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छत्तीसगढ़

राज्यपाल अनुसुईया उइके ने जल्द ही नक्सलवाद से निजात मिलने की उम्मीद जताई

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रायपुर, एक नवंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके ने राज्य निर्माण दिवस के अवसर पर उम्मीद जताई कि राज्य को जल्द ही नक्सलवाद से मुक्ति मिलेगी।

उइके ने सोमवार को राज्य अलंकरण एवं राज्योत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की उन्नति के लिए शांति जरूरी है।

उन्होंने कहा,‘‘ विगत कई वर्षों से नक्सल हिंसा से छत्तीसगढ़ का कुछ हिस्सा प्रभावित रहा है। इस हिंसा को खत्म करने के लिए साझा प्रयास किए जा रहे है। आशा है कि जल्द ही इस हिंसा से राज्य को मुक्ति मिलेगी और छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की दौड़ में आगे बढ़ेगा।’’

राज्यपाल ने कहा, ‘‘ छत्तीसगढ़ राज्य हर क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। मुझे यह कहते हुए बहुत प्रसन्नता और गर्व की अनुभूति हो रही है कि परमात्मा और प्रकृति ने छत्तीसगढ़ को जो वरदान दिए हैं, छत्तीसगढ़ वासी उन वरदानों को सहेजने और उनसे अपना जीवन संवारने में सफल हुए हैं। मुझे विश्वास है कि हम अपने संसाधनों का संतुलित और बेहतर उपयोग करते हुए सबसे विकसित राज्यों में शामिल होंगे।’’

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उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में आधारभूत संरचनाओं सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध है, शासन द्वारा जनकल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही है। कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए ठोस प्रयास किये जा रहे हैं। जनजातियों के उत्थान एवं कल्याण के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा,‘‘ छत्तीसगढ़ के विकास के लिए एक ठोस धरातल निर्मित हुआ है। इस दौर में राज्य में विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक रूप से भी एक अलग पहचान बनी है। वर्तमान में भी सांस्कृतिक समृद्धि के लिए चहुंमुखी प्रयास किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में संसाधन पर्याप्त है, चाहे वन हो, चाहे खनिज हो या मानव संसाधन हो। संसाधन के दोहन के साथ ही हमें ध्यान रखना होगा विकास का पैमाना क्या हो। विकास भी हो लेकिन प्रकृति के साथ ज्यादा छेड़छाड़ न हो।’’

राज्यपाल ने कहा,‘‘ छत्तीसगढ़ राज्य ने कम समय में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की है, हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रहा है। छत्तीसगढ़ का लिंगानुपात हमारे राष्ट्रीय औसत लिंगानुपात से अधिक है। हमारी बेटियां भी हर क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। छत्तीसगढ़ की एक विशेष बात यह है कि यहां की मातृशक्ति काफी जागरूक है। यहां की स्व-सहायता समूह से जुड़ीं 50 लाख से अधिक महिलाएं स्वयं के साथ-साथ परिवार और समाज को भी सशक्त कर रही हैं।’’

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इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण हो गया था, लेकिन आम लोगों को लग ही नहीं रहा था कि हमारा राज्य बन गया है। छत्तीसगढ़ के किसान, मजदूर, आदिवासी, अनुसूचित जाति, यहां के तीज-त्योहार, परंपरा, संस्कृति, बोली और भाषा को आगे बढ़ाने का कार्य हमारी सरकार के आने के बाद शुरू हुआ।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ लोककला, साहित्य एवं युवा महोत्सव का आयोजन किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि महोत्सव स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर प्रति वर्ष 12 से 14 जनवरी तक आयोजित होगा।

इस अवसर पर राज्यपाल उइके ने छत्तीसगढ़ की विभिन्न विभूतियों को उनकी उपलब्धियों एवं राज्य के विकास में योगदान के लिए राज्य अलंकरण से सम्मानित किया

भाषा संजीव संजीव शोभना

शोभना

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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