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छत्तीसगढ़

बिलासपुर : मनरेगा से लाभान्वित हो रहे किसान, कुएं ने बढ़ाई धान की पैदावार

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बिलासपुर। जिले के कोटा ब्लाक में आदिवासी बाहुल्य अंचल का एक छोटा सा ग्राम पंचायत कुरदर, जहां वीर सिंह अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन जी रहे हैं। उनकी खुशहाली में मनरेगा के तहत कुआं निर्माण की महत्वपूर्ण भूमिका है। कुआं बनने से उन्हें सिंचाई का एक स्थायी साधन मिला और अब वे धान की अच्छी फसल लेकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने निरंतर कार्य कर रहे है। 

 मनरेगा के तहत लाभान्वित हुए किसान वीर सिंह बताते हैं कि बारिश के अलावा उनके पास सिंचाई का कोई साधन नहीं था। धान की फसलों के लिए पानी अमृत के समान होता है। पानी का स्थायी साधन नहीं होने से धान की पैदावार में बहुत फर्क पड़ता था।

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सालभर कड़ी मेहनत करने के बाद भी पौने तीन एकड़ जमीन से केवल 25 से 30 क्विंटल धान की पैदावार हो पाती थी। उनका परिवार बड़ी कठिनाईयों के साथ गुजर बसर कर पा रहा था। उनकी समस्या को देखते हुए रोजगार सहायक ने उन्हें अपनी भूमि पर कुआं निर्माण करवाने की सलाह दी। मनरेगा योजना के तहत उन्हें कुआं निर्माण करवाने के लिए 2 लाख 72 हजार रूपए की राशि स्वीकृत हुई। जिससे उनकी भूमि पर कुआं का निर्माण कराया गया।

कुआं निर्माण के बाद उन्हें पानी का एक स्थायी साधन मिला और बारिश की पानी पर निर्भरता भी समाप्त हो गई। सिंह ने बताया कि कुएं में पर्याप्त पानी होने के कारण फसलों की पैदावार में बढ़ोत्तरी हो रही है। अब उनकी जमीन से 40 से 45 क्विंटल धान की पैदावार होने लगी है। कुछ धान को अपने लिए रख कर बाकी बचे धान को बेचकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहे है। इसके साथ ही अब उन्हें पीने के पानी के लिए भी दूर नहीं जाना पड़ता है। 

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 योजना से मिले लाभ की खुशी जाहिर कर वीर सिंह बताते हैं कि अब उनका परिवार एक खुशहाल जीवन जी रहा है। आर्थिक स्थिति भी अब पहले के मुकाबले बेहतर हो गई है। योजना को वरदान मानने वाले श्री सिंह अब पानी की चिंता से पूरी तरह मुक्त हो गए है।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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