छत्तीसगढ़
राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह आयोजन: 56 शिक्षक होंगे सम्मानित, महान साहित्यकारों के नाम पर 4 शिक्षकों को मिलेगा स्मृति पुरस्कार
रायपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल अनुसुईया उइके के मुख्य आतिथ्य में 5 सितंबर 2022 को दोपहर 12.30 बजे से राजभवन के दरबार हॉल में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया है। इस समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल करेंगे और विशिष्ट अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम और संसदीय सचिव भी शामिल होंगे।
उल्लेखनीय है कि, शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में 60 शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें से 56 शिक्षक राज्य शिक्षक सम्मान और 4 शिक्षकों को प्रदेश के महान साहित्यकारों के नाम पर स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। समारोह में राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित 56 शिक्षिकों में से प्रत्येक को 21-21 हजार रूपए और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश के महान विभूतियों की स्मृति में दिए जाने वाले पुरस्कार से सम्मानित होने वाले प्रत्येक शिक्षक को 50-50 हजार रूपए और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
4 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान से नवाजा जाएगा।
शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह में प्रदेश के 4 महान साहित्यिक विभूतियों के नाम पर 4 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान से नवाजा जाएगा। इनमें रायपुर जिले के जेल शिक्षक नेतराम नाकतोड़े को ”डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार”, कांकेर जिले की व्याख्याता मीरा आर्ची चौहान को गजानन्द माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार”, कोरबा जिले के व्याख्याता राकेश टंडन को ”डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार” और महासमुंद जिले के शिक्षक हेमंत कुमार खुटे को ”डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी स्मृति पुरस्कार” प्रदान किया जाएगा।
राज्य शिक्षक पुरस्कार-2021
राज्य शिक्षक पुरस्कार वर्ष 2021 से सम्मानित होने वाले 56 शिक्षकों में से कांकेर जिले की प्रधान अध्यापक नंदिनी प्रभा बाजपेई और व्याख्याता रामप्रसाद नेताम, नारायणपुर जिले के प्राचार्य मनोज कुमार बांगड़े और सहायक शिक्षक एल.बी. रंजीता नाग, जगदलपुर जिले की व्याख्याता पूर्णिमा सरोज और व्याख्याता माधुरी कुशवाहा, दंतेवाड़ा जिले की व्याख्याता टी. विजय लक्ष्मी और व्याख्याता राकेश कुमार मिश्र, कोण्डागांव जिले की सहायक शिक्षक एल.बी. मधु तिवारी और व्याख्याता राजेश पांडेय, बीजापुर जिले के व्याख्याता लम्बाड़ी धनंजय और व्याख्याता एल.बी. मोहन लाल निषाद, बालोद जिले के व्याख्याता एल.बी. भूपेश्वरनाथ योगी और व्याख्याता एल.बी. रघुनंदन गंगबोईर, राजनांदगांव जिले के व्याख्याता एल.बी. बसंत कुमार यादव और शिक्षक एल.बी. इंदिरा चंद्रवंशी, दुर्ग जिले की शिक्षक प्रज्ञा सिंह और शिक्षक रश्मि नामदेव, कबीरधाम जिले के व्याख्याता एल.बी. तुलसराम चंद्राकर और व्याख्याता मनहरण लाल तुर्केले, बेमेतरा जिले के व्याख्याता एल.बी. विकेंश कुमार यादव और शिक्षक एल.बी आनंद कुमार ताम्रकार, महासमुंद जिले के सहायक शिक्षक भोजराज और उ.व.शि.एल.बी. खेमराज साहू, गरियाबंद जिले के शिक्षक कमलकिशोर ताम्रकर और सहायक शिक्षक एल.बी. भागचंद चतुर्वेदी, रायपुर जिले की व्याख्याता डॉ. मीना शर्मा और व्याख्याता सुनील नायक, धमतरी जिले की व्याख्याता मंजूषा साहू और सहायक शिक्षक एल.बी. छगन लाल साहू, बलौदाबाजार जिले के सहायक शिक्षक एल.बी. श्री महेत्तर लाल देवांगन और प्रधान पाठक जान्तीलाल कुर्रे, जांजगीर-चांपा जिले के व्याख्याता एल.बी. कुंज किशोर और सहायक शिक्षक एल.बी. अर्चना शर्मा का नाम शामिल है।
मुंगेली जिले की शिक्षक भी होगे शामिल
मुंगेली जिले की शिक्षक एल.बी. स्वाती पांडेय और सहायक शिक्षक एल.बी. भरत लाल साहू, रायगढ़ जिले के प्रधान पाठक आशीष रंगारी और व्याख्याता रश्मि वर्मा, बिलासपुर जिले की सहायक शिक्षक एल.बी. ज्योति पांडेय और सहायक शिक्षक एल.बी. बलदाऊ सिंह कश्यप, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के सहायक शिक्षक एल.बी. जगदीश आदिले और प्राचार्य गोपाल दास गुप्ता, कोरबा जिले के सहायक शिक्षक एल.बी. नोहर चंद्रा और प्राचार्य बीरभद्र सिंह पैकरा, शिक्षा जिला सक्ती की शिक्षक एल.बी. प्रतिभा यादव और सहायक शिक्षक एल.बी. पुष्पेन्द्र कुमार कश्यप, जशपुर जिले के व्याख्याता सुभाषचंद्र वर्मा और व्याख्याता एल.बी. डमरूधर स्वर्णकार, कोरिया जिले के व्याख्याता एल.बी. चेतनारायण कश्यप और शिक्षक एल.बी. वीरांगना श्रीवास्तव, सूरजपुर जिले की सहायक शिक्षक एल.बी. मीना राजवाड़े और प्रधान पाठक मेराजुद्दीन खान, सरगुजा जिले की शिक्षक एल.बी. अनिता तिवारी और व्याख्याता दीपलता देशमुख, बलरामपुर जिले के व्याख्याता एल.बी. अरबिन्द कुमार गुप्ता तथा व्याख्याता एल.बी. यूधन प्रसाद जायसवाल का नाम शामिल है।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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