Connect with us

छत्तीसगढ़

रायपुर और बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में हवा की क्वालिटी सुधारने अब लगाए जाएंगे स्माॅग टावर

Published

on

रायपुर और बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में हवा की क्वालिटी सुधारने अब नगर निगम के अफसर शहर में स्माॅग टाॅवर लगवाएंगे। दिल्ली, मुंबई और पुणे की तर्ज पर यह एक नया प्रयोग किया जाना है। इसी तरह पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रित करने ई-बसें खरीदी जाएंगी। नए तरह के इस प्रोजेक्ट को जानने-समझने रायपुर और बीरगांव नगर निगम के अधिकारी, इंजीनियर, सब इंजीनियर पुणे स्टडी टूर पर रहे। वहां जाने पर पता उन्हें पता चला कि पुणे में 300 ई-बसें चल रही हैं, जिसका संचालन वहां के म्यूनिस्पिल काॅर्पाेरेशन और पिंपरी चिंचवड म्यूनिस्पिल काॅर्पाेरेशन मिलकर बहुत अच्छे ढंग से कर रहे हैं।

पंद्रहवें वित्त आयोग से रायपुर और बीरगांव नगर निगम को निगम सीमा क्षेत्र में आम जनता को स्वस्थ माहौल देने और वायु प्रदूषण नियंत्रित करने अलग-अलग कंपोनेंट में एकमुश्त राशि मिली है, जिसमें स्माॅग टाॅवर, ई-बस की खरीदी, ठोस अपशिष्ट निष्पादन सहित अन्य तरह के कार्य शामिल हैं। इसी संबंध में ऑल इंडिया लोकल सेल्फ गवर्नमेंट की तरफ से पुणे में 3 दिवसीय स्टडी टूर का कार्यक्रम रखा गया। रायपुर और बीरगांव नगर निगम की 14 सदस्यीय टीम, जिसमें अफसर से लेकर इंजीनियर, सब इंजीनियर तक इसमें शामिल रहे।

यह भी पढ़ें   Bhanupratapur By Election: भाजपा प्रत्याशी ब्रह्मानंद नेताम ने दाखिल किया नामांकन

ई-बस अच्छा कांसेप्ट

स्टडी टूर से लाैटे रायपुर नगर निगम के अपर आयुक्त सुनील कुमार चंद्रवंशी ने हरिभूमि को बताया, पुणे में इस समय 300 ई-बसें लोगों को सुगम परिवहन की सुविधा दिलाने संचालित की जा रही हैं। लोग इसे काफी पसंद कर रहे हैं। इको फ्रेंडली ई-बस का यह प्रोजेक्ट रायपुर शहर में लाने से पहले स्पाॅट पर जाकर हमने इसके बारे में जानकारी ली। एयर क्वालिटी सुधारने का काम हो या सीएंडडी वेस्ट का प्रोजेक्ट, पुणे नगर निगम में यह सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। हमने स्पाॅट विजिट भी किया, नई बातें सीखने व समझने का मौका मिला है। रायपुर शहर में आने वाले समय में इसे धरातल पर लाने का प्रयास किया जाएगा। प्रोजेक्ट के तहत रायपुर नगर निगम 12 ई-बसें खरीदेगा।

यह भी पढ़ें   बिलासपुर: हायर सेकण्डरी पूरक/अवसर परीक्षा हेतु आवेदन 20 अगस्त तक

स्टडी टूर में शामिल रहे सदस्यों ने बताया, पुणे में ई-चार्जिंग स्टेशन देखकर आए। कुछ प्रेजेंटेशन भी इस दौरान वहां के विशेषज्ञों की उपस्थिति में दिए गए, हमारे लिए यह नई बात रही। 7 से 9 दिसंबर तक पुणे स्टडी टूर पर गए दल में अपर आयुक्त सुनील चंद्रवंशी, बीरगांव नगर निगम आयुक्त कीर्तिमान राठौर, कार्यपालन अभियंता विनोद देवांगन, राकेश गुप्ता, सहायक अभियंता निशिकांत वर्मा, योगेश कडू, नितिश झा, फत्तेलाल साहू सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

news

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

Published

on

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

यह भी पढ़ें   कालीचरण महाराज के बयान के विरोध में कांग्रेस का मौन धरना

इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

यह भी पढ़ें   Chhatisgarh :3 ASI समेत 38 आरक्षकों का ट्रांसफर, शहरी थानों में जमे पुलिसकर्मी को भेजे गए ग्रामीण थानों में

मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   CG: जिला अस्पताल से विचाराधीन कैदी फरार, पेशी के दौरान तबियत खराब होने किया गया था भर्ती

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

news

छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

Published

on

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें   यात्रीगण कृपया ध्यान दें! रेलवे ने SECR की 16 ट्रेनों को किया रदद्

शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

यह भी पढ़ें   Bhanupratapur By Election: भाजपा प्रत्याशी ब्रह्मानंद नेताम ने दाखिल किया नामांकन

सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending