छत्तीसगढ़
सेल्फी विद पोस्टर से मुख्यमंत्री भूपेश को उनका वादा याद दिला रहे सहायक शिक्षक

बालोद :अर्जुंदा जिला बालोद के सहायक शिक्षकों ने एक नई परंपरा की शुरुआत की है। वे इन दिनों अनोखे ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। तत्कालीन भाजपा शासन के समय प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रमुख रहे वर्तमान में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विपक्ष में रहते हुए जो बयान दिया था उसे सहायक शिक्षकों ने अपना माध्यम बनाया हुआ है। उल्लेखनीय है कि विपक्ष में रहते हुए तत्कालीन कांग्र्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने बयान दिया था कि भाजपा सरकार के फैसले से वर्ग एक एवं दो को ही लाभ होगा, वर्ग तीन के साथ धोखा हुआ है। वर्ग 3 के साथ वेतन विसंगति है, सहायक शिक्षकों के साथ धोखा हुआ है। अब कांग्रेस शासन के मुखिया बनने के तीन साल बाद भी जब सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर नहीं हुई, तो प्रदेश के सहायक शिक्षक छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के बैनर तले 11 दिसंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन पर हैं। इस दौरान वे तब के प्रमुख विपक्षी दल के नेता के रुप में दिए गए भूपेश बघेल के बयान का पोस्टर बनवाकर उसके साथ सेल्फी ले रहे हैं और सोशल मीडिया में पोस्ट कर रहे हैं। पोस्टर में भूपेश बघेल से अपना वादा याद करने को कहा जा रहा है।
मुख्यमंत्री बनने के 3 साल बाद भी पूरा नहीं किया वादा
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के जिला अध्यक्ष देवेंद्र हरमुख ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जब विपक्ष में थे तो उन्होंने कहा था कि सहायक शिक्षकों के साथ धोखा हुआ है और हमारी सरकार आती है तो हम इसे सबसे पहले पूरा करेंगे, इनकी विसंगति दूर करेंगे, परंतु आज उनकी सरकार आने और स्वयं मुख्यमंत्री बनने के 3 साल बाद भी उन्होंने अपना वादा पूरा नहीं किया। इसलिए यह सेल्फी विद पोस्टर उन्हें याद दिलाने के लिए कि हम सहायक शिक्षक अब भी उनके वादे को नहीं भूले हैं और उम्मीद करते हैं कि वह जल्द से जल्द हमारी मांगों को पूरा करेंगे। जिलाध्यक्ष देवेंद्र हरमुख ने कहा कि सेल्फी विथ पोस्टर का जो अभियान गुंडरदेही से शुरू हुआ है वह पूरे प्रदेश में सहायक शिक्षक अपनाएंगे और सभी सहायक शिक्षक इसके साथ सेल्फी लेकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट में पोस्ट करेंगे, ताकि हम अपनी आवाज आम लोगों तक भी पहुंचा सकें, कि हम यह हड़ताल मुख्यमंत्री को उनका वादा याद दिलाने के लिए कर रहे हैं।
ब्लाक मुख्यालय में किया प्रदर्शन, आज राजधानी रायपुर में जुटेंगे सहायक शिक्षक
गुरूर। ब्लॉक मुख्यालय में सहायक शिक्षकों ने मांग पूरी नहीं होने पर विकासखड स्तरीय धरना प्रदर्शन किया गया। अब 13 दिसंबर को सभी शिक्षक अपनी उपस्थिति रायपुर में विधानसभा का घेराव के लिए देंगे।
संघ अध्यक्ष नारायण साहू ने कहा कि सरकार ने हमारी मांगों को पूरा करने के लिए 3 माह का समय मांगा था और उनके द्वारा एक कमेटी गठन किया गया था, वेतन विसंगति के बातों को समझने और सुलझाने के लिए, जिसका समय पूरा हो चुका है। सरकार के द्वारा वेतन विसंगति को दूर करने के लिए कोई पहल नहीं की गई। इसी के चलते सभी सहायक शिक्षक अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए 11 एवं 12 दिसंबर को ब्लॉक स्तरीय धरना प्रदर्शन किया। अब 13 दिसंबर को पूरे प्रदेश के सभी सहायक शिक्षक संघ रायपुर में विधानसभा घेराव के लिए जाएंगे। यदि 13 तारीख तक मांग पूरी नहीं की गई, तो 14 दिसंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन पर चले जाएंगे। हड़ताल में उपाध्यक्ष भोज राम सिन्हा, सचिव मदन साहू, कोषाध्यक्ष मोहन सिन्हा उपस्थित थे। सभा का संचालन का शशि अग्रवाल ने किया।
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।
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