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होली पर मौसम ने बदला रंग, दिल्ली में बादल, मुंबई समेत इन राज्यों में होगी बारिश

देश की राजधानी दिल्ली में होली के दिन यानी आज बादल छाए रहने का अनुमान हैं. वहीं न्यूनतम तापमान 14 डिग्री और अधिकतम तापमान 31 डिग्री दर्ज रहने की उम्मीद है. राजधानी में मंगलवार सुबह न्यूनतम तापमान 14.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. आईएमडी ने दिन में शहर के आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के आसार जताए हैं. बता दें कि सोमवार को न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, जो सामान्य से दो डिग्री अधिक है.
इसके अलावा मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मौसम विभाग ने महाराष्ट्र, राजस्थान समेत कई राज्यों में बारिश की संभावना जताई है. मध्य भारत और पश्चिम भारत से जुड़े इलाकों में गरज के साथ बारिश का अनुमान जताया गया है. साथ ही विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश में मौसम साफ रहेगा.
महाराष्ट्र में दो दिनों तक बारिश की संभावना
जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र में दो दिनों तक बारिश होने की संभावना है. उत्तर महाराष्ट्र के नासिक और धुले जिले सहित अन्य हिस्सों में मंगलवार को ओलावृष्टि के कारण फसलों को नुकसान पहुंचा. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में सोमवार को बेमौसम बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली. एक अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि ठाणे और पुणे जिले के बीच स्थित मालशेज घाट क्षेत्र में एक दिन पहले गरज के साथ भारी बारिश हुई.
Mumbai: Thunderstorms accompanied by lightning and light spells of rain with gusty winds reaching 30-40 kmph are very likely to occur at isolated places during the next 3-4 hours: IMD, Mumbai
— ANI (@ANI) March 7, 2023
बारिश से लोगों को गर्मी से राहत
इससे पहले, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को सुबह महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे और अहमदनगर जिलों में दोपहर तक आंधी आने और मध्यम स्तर की बारिश होने की चेतावनी जारी की थी. आईएमडी के एक अधिकारी ने कहा कि मुंबई में कुछ देर की बारिश से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली. उन्होंने बताया, मुंबई में पिछले चार दिनों से अधिकतम तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही थी, लेकिन बेमौसम बारिश के कारण पारे में गिरावट दर्ज की गई. दादर, मलाड, गोरेगांव और अंधेरी सहित कई इलाकों में हल्की बारिश हुई.
बारिश और ओलावृष्टि के साथ तेज आंधी
शिमला और आसपास के इलाकों में मंगलवार दोपहर बारिश तथा ओलावृष्टि के साथ तेज आंधी चली. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि उच्च वेग वाली बर्फीली हवाएं चलीं, जिससे पारे में तेज गिरावट आई. उन्होंने बताया कि सुबह साफ मौसम था लेकिन दिन चढ़ने के साथ आसमान में बादल छा गए. एक घंटे से अधिक समय तक आंधी चलती रही. उन्होंने बताया कि मशोबरा, शिमला और कुफरी में क्रमश: पांच मिलीमीटर, दो मिमी और एक मिमी बारिश दर्ज की गई.
राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश
राजस्थान के कई हिस्सों में बीते 24 घंटों के दौरान मेघ गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुयी और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि दर्ज की गई. मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान सबसे अधिक बारिश कोटा के चेचट में 25 मिमी, बांसवाड़ा के भूंगरा में 15 मिमी, पाली के जवाई बांध में 14 मिमी, बांसवाड़ा के सज्जनगढ़ में 12 मिमी, बागीदौरा में 11 मिमी, झालावाड़ के पिड़ावा में 11 मिमी, कोटा के मंडाना में 10 मिमी, झालावाड़ के पचपहाड़ में 10 मिमी, बांसवाड़ा के सलोपत में 10 मिमी, पाली के सुमेरपुर में 10 मिमी और अन्य कई इलाकों में नौ मिमी से लेकर 1 मिमी तक बारिश दर्ज की गई.
ओलावृष्टि होने की भी संभावना
विभाग ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बारिश के साथ ओले भी पड़े. जयपुर मौसम केन्द्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आज एक प्रेरित परिसंचरण तंत्र राज्य के दक्षिणी भागों के ऊपर बना हुआ है. उन्होंने बताया कि इसके प्रभाव से बीकानेर, जोधपुर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, कोटा व उदयपुर संभाग के कुछ भागों में हल्के से मध्यम बारिश होने, कहीं-कहीं अचानक 30-40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने तथा एक-दो स्थानों पर ओलावृष्टि होने की भी संभावना है.
हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना
उन्होंने बताया कि आज इस तंत्र का असर पूर्वी राजस्थान के अधिकांश भागों में बना रहेगा. इस दौरान जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा संभाग के जिलों में मेघ गर्जन के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. वहीं नौ मार्च से राज्य में अगले तीन-चार दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा. विभाग के अनुसार इस दौरान राज्य के अधिकांश इलाकों में अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस से लेकर 29.7 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया वहीं न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस से लेकर 21 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया.
देश
‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिस पर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता ‘मोदी नाम की बीमारी’ से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना
छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में हुआ यह विकास दिखाई नहीं देता।
सत्ता के नशे में आंखें चौंधिया गई हैं: दीपक बैज
केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देरी नहीं की। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा:
“भाजपा के लोग मोदी नामक बीमारी से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। एक तरफ देश में महंगाई आसमान छू रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम
आम जनता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता कह रहे हैं कि विकास हो रहा है।”
‘पेट्रोल पंप जाकर जनता से पूछें विकास की हकीकत’
दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें असल विकास देखना है, तो सिक्योरिटी छोड़कर किसी भी आम पेट्रोल पंप पर जाएं और वहां खड़े आम नागरिकों से पूछें कि देश में कितना विकास हुआ है। जनता खुद उन्हें सच्चाई का जवाब दे देगी। बैज ने आगे कहा कि गिरिराज सिंह को सत्ता का नशा हो गया है, जिसके कारण उनकी आंखें चौंधिया गई हैं और उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
देश
पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।
- महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।
- पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल
पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
- ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।
- संगठन और रणनीति का मिला लाभ
बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।





















