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छत्तीसगढ़

सूरजपुर : वर्ष 2024 में पद्म पुरस्कार हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2023 तक

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सूरजपुर। भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष विभिन्न क्षेत्रों में प्रदान किये जाने वाले पद्म पुरस्कार हेतु वर्ष 2024 के लिये भी पात्र व्यक्तियों से निर्धारित प्रारूप में नामांकन प्रस्ताव आमंत्रित किया जा रहा है। वर्ष 2024 में पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री पुरस्कार प्रदान करने हेतु निर्धारित पात्रता एवं मापदंड अनुरूप स्पष्ट अनुशंसा सहित योग्य पात्र व्यक्तियों के नामांकन प्रस्ताव 15 सितंबर 2023 तक ऑनलाईन माध्यम से आमंत्रित किया गया है। पद्म पुरस्कार अर्थात पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है। इस पुरस्कार में उत्कृष्ट कार्य को मान्यता प्रदान की जाती है और इसे सभी क्षेत्रों या विषयों जैसे कला, साहित्य और शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान और इंजीनियरिंग, लोक कार्य, सिविल सेवा, व्यापार और उद्योग आदि में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों या सेवा के लिए प्रदान किया जाता है।

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कोई भी व्यक्ति किसी जाति व्यवसाय, हैसियत या लिंग के भेदभाव के बिना इन पुरस्कारों के पात्र है। पद्म पुरस्कार के लिए नामांकन केवल ऑनलाइन पोर्टल पर ही स्वीकार की जाऐंगे। नामांकन में अनुशंसित व्यक्ति की उससे संबंधित क्षेत्र, विषय में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों का स्पष्ट रूप से उल्लेख करते हुए विवरणात्मक रूप में प्रशस्ति पत्र सहित उपर्युक्त पोर्टल पर उपलब्ध प्रारूप में उल्लेखित सभी प्रासंगिक जानकारी दी जानी चाहिए। ऑनलाइन नामांकन करने की क्रमवार प्रक्रिया उपर्युक्त वेबसाइटwww.padmawards.gov.in पर दी गई है।

अंतिम तिथि के पश्चात् प्राप्त होने वाले नामांकन पर विचार नहीं किये जायेंगे। ऑनलाइन नामांकन पश्चात् जिले के कार्यालय खेल एवं युवा कल्याण विभाग सूरजपुर में नामांकन पत्र की छायाप्रति जमा किया जाना है, जिससे जिले से प्राप्त समस्त प्रस्ताव को एकजाई कर उच्च कार्यालय को प्रेषित किया जा सके। नामांकन की प्रक्रिया एवं पद्म पुरस्कार से संबंधित अधिक जानकारी हेतु भारत सरकार के आधिकारिक वेबसाइटwww.padmawards.gov.in पर उपलब्ध है।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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