देश
30 दिसंबर राशिफ़ल: जानिए कैसा होगा आपका आज का दिन

मेष राशि- मन प्रसन्न रहेगा। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। धैर्यशीलता में भी कमी आएगी। धार्मिक संगीत के प्रति रुझान बढ़ सकता है। आय में सुधार होगा। मानसिक शांति रहेगी, लेकिन आत्मविश्वास में कमी रहेगी।
वृष राशि- किसी अज्ञात भय से परेशान हो सकते हैं। बातचीत में संयत रहें। नौकरी में कार्यक्षेत्र में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। पिता को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। खर्चों की अधिकता रहेगी। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। कारोबार में कठिनाइयां आ सकती हैं। यात्रा के योग बन रहे हैं।
मिथुन राशि- मन परेशान रहेगा। संयत रहें। व्यर्थ के क्रोध या आवेश से बचें। कारोबार में कठिनाइयां आ सकती हैं। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। सन्तान की ओर से सुखद समाचार मिल सकता है। शैक्षिक एवं शोधादि कार्यों में सफलता मिलेगी। पिता को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। आय वृद्धि के स्रोत विकसित हो सकते हैं।
कर्क राशि- क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा के मनोभाव हो सकते हैं। आशा-निराशा के भाव मन में रहेंगे। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। धैर्यशीलता में कमी रहेगी। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। वाहन सुख में वृद्धि होगी। भवन या संपत्ति में निवेश कर सकते हैं। मित्रों से भेंट होगी।
सिंह राशि- संयत रहें। धैर्यशीलता में कमी आ सकती है। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। किसी पुराने मित्र से भेंट हो सकती है। सुस्वादु खानपान में रुचि बढ़ेगी। संचित धन में वृद्धि होगी। कला एवं संगीत के प्रति रुझान बढ़ सकता है। वाणी में कठोरता का प्रभाव हो सकता है। पिता को स्वास्थ्य विकार रहेंगे।
कन्या राशि- आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। कार्यों का विस्तार होगा। रहन-सहन अव्यवस्थित हो सकता है। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा के भाव रहेंगे। पारिवारिक समस्याएं परेशान कर सकती हैं। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा।
तुला राशि- मन में शान्ति एवं प्रसन्नता रहेगी। शैक्षिक एवं शोधादि कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। किसी पैतृक सम्पत्ति से धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं। परिश्रम की अधिकता रहेगी। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा। स्थान परिवर्तन भी हो सकता है। आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहेंगे।
वृश्चिक राशि- बातचीत में संयत रहें। परिवार में व्यर्थ के आपसी वाद-विवाद से बचें। मित्रों का सहयोग मिलेगा। संचित धन में कमी आएगी। कारोबार के लिए यात्रा पर जा सकते हैं। यात्रा लाभप्रद रहेगी। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। सन्तान को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा।
धनु राशि- शैक्षिक या बौद्धिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ सकती है। परिश्रम अधिक रहेगी। सन्तान के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। मित्रों का सहयोग मिलेगा। कार्यक्षेत्र में परिश्रम की अधिकता रहेगी। आत्मसंयत रहें। क्रोध एवं आवेश के अतिरेक से बचें। धर्म के प्रति श्रद्धाभाव रहेगा। खर्चों की अधिकता रहेगी।
मकर राशि- संयत रहें। मानसिक शान्ति के लिए प्रयास करें। किसी मित्र से कारोबार का प्रस्ताव मिल सकता है। आय में वृद्धि होगी। खर्च भी अधिक रहेंगे। परिवार में धार्मिक संगीत के कार्यक्रम हो सकते हैं। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। कला एवं संगीत के प्रति रुझान बढ़ेगा।
कुंभ राशि- आत्मसंयत रहें। क्रोध एवं आवेश के अतिरेक से बचें। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। पिता का साथ रहेगा। अनियोजित खर्चों में वृद्धि होगी। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकते हैं। आत्मविश्वास में कमी आएगी। स्वभाव में चिड़चिड़ापन रहेगा। पारिवारिक जीवन कष्टमय रहेगा।
मीन राशि- आत्मविश्वास में कमी आएगी। मन परेशान हो सकता है। परिवार का साथ मिलेगा। कारोबार में लाभ के अवसर मिलेंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। खर्चे अधिक रहेंगे। जीवनसाथी को स्वास्थ्य विकार हो सकता है। माता से धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं। रहन-सहन में असहज रहेंगे।
देश
‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिस पर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता ‘मोदी नाम की बीमारी’ से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना
छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में हुआ यह विकास दिखाई नहीं देता।
सत्ता के नशे में आंखें चौंधिया गई हैं: दीपक बैज
केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देरी नहीं की। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा:
“भाजपा के लोग मोदी नामक बीमारी से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। एक तरफ देश में महंगाई आसमान छू रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम
आम जनता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता कह रहे हैं कि विकास हो रहा है।”
‘पेट्रोल पंप जाकर जनता से पूछें विकास की हकीकत’
दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें असल विकास देखना है, तो सिक्योरिटी छोड़कर किसी भी आम पेट्रोल पंप पर जाएं और वहां खड़े आम नागरिकों से पूछें कि देश में कितना विकास हुआ है। जनता खुद उन्हें सच्चाई का जवाब दे देगी। बैज ने आगे कहा कि गिरिराज सिंह को सत्ता का नशा हो गया है, जिसके कारण उनकी आंखें चौंधिया गई हैं और उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
देश
पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।
- महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।
- पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल
पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
- ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।
- संगठन और रणनीति का मिला लाभ
बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।



















