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छत्तीसगढ़

58 फीसदी आरक्षण को लेकर CGPSC का बड़ा फैसला

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बिलासपुर। आरक्षण को लेकर दायर एक याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य लोक सेवा आयोग ने रिक्त पदों के लिए बीते दिनों आयोजित साक्षात्कार की प्रक्रिया को निलंबित कर दिया है। पीएससी ने इस साक्षात्कार के परिणाम जारी नहीं करने का फैसला लिया है। बदली हुई परिस्थिति में मुख्य परीक्षा की चयन सूची नए सिरे से जारी की जाएगी।

हाईकोर्ट की डबल बेंच ने राज्य शासन द्वारा आरक्षण 58 प्रतिशत की जारी की गई अधिसूचना को रद्द करते हुए इसे असंवैधानिक करार दिया था। जिसके बाद बीते 20 सितंबर से होने वाली सभी चयन प्रक्रिया में अभ्यर्थियों का परिणाम यथावत रखा गया था। इसी बीच राज्य पीएससी ने शुक्रवार 30 सितंबर को विभिन्न 171 पदों के लिए आरक्षण के पुराने रोस्टर के आधार पर साक्षात्कार आयोजित किया था। इसे बिलासपुर निवासी अभ्यर्थी सत्येन्द्र सिंह ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। याचिका में कहा गया कि आयोग पुराने रोस्टर के आधार पर चयन प्रक्रिया कर रहा है, जो कि अवैधानिक है। मामले में जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई, इस दौरान पीएससी ने साक्षात्कार प्रक्रिया निलंबित करने की बात कही। बदली हुई परिस्थिति में पीएससी अपनी मुख्य परीक्षा की चयन सूची भी 50 प्रतिशत आरक्षण रोस्टर के आधार पर जारी करेगी जो कि, फिलहाल 58 प्रतिशत के आधार पर निर्धारित की गई थी।

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बता दें, कि राज्य प्रशासनिक सेवा के 171 पदों के लिए पीएससी ने दिसंबर 2021 में विज्ञापन जारी किया था और मई 2022 में मुख्य परीक्षा आयोजित की गई थी। जिसमें 509 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए पात्र घोषित किए गए थे।

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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