मात्रा मे जप्ती की पहली कार्यवाही ।
’’ अवैध परिवहन में प्रयुक्त टाटा मिनी ट्रक 1010 क्रंमाक ओ.डी. 15 क्यु 0036 कीमती लगभग 19 लाख रूपये का जप्त ।
’’ बिलासपुर जिले के पुराने तस्कर हरीश साहू एवं विष्णु सोनी के लिए गांजा लाए जाने की स्वीकारोक्ति केेेेेेेे बाद उन्हे भी दस प्रकरण मे बनाया गया आरोपी
नाम आरोपी – अजय राठौर पिता गणेशराम राठौर उम्र 23 वर्ष निवासी कुसमुण्डा थाना चाम्पा जिला जांजगीर चाम्पा।
फरार आरोपी – 1. हरीश साहू 2. विष्णु सोनी
जप्त सामग्री - 04 क्विंटल 10 किलोग्र्राम गांजा कीमती लगभग 41 लाख रूपये एवं टाटा मिनी ट्रक
1010 क्रंमाक ओ.डी. 15 क्यु 0036 कीमती लगभग 19 लाख रूपये कुल 60 लाख रूपये ।
मामले का संक्षिप्त विवरण – बिलासपुर जिले मे अवैध मादक पदार्थाें मे नशीली दवाईओं को पकडने के अभियान के तहत् कल रात वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीमति पारूल माथुर को उनके मुखबीर के द्वारा सूचना दी गई कि भारी मात्रा मे एक सफेद टाटा ट्रक मे अवैध गांजा उडीसा रायगढ की ओर से बिलासपुर जिले मे आ रहा है तत्काल कार्यवाही एवं घेराबंदी करने लिये एसएसपी बिलासपुर द्वारा उनकी क्राईम एवं सायबर उनिट प्रभारी हरविन्दर सिंह को अपनी पुरी टीम लेकर मुखबीर के बताये जगह पर तत्काल घेराबंदी करने के निर्देश दिये जिस पर यूनिट के सभी कर्मचारियों व नारकोटिक्स सेल के उप निरीक्षक व थाना प्रभारी सिरगिट्टी सागर पाठक एवं आरक्षक हेमंत सिंह को लेकर दो टीमे बनाकर सघन वाहन चेकिंग तत्काल प्रारम्भ की गई धूमा तिराहा पर भोर मे लगभग 04.30 बजे मुखबीर के बताये वाहन नं. के अनुसार एक सफेद रंग की टाटा क्रमांक सीजी04जेसी 4014 आते दिखी जिसे रोकवाने का प्रयास किया गया लेकिन ड्राईवर पुलिस को देखकर बैरिकेंट तोडकर गाडी तेजी से फदहाखार रोड की ओर भागने लगो जिसे तत्काल दुसरी टीम द्वारा पूर्व मे नियोजित योजना के अनुसार एक ट्रक अडाकर रोका गया मिनी ट्रक का ड्राईवर कूद कर भागने का प्रयास करने लगा जिसे पुलिस द्वारा गिरफ्त मे लिया गया। पूछताछ मे अपना नाम डाॅ बेहरा पिता त्रिलोचन बेहरा उम्र 48 वर्ष निवासी मार्केटसाही पोस्ट व जिला देवगढ उडीसा का होना बताया एवं ट्रक मे पशु आहार होना व उसे तखतपुर क्षेत्र मे किसी पोल्ट्री फार्म मे छोडने जाना बताया। ट्रक की सघन तलाशी लेने पर पशु आहार की करीब 60 बोरियों के नीचे 12 बोरियों मे 01-01 कि.ग्रा. के पैकेट के शक्ल मे कुल 4 क्ंिवटल 10 कि.ग्रा. गांजा छिपाकर रखा हुआ था। मौके पर पुलिस टीम द्वारा बरामद किया गया। देर सुबह तक चली इस कार्यवाही मे ट्रक का नम्बर सीजी04 जेसी 4014 फर्जी होना पाया गया। ट्रक का असली नम्बर ओडी15क्यु 0036 है। ट्रक मालिक एवं ट्रक सम्बलपुर उडीसा के है। ड्राईवर के फोन नम्बर एवं उससे की गई पूछताछ मे उसने यह कबूल किया कि वह पिछले कई महीनों से हरीश साहू निवासी मोपका व विष्णु सोनी निवासी बलौदा के लिये उडीसा से गांजा ला रहा है। आज भी वह इन दोनों गांजा तस्करों के लिये गांजा लेकर आ रहा था लेकिन पुलिस द्वारा पकडा गया।
इस तरह बिलासपुर पुलिस की इस बडी कार्यवाही मे कुल 04 क्ंिवटल 10 कि.ग्रा. गांजा कीमती लगभग 41,00000/- रूपये का एवं घटना मे प्रयुक्त वाहन टाटा मिनी ट्रक वाहन माॅडल 1010 कीमती लगभग 19,00000/- रूपये का प्रकरण मे जप्त किया गया। उक्त सम्पूर्ण कार्यवाही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कश्यप जो कि एण्टी नारकोटिक्स के मुखिया है के निर्देशन मे एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमति स्नेहिल साहू के मार्गदर्शन मे एण्टी क्राईम एवं सायबर यूनिट के प्रभारी निरीक्षक हरविन्दर सिंह, उप निरीक्षक प्रसाद सिन्हा एवं उनकी पूरी तथा थाना प्रभारी सिरगिट्टी व नारकोटिक्स सेल के उप निरीक्षक सागर पाठक आरक्षक हेमंत सिंह व अतुल सिंह एवं थाना सिरगिट्टी के प्रधान आरक्षक 1339 मनोज राजपूत की द्वारा की गई है।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है


















