छत्तीसगढ़
भूपेश कैबिनेट की बैठक समाप्त, लिए गए हैं अहम फैसले

रायपुर, छत्तीसगढ़। सीएम भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में निम्नानुसार महत्वपूर्ण लिए गए :-
* अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों में उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु छत्तीसगढ़ राज्य की औद्योगिक नीति 2019-24 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत अन्य पिछड़ा वर्ग के नागरिकों के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में 10 प्रतिशत भूखण्ड आरक्षित किए जाएंगे जो कि भू-प्रीमियम दर के 10 प्रतिशत दर तथा एक प्रतिशत भू-भाटक की दर पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
* राज्य में धान उपार्जन हेतु बड़ी मात्रा में जूट बैग की आवश्यकता को देखते हुए राज्य की औद्योगिक नीति 2019-24 के अंतर्गत ‘‘जूट बैग निर्माण प्रोजेक्ट‘‘ हेतु विशेष निवेश प्रोत्साहन पैकेज देने का निर्णय लिया गया।
* छत्तीसगढ़ राज्य में वृहद, मेगा एवं अल्ट्रा मेगा उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने हेतु राज्य की औद्योगिक नीति 2019-24 के अंतर्गत ‘‘इलेक्ट्रिक व्हीकल एवं लीथियम आयन बैटरीज क्षेत्र‘‘ हेतु विशेष प्रोत्साहन पैकेज देने का निर्णय लिया गया।
* कौशल्या मातृत्व योजना के तहत सामाजिक आर्थिक जनगणना में पात्र हितग्राहियों को द्वितीय संतान बालिका के जन्म पर 5 हजार रूपए की एकमुश्त सहायता राशि प्रदान करने हेतु पात्र हितग्राहियों का निर्धारण एवं योजना क्रियान्वयन की अनुमति प्रदान की गई।
* छत्तीसगढ़ राज्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कोदो, कुटकी एवं रागी का प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति के माध्यम से क्रय करने के निर्णय का अनुमोदन किया गया।
* बैठक में निर्णय लिया गया कि – पांचवी अनुसूची के तहत बस्तर एवं सरगुजा संभाग के जिला स्तरीय एवं संभाग स्तरीय तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों में उद्भूत रिक्तियों पर भर्ती हेतु उक्त संभाग के मात्र स्थानीय निवासी ही पात्र होंगे, जो कि दिनांक 31 दिसंबर 2023 की कालावधि के लिए निरंतर प्रवृत्त रहेगा।
* नगर निगम और उनके निवेश क्षेत्र की संपत्तियों की गाईड लाईन दरों में 30 प्रतिशत के स्थान पर 10 प्रतिशत की छूट में वृद्धि करते हुए 40 प्रतिशत किए जाने का निर्णय लिया गया। इसी तरह उल्लेखित क्षेत्र में पंजीयन शुल्क की दर 4 प्रतिशत की दर में वृद्धि करते हुए 5 प्रतिशत किए जाने का निर्णय लिया गया। यह छूट और वृद्धि विभागीय अधिसूचना जारी होने की तिथि से 31 मार्च 2022 तक प्रभावशील रहेगी।
* छत्तीसगढ़ राज्य की युवा शक्ति को संगठित करने एवं प्रदेश की सामाजिक, सांस्कृतिक, खेल गतिविधियों एवं शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राजीव युवा मितान क्लब योजना को प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया।
* प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वित्तीय वर्ष 2019-20 के राज्यांश राशि 762*81 करोड़ रूपए ऋण के माध्यम से शासकीय गारंटी के रूपए छत्तीसगढ़ रूरल हाउसिंग कार्पोरेशन लिमिटेड को अनुमति प्रदान की गई।
* छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितिकरण अध्यादेश-2022 एवं छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितीकरण नियम-2002 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
* छत्तीसगढ़ अभिवहन (वनोपज) नियम-2001 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जिसमें मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना में निजी क्षेत्र में स्थित वृक्षों की कटाई एवं परिवहन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए अंतर्विभागीय समिति की अनुशंसा के आधार पर 32 प्रकार के वृक्षों के काष्ठ एवं जलाऊ को परिवहन अनुज्ञा पत्र की अनिवार्यता से मुक्त किया गया। इसके साथ ही किसी व्यक्ति के स्वयं के स्वामित्व के बांस की समस्त प्रजातियों को अब 9 जिलों के स्थान पर छ*ग* राज्य के समस्त जिलों में परिवहन की अनुज्ञा पत्र की अनिवार्यता से मुक्त किया गया।
* वाणिज्यिक कर विभाग में उच्च श्रेणी पंजीयन लिपिक और रिकार्ड कीपर को उप पंजीयक के पद पर पदोन्नति हेतु एक जनवरी 2022 की आगामी पदोन्नति में 3 वर्ष की छूट देने का निर्णय लिया गया।
* वाणिज्यिक कर विभाग अंतर्गत रजिस्ट्रीकरण फीस की सारणी में पुनरीक्षण के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
* छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन तथा राजीव युवा मितान क्लब योजना के वित्तीय पोषण के लिए उपकर राशि लिए जाने का निर्णय लिया गया। जिसके तहत रिक्त भूमि के तथा कृषि के प्रयोजन भूमि के अंतरण पर जो विक्रय, दान के रूप में या 30 वर्ष या उससे अधिक अवधि के पट्टे के रूप में या भोग बंधक के रूप में ली जाए, उपकर की राशि भारित होगी।
* स्मार्ट सिटी मिशन अंतर्गत गठित विशेष प्रयोजन यान (एसपीव्ही) रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड एवं बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड की संरचना में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत विशेष प्रयोजन यान के संचालक मण्डल में संबंधित आयुक्त नगर पालिक निगम को संचालक के रूप में रखते हुए रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड एवं बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड में प्रबंध संचालक सह मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद में पदस्थापना सामान्य प्रशासन विभाग से करने का निर्णय लिया गया।
* छत्तीसगढ़ राज्य में वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने हेतु मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन के परिप्रेक्ष्य में निजी क्षेत्र में वृक्षों की कटाई हेतु पूर्व नियमों के संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















