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छत्तीसगढ़

अटल यूनिवर्सिटी का 5वां दीक्षांत समारोह 31अगस्त को… राज्यपाल, मुख्यमंत्री होंगे शामिल

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अटल यूनिवर्सिटी का 5वां दीक्षांत समारोह 31अगस्त को… राज्यपाल, मुख्यमंत्री होंगे शामिल…

अटल बिहारी वाजपेयी विश्ववि‌द्यालय का 5वां दीक्षांत समारोह 31 अगस्त को आयोजित होगा। इस समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल एवं कुलाधिपति रमेन डेका करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अति विशिष्ट अतिथि होंगे एवं अपना आशीर्वचन प्रदान करेंगे। दीक्षांत समारोह वक्ता न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा, न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय शामिल होंगे। इसके अलावा कार्यक्रम में केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक अमर अग्रवाल, विधायक धरमलाल कौशिक, विधायक धरमजीत सिंह, विधायक सुशांत शुक्ला, विधायक अटल श्रीवास्तव, विधायक दिलीप लहरिया, छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी विशिष्ट अतिथि होंगे। विश्ववि‌द्यालय के कुलपति, आचार्य डॉ. अरूण दिवाकर नाथ वाजपेयी विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे।

स्वर्ण पदक और शोधार्थियों को मिलेगी उपाधि…

इस समारोह में सत्र 2022-23 के विभिन्न संकायों में प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले कुल 64 विषयों में विद्यार्थियों को कुल 92 स्वर्ण पदक दिये जायेंगे, जिनमें 28 दानदाताओं द्वारा प्रदत्त स्मृति स्वर्ण पदक भी शामिल है। पी. एच.डी के 48 शोधार्थियों को उपाधि प्रदान की जायेगी। सभी संकाय में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की कुल संख्या 35291

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30 अगस्त को दोपहर 12:00 बजे दीक्षांत समारोह का रिहर्सल होगा। जिसमें पी. एच.डी. उपाधि तथा गोल्ड मेडल पाने वाले वि‌द्यार्थी सम्मिलित होंगे। प्रदेश में यह प्रथम ऐसा विश्ववि‌द्यालय है जिसमें 02 से 10 मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को प्राविण्य सूची प्रमाण-पत्र दिये जायेंगे। दीक्षांत समारोह के आयोजन के लिए वाटरप्रूफ डोम विश्ववि‌द्यालय परिसर में तैयार किया जा रहा है।

दीक्षांत समारोह- 2024

विश्वविद्यालय स्वर्ण पदकों की संख्या …

महिला 51

पुरुष – 13

दानदाता स्वर्ण पदकों की संख्या..

28

स्वर्ण पदकों की संख्या

92

उपाधियों की संख्या

(प्रथम स्थान प्राप्त के अतिरिक्त शेष) महिला- 380 पुरूष 197 (कुल 577)

पीएच.डी. उपाधियों की संख्या

महिला 33 पुरूष 15 (कुल 48)

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शिक्षण विभा में अध्ययनरत् ऐसे 04 निर्धन छात्र जिन्होंने विज्ञान संकाय में सर्वोच्च अंक प्राप्त किया है, को Poor and Merit Scholarship के अंतर्गत् रू. 9000/- (प्रति छात्र) प्रदाय किया जायेगा।

01 दक्षांत समारोह के प्रथम सत्र में कुल 92 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक दिया जायेगा जिसमें एक दिव्यांक छात्रा भी सम्मिलित है।

02 प्रथम सत्र में ही 48 पीएच.डी. धारकों को भी उपाधि प्रदत्त किये जायेंगे।

03 दीक्षांत समारोह के द्वितीय सत्र में प्रथम स्थान प्राप्त डिप्लोमाधारी के अतिरिक्त शेष छात्र-छात्राओं को कुल 577 उपाधियां प्रदत्त की जाएगी।

04 दीक्षांत पूर्वाभ्यास दिनांक दिनांक 30.08.2024 को दोपहर 12 बजे आयोजित है। इस हेतु स्वर्ण पदक धारक एवं पीएच.डी. धारकों को प्रातः 10 बजे उपस्थित होने हेतु निर्देशित किया गया है।

05 द्वितीय सत्र में सम्मिलित होने वाले उपाधि धारकों को पूर्वाभ्यास कार्यक्रम में सम्मिलित होने हेतु अधिसूचित नहीं किया गया है।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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