छत्तीसगढ़
लूट का आरोपी गिरफ्तार, तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर दिया था घटना को अंजाम

नाम आरोपी:-
रमाकांत सिंह पिता सुरेश सिंह, उम्र 43 वर्ष, सा.उस्लापुर, आसमा सिटी, मकान नं.-154, थाना सकरी, जिला बिलासपुर(छ.ग.)
बिलासपुर। मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी उमेश राम पिता मोती मोची, निवासी-खैरादौहार नौरोडाबाजार जिला पालमू झारखण्ड भारत का थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक घटना 18/08/2022 को रात्रि करीबन 22.30 बजे ट्रेलर वाहन क्रमांक CG13AL 4705 एवं ट्रेलर वाहन क्रमांक CG13AF 7864 का चालक दिलीप उरांव एवं ट्रेलर वाहन क्रमांक CG13AL 6010 का चालक कुलदीप उरांव तीनो ट्रेलर वाहन रायगढ से कोयला लोड कर लोखंउी बिलासपुर आ रहे थे कि तुर्काडीह ब्रिज के पास कार क्रमांक CG10BJ 4330 जिसमे आगे-पीछे पुलिस स्टीकर (लाल-नीला पटटी)लगा हुआ था जिससे तीन अज्ञात लडके आकर हाथ दिखाकर ट्रेलर को रोककर प्रार्थी से बिल्टी एवं 5000 रूपये का मांग करने लगे नही देने पर जबरदस्ती नीचे उतार कर मां बहन की अश्लील गाली गुप्तार कर जान से मारने की धमकी देकर प्रार्थी के शर्ट के सामने जेब मे रखे 21000 रूपये को एवं मेरे साथी ट्रेलर चालक से भी बिल्टी लूट कर भाग गये ।
प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए हालात से उ.म.नि. एवं व.पु.अ. पारुल माथुर को अवगत कराया गया, जिनके द्वारा आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने हेतु आदेशित किया गया, जिस पर अ.पु.अ. शहर राजेन्द्र जायसवाल एवं न.पु.अ. सरकण्डा, स्नेहिल साहू के कुशल मार्गदर्शन एवं उपनिरीक्षक थाना प्रभारी कोनी ओमप्रकाश सिह के कुशल नेतृत्व में विवेचना के दौरान घटनास्थल जाकर आसपास पता तलाश की जा रही थी, मुखबीर से सूचना मिली कि प्रकरण आरोपी रमाकांत सिंह रिवर व्यू कालोनी के आसपास घुम रहा है, की सूचना पर हमराह स्टाफ के दबिश देकर घेराबंदी पर रमाकांत सिंह को पकड़कर थाना लाया गया, जिससे पूछताछ करने पर जुर्म स्वीकार किया तथा लूटे गये बिल्टी की छायाप्रति एवं नगदी 1050 रुपये पेश किया, जिसे गवाहों के समक्ष जप्त कर कब्जा पुलिस लिया गया। आरोपी रमाकांत सिंह को विधिवत् गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है। प्रकरण का अन्य आरोपी सुरेन्द्र कुमार पटेल की पतासाजी की जा रही है ।
विशेष योगदान:-उपनिरीक्षक ओमप्रकाश सिह, सउनि फुलेश्वर सिह सिदार,, आर.1332 समारु लकड़ा, आर.1214 आशीष राठौर, आर.1216 महादेव कुजूर, आर.1357 राकेश साहू।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है


















