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सीएम बघेल आज इन जिलों को देंगे लगभग 685 करोड़ रूपए की लागत के 244 कार्यों की सौगत

रायपुर| मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 8 जून को राजधानी रायपुर में अपने निवास कार्यालय में दोपहर 12 बजे आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में दुर्ग और बालोद जिले को लगभग 685 करोड़ रूपए की लागत के 244 कार्यों की सौगत देंगे। मुख्यमंत्री इसमें से दुर्ग जिले में 285 करोड़ 87 लाख रूपए की लागत के 57 कार्यों का और बालोद जिले में 399 करोड़ 32 लाख रूपए की लागत के 187 विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इन कार्यों में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं और अधोसंरचना विकास के कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री दुर्ग जिले के लिए 261 करोड़ रुपए लागत के 30 कार्यों का भूमिपूजन तथा 24 करोड़ 78 लाख रुपए के 27 कार्यों का लोकार्पण तथा बालोद जिले के लिए 97 करोड़ 06 लाख रूपए लागत के 66 विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण और 302 करोड़ 26 लाख रूपए लागत से बनने वाले 121 विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। दुर्ग जिले का कार्यक्रम वहां के बीआईटी सभागार तथा बालोद का कार्यक्रम स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल आमापारा के ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री दुर्ग जिले के कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ भी हितग्राहियों को प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री बघेल दुर्ग जिले में जिन कार्यों का भूमिपूजन करेंगे उनमें 100 करोड़ रुपए की लागत से अंडा से मिनीमाता चौक तक सड़क चौड़ीकरण एवं उन्नयन कार्य, 78 करोड़ रूपए की लागत के जामुल से नंदिनी-अहिवारा तक बनने वाली 21 किलोमीटर लंबी सड़क, 12 करोड़ रूपए की लागत का ननकट्टी-दनिया-बोरी-पुरदा-लिटिया मार्ग, 11 करोड़ रूपए की लागत के इंजीनियरिंग पार्क से एकता नगर मुक्तिधाम तक सड़क निर्माण के कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री जलजीवन मिशन के तहत 12 करोड़ 49 लाख की लागत के पाइपलाइन विस्तार के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन करेंगे।
मुख्यमंत्री बघेल डूंडेरा, भिलाई-3 एवं बटरेल में 47 लाख रुपए की लागत से निर्मित 3 नवीन औषधालय भवनों का, पथरिया और रौंदा में 68 लाख रुपए की लागत से बने हाईस्कूल भवनों का लोकार्पण, दुर्ग के 50 सीटर पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास का लोकार्पण, भिलाई में पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास, कन्या छात्रावास तथा पिछड़ा वर्ग के बालक तथा कन्या छात्रावास का भूमिपूजन करेंगे। शिक्षा विभाग से संबंधित इन कार्यों की लागत लगभग 9 करोड़ रुपए है। भिलाई-चरौदा में अधोसंरचना विकास- मुख्यमंत्री श्री बघेल नगर पालिक निगम चरौदा में 5 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से जीई रोड से श्रीराम सिटी पदुम नगर तक सड़क चौड़ीकरण, साथ ही विश्व बैंक कालोनी में मिनी स्टेडियम निर्माण, हथखोज ट्रांसपोर्ट नगर में आश्रय स्थल निर्माण एवं उमदा में सामुदायिक भवन का लोकार्पण करेंगे।
मुख्यमंत्री दुर्ग जिले में विद्युत कंपनी के 51 लाख रुपए के कार्यों का लोकार्पण भूमिपूजन भी करेंगे। इसमें 36 लाख रुपए के अमलेश्वर में 132/33 के.वी. उपकेन्द्र के कार्य का भूमिपूजन और पाटन उपकेन्द्र में अतिरिक्त ट्रासफार्मर की स्थापना, पाटन में फीडर बे के कार्य तथा पुलगांव में अतिरिक्त ट्रासफार्मर की स्थापना एवं खम्हरिया में 33/11 उपकेन्द्र की स्थापना जैसे 14 लाख रुपये के कार्यों का लोकार्पण करेंग। मुख्यमंत्री बघेल बालोद जिले में 97 करोड़ 06 लाख रूपए लागत के 66 विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण और 302 करोड़ 26 लाख रूपए लागत से बनने वाले 121 विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री बालोद जिले के लिए जिन कार्यों का लोकार्पण करेंगे, उसमें 24 करोड़ 25 लाख रूपए लागत की बालोद आवर्धन जलप्रदाय योजना, 16 करोड़ 01 लाख रूपए लागत की लागत से निर्मित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डौण्डी, 13 करोड़ 74 लाख रूपए लागत के 12 जी टाईप, 96 एच टाईप क्वाटर्स, 04 करोड़ 80 लाख रूपए लागत से निर्मित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल आमापारा बालोद, 02 करोड़ 60 लाख रूपए लागत के ग्राम पटेली के तांदुला नदी पर निर्मित एनीकट आदि कार्य प्रमुख रूप से शामिल हैं।
मुख्यमंत्री बघेल बालोद जिले के लिए जिन कार्यों का भूमिपूजन करेंगे, उसमें 40 करोड़ 74 लाख रूपए लागत से अवारी कुंआगोंदी आमाडुला मार्ग का उन्नयन, 23 करोड़ 15 लाख रूपए लागत के गुण्डरदेही बायपास मार्ग (खल्लारी) से मड़ियापार मार्ग का निर्माण, 13 करोड़ 01 लाख रूपए लागत के भंवरमरा से मंगचुवा-कर्रेझर सड़क निर्माण, 11 करोड़ 05 लाख रूपए लागत के आमाडुला-सिंघोला से बेलोदा-गोड़पाल-मुल्लेगुड़ा सड़क निर्माण, 10 करोड़ 57 लाख रूपए लागत के कुसुमकसा से पण्डेल सिंघनवाही सड़क निर्माण आदि कार्य प्रमुख रूप से शामिल हैं।
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Iran Israel war: ईरान के खार्ग पर ताबड़तोड़ हमले, ट्रंप की डेडलाइन पूरी होने से पहले ही US-इजरायल का अटैक
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खार्ग द्वीप पर हमले के बाद चेतावनी देते हुए कहा कि अब संयम खत्म हो चुका है. आईआरजीसी ने चेताते हुए कहा कि अगर हमले ऐसे ही जारी रहे तो अमेरिका और उनके सहयोगी देशों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को टारगेट किया जा सकता है.

Iran Israel war: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं. वह ईरान को लगातार अल्टीमेटम दे रहे हैं. उनके नए अल्टीमेटम की मियाद खत्म होती नजर आ रही है. इस बीच खबर है कि ईरान के खार्ग द्वीप पर ताबड़तोड़ हमले हुए हैं.
मेहर न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के ऑयल हब खार्ग द्वीप पर मंगलवार को ताबड़तोड़ हवाई हमले हुए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, खार्ग पर एक के बाद एक हमले किए जा रहे हैं.
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खार्ग द्वीप पर हमले के बाद चेतावनी देते हुए कहा कि अब संयम खत्म हो चुका है. आईआरजीसी ने चेताते हुए कहा कि अगर हमले ऐसे ही जारी रहे तो अमेरिका और उनके सहयोगी देशों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को टारगेट किया जा सकता है. इससे वर्षों तक इस क्षेत्र में तेल और गैस संकट बाधित हो सकता है.
होर्मुज स्ट्रेट पर ट्रंप की डेडलाइन नजदीक, वेस्ट एशिया में कूटनीतिक हलचल तेज
बता दें कि यह हमला ऐसे समय पर हुआ है, जब एक दिन पहले ही ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ईरान में फंसे अमेरिकी एयरमैन के रेस्क्यू ऑपरेशन की डिटेल जानकारी दी थी. ईरान जंग को छह हफ्ते का समय हो गया है.
इससे पहले पिछले महीने भी अमेरिका ने खार्ग द्वीप पर हमला कर ईरान के सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया था. इन हमलों में ईरान के नौसेना माइन स्टोरेज और मिसाइल बंकर नष्ट कर दिए गए जबकि तेल प्रतिष्ठानों का बाल भी बांका नहीं किया.
इस द्वीप को इसके आइसोलेशन की वजह से फॉरबिडन आइलैंड भी कहा जाता है. ट्रंप ने पहले भी खार्ग द्वीप पर हमले की धमकी दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर होर्मुज में जहाजों पर हमले नहीं रुके तो खार्ग में तेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जाएगा.
बता दें कि खार्ग द्वीप ईरान का मुख्य तेल निर्यात टर्मिनल है. यहां से ईरान के 90 फीसदी तेल का एक्सपोर्ट होता है. इसकी स्टोरेज क्षमता लगभग तीन करोड़ बैरल है.
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Maharashtra चुनाव: इन 49 सीटों पर कांटे की टक्कर, उद्धव और शिंदे में कौन किस पर रहेगा भारी?

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। प्रदेश में 20 नवंबर को मतदान होगा और 23 नवंबर को नतीजों का ऐलान किया जाएगा। इस बार की चुनावी जंग महायुति और महा विकास अघाड़ी के बीच होने जा रही है, जहाँ दोनों गठबंधनों के नेता एक-दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं।
चुनावी स्थिति
शिवसेना के दो धड़ों के बीच भी मुकाबला देखने को मिल रहा है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाला गुट और एकनाथ शिंदे का गुट दोनों ही खुद को असली शिवसेना बताकर लोगों से वोट मांग रहे हैं। खासकर 49 सीटों पर यह कांटे की टक्कर देखी जा रही है, जिनमें 19 सीटें मुंबई के मेट्रोपोलिटन इलाकों में आती हैं और 12 सीटें शहर की हैं।
2022 में शिवसेना का विभाजन
जून 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद, एकनाथ शिंदे ने कई विधायकों के साथ एनडीए में शामिल होकर मुख्यमंत्री बनने में सफलता प्राप्त की थी। वहीं, उद्धव ठाकरे और कुछ विधायक महा विकास अघाड़ी में बने रहे। अब कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर उद्धव सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रहे हैं।
उद्धव ठाकरे पर अपने पिता बालासाहेब ठाकरे की विरासत को बचाने का दबाव भी है। शिंदे का आरोप है कि उद्धव ने कांग्रेस के साथ जाकर अपने पिता के विचारों को धोखा दिया है। इस चुनाव में यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता किसे अपना समर्थन देती है।
चुनावी रणनीतियाँ
उद्धव ठाकरे: उद्धव ने उन 40 सीटों पर जीतने की रणनीति बनाई है, जहां से विधायक जीत के बाद शिंदे के साथ चले गए थे। उनके लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे अपने गढ़ को सुरक्षित रखें।
एकनाथ शिंदे: शिंदे का दावा है कि यदि महायुति की जीत होती है, तो मुख्यमंत्री वे ही होंगे। उन्हें अपनी पार्टी का जनाधार बढ़ाने और पिछली जीत को दोहराने की चुनौती का सामना करना होगा।
प्रमुख मुकाबले
ठाणे की कोपरी पांचपखाड़ी सीट: यहाँ शिंदे को कड़ी टक्कर मिल रही है, जहाँ उद्धव गुट ने आनंद दिघे के भतीजे केदार को मैदान में उतारा है।
वर्ली सीट: उद्धव ने यहाँ अपने बेटे आदित्य को चुनावी मैदान में उतारा है, जो मिलिंद देवड़ा से मुकाबला कर रहे हैं।
निष्कर्ष
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में यह 49 सीटें न केवल उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि इन सीटों पर जीत या हार दोनों ही नेताओं के भविष्य का निर्धारण करेगी। सियासी दांव-पेंच और जनता की सोच इस बार के चुनाव में निर्णायक साबित होगी।
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अवैध शराब विक्रेताओं पर थाना कोटा पुलिस की कार्यवाही

बिलासपुर: थाना कोटा पुलिस ने अवैध शराब विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने गनियारी स्थित कपूर तालाब से 1000 किलो से अधिक महुआ लहान को नष्ट कर दिया है और 10 लीटर कच्ची महुआ शराब भी जब्त की है।
गिरफ्तार आरोपियों में गौरी वर्मा, निवासी गनियारी, और जयप्रकाश रात्रे, निवासी लोकबंद शामिल हैं। जिला पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह (भापुसे) ने ऑपरेशन चेतना के तहत नशे के अवैध कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गनियारी में एक महिला अवैध रूप से हाथभट्ठी से कच्ची महुआ शराब बना रही है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गौरी वर्मा से 3 लीटर कच्ची महुआ शराब, जिसकी कीमत 600 रुपये थी, जब्त की और धारा 34(01) आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।
वहीं, ग्राम लोकबंद निवासी जयप्रकाश रात्रे से 7 लीटर कच्ची महुआ शराब, जिसकी कीमत 1400 रुपये थी, जब्त की गई और उन्हें धारा 34(02) आबकारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
रेड कार्यवाही के दौरान गनियारी के कपूर तालाब में शराब बनाने के लिए रखे 1000 किलो से अधिक महुआ लहान/पाश को मौके पर ही नष्ट किया गया। बिलासपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है और आम जन से नशा उन्मूलन में सहयोग की अपील की है।
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